रूसी कब्जे वाले परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले की सूचना:आईएईए
३१ मई २०२६
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से कहा है कि रूसी कब्जे वाले दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर एक ड्रोन से हमला हुआ है. यह यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है और इस पर रूसी सैनिकों ने 2022 में युद्ध के शुरुआती दिनों में ही कब्जा कर लिया था. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने एक्स पर लिखा कि रूसी प्रबंधन वाले इस संयंत्र के अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि शनिवार, 30 मई को एक ड्रोन टरबाइन की इमारत से टकराया, जिससे "कथित तौर पर उसकी दीवार में एक छेद हो गया."
रूसी मीडिया ने सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसातोम का एक बयान जारी किया है, जिसमें यूक्रेन पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया गया है. वहीं यूक्रेन ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है.
युद्ध सीमा के पास है यह परमाणु संयंत्र
मॉस्को और कीव ने बार-बार एक-दूसरे पर दक्षिणी यूक्रेन में फ्रंटलाइन के करीब मौजूद इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाने और परमाणु खतरा पैदा करने के आरोप लगाए हैं. आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रोसी के हवाले से एजेंसी ने एक्स पर लिखा कि "संयंत्र से या उसके खिलाफ किसी भी तरह का हमला नहीं होना चाहिए. परमाणु केंद्रों पर हमला करना आग से खेलने जैसा है."
मौजूदा रूसी प्रबंधक कंपनी रोसातोम के सीईओ अलेक्सी लिकाचेव ने रूसी मीडिया से कहा, "आज, हम एक ऐसी घटना के एक कदम और करीब आ गए हैं जिससे वे लोग भी प्रभावित हो सकते हैं जो रूस और यूक्रेन की सीमाओं से बहुत दूर रहते हैं." रोसातोम ने कहा कि इस हमले से मशीन रूम की दीवार में एक छेद हो गया लेकिन मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
यूक्रेन का जवाब
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इन आरोपों को खारिज किया है. मंत्रालय ने कहा, "यूक्रेन अपने ही क्षेत्र में स्थित अपने खुद के परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला क्यों करेगा, जिसे वह खुद अपने नियंत्रण में वापस लेना चाहता है." यूक्रेन की सरकारी परमाणु निगरानी एजेंसी ने कहा है कि रूस ने जिस नुकसान का दावा किया है, उसकी पुष्टि एक दीर्घकालिक निगरानी मिशन के हिस्से के तौर पर जापोरिज्जिया संयंत्र में मौजूद आईएईए के विशेषज्ञों की ओर से की जानी चाहिए.
संयंत्र चला रहे रूसी प्रबंधन ने बाद में कहा कि कीव ने रविवार को इस संयंत्र के ट्रांसपोर्ट हब को निशाना बनाया था, जहां कर्मचारियों को ले जाने वाले वाहनों को रखा जाता है. सोशल मीडिया पर कहा गया कि ड्रोन हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई, साथ ही छह बसें और दो मिनी बसें तबाह हो गई हैं. रूसी कब्जे वाले जापोरिज्जिया में अधिकारियों ने अप्रैल में भी यूक्रेन पर एक हमला करने का आरोप लगाया था, जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि उसमें एक ट्रांसपोर्ट कर्मचारी की मौत हो गई थी.