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बजट 2026: मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर से निकलेंगी नई नौकरियां?

रीतिका रॉयटर्स, एएनआई
१ फ़रवरी २०२६

भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. इस बजट में सरकार ने देश के उत्पादन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए कई नए ऐलान किए हैं.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
भारत के नए बजट में देख के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए कई नए प्रस्ताव रखे गए हैं. इसमें मैन्यूफैक्चरिंग के सात सेक्टरों को लेकर कई घोषणाएं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की हैं.तस्वीर: Kabir Jhangiani/ZUMA Press Wire/IMAGO

भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-2027 का केंद्रीय बजट पेश किया. इस बजट में देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर कई नई घोषणाएं की गईं. सीतारमण ने वैश्विक संकटों के बीच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को केंद्र में रखते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव रखे हैं. उनकी नई घोषणओं के मुताबिक यह बजट खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ढांचागत सुधार लाने के नाम रहेगा. साथ ही यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक में निवेश बढ़ाने पर केंद्रित होगा.

मोदी सरकार हर साल भारत में वर्कफोर्स का हिस्सा बनने वाले करोड़ों लोगों को रोजगार देने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को जीडीपी के 20 फीसदी हिस्से से 25 फीसदी तक ले जाने में लगातार चुनौतियों का सामना करती आई है. भारत की अर्थव्यवस्था में मौजूदा वित्त वर्ष में 7.4 फीसदी की बढ़त देखी गई है और वहीं महंगाई दर 2 फीसदी के आस पास रहने की संभावना है. साथ ही, चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4% रहने की उम्मीद है.

सात मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों को आगे बढ़ाने की घोषणा

सीतारमण ने यह भी कहा है कि सरकार मौजूदा वित्त वर्ष में रेयर अर्थ, सेमीकंडक्टर, फार्मा, केमिकल, कैपिटल गुड्स, टेक्सटाइल और स्पोर्ट्स गुड्स के सेक्टर में उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता देगी. इसके साथ ही देश के करीब 200 'लिगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर' को भी फिर से शुरू करने की योजना पर काम करेगी.

भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए बजट में अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. साथ ही 'बायोफार्मा शक्ति' नामक योजना का प्रस्ताव भी रखा गया है. इसके अलावा, उपकरणों और सामग्रियों के उत्पादन के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए केंद्रीय बजट में 40,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने करने का प्रस्ताव रखा गया है.

भारत में ब्रह्मोस की असेंबलिंग करता एक कर्मचारी
मोदी सरकार हर साल भारत में वर्कफोर्स का हिस्सा बनने वाले करोड़ों लोगों को रोजगार देने के लिए मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत बनाने की योजनाएं लेकर आई है.तस्वीर: Yevgeny Pakhomov/TASS/dpa/picture alliance

सीतारमण ने बजट में रेयर अर्थ को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने रखे. भारत के खनिज-समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में खनन, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर भी बनाए जाएंगे. राज्यों में तीन केमिकल पार्क बनाए जाने के लिए भी एक योजना का प्रस्तावित की गई है.

इसके अलावा अगले पांच सालों में 10,000 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ वैश्विक स्तर पर कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाया जाएगा. इसके साथ ही सरकार ने कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को सुधारों पर केंद्रित बजट कहा है. उन्होंने कहा कि अगले आने वाले 25 साल भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए समर्पित रहेंगे. इस आर्थिक विकास को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने मूलभूत संरचनाओं पर भी 12.2 खरब रुपये खर्च करने की बात कही है.

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