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पाकिस्तान ने कहा, सऊदी को परमाणु कार्यक्रम भी उपलब्ध

आमिर अंसारी एएनआई, रॉयटर्स | विवेक कुमार एएफपी, एपी
प्रकाशित १९ सितम्बर २०२५आखिरी अपडेट १९ सितम्बर २०२५

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पाकिस्तान की बैलिस्टिक मिसाइल नस्र
तस्वीर: Anjum Naveed/AP Photo/picture alliance
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जर्मन पादरी ने की अनिवार्य ब्रह्मचर्य की शर्त खत्म करने की अपील को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

जर्मन पादरी ने की अनिवार्य ब्रह्मचर्य की शर्त खत्म करने की अपील

रोम स्थित वेटिकन
कैथलिक पादरियों के लिए ब्रह्मचर्य एक अनिवार्य शर्त हैतस्वीर: Christopher Furlong/Getty Images

जर्मनी में रोमन कैथोलिक बिशप कार्ल-हाइंत्स वीजमान ने एक अपील की है कि पादरियों के लिए अनिवार्य ब्रह्मचर्य की शर्त को आसान किया जाए. कैथोलिक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में वीजमान ने कहा, “मैं चाहता हूं कि पादरियों के लिए ब्रह्मचर्य की अनिवार्य शर्त को हटाया जाए.”
वेटिकन अब भी इस बात पर जोर देता है कि पादरी और नन विवाह से दूर रहें और यौन संबंध न रखें. साथ ही चर्च में महिलाओं को पादरी बनाने की अनुमति नहीं है. वीजमान का कहना है कि ब्रह्मचर्य निस्संदेह एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक जीवन पद्धति है, लेकिन “पूरी तरह से मसीह और उनकी चर्च को समर्पित होना विवाह के भीतर भी संभव है और इससे अन्य पहलू सामने आ सकते हैं.”

यूक्रेन के रंग में रंगा अलास्का


उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जर्मनी में चर्च कई अच्छे लोगों को खो रहा है, जो ब्रह्मचर्य का पालन नहीं कर सकते. यही कारण है कि कई लोग पादरी बनने की राह से पीछे हट जाते हैं. वीजमान ने एक नया सुझाव भी रखा कि “अस्थायी ब्रह्मचर्य” की नीति अपनाई जा सकती है.  उनके अनुसार, पादरियों से स्थायी ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा लेने से पहले अस्थायी ब्रह्मचर्य का चरण रखा जा सकता है. उन्होंने कहा, “हम देख रहे हैं कि अक्सर पांच या दस साल बाद ही समस्याएं शुरू होती हैं. अगर पहले एक अस्थायी ब्रह्मचर्य रखा जाए तो अंतिम निर्णय लेना आसान होगा और इससे ब्रह्मचर्य का महत्व भी और बढ़ेगा.”

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अमीर भारतीय किन चीजों पर खर्च करते हैं पैसा को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

अमीर भारतीय किन चीजों पर खर्च करते हैं पैसा

रोलेक्स की घड़ियां
रोलेक्स की घड़ियांतस्वीर: AFP/Getty Images/F. Coffrini

मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया वेल्थ रिपोर्ट 2025 भारत के धनी परिवारों की तेजी से वृद्धि पर प्रकाश डालती है, जो 2021 से लगभग दोगुनी होकर 8,71,700 हो गई है. मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया इंडेक्स (एमबीएचएक्स) और लग्जरी कंज्यूमर सर्वे 2025 के साथ जारी की गई इस रिपोर्ट में मुंबई को देश की "करोड़पति राजधानी" बताया गया है, जहां 1.42 लाख धनी परिवार हैं. इसके बाद दिल्ली (68,200) और बेंगलुरु (31,600) का स्थान है. महाराष्ट्र 1.78 लाख करोड़पति परिवारों के साथ राज्यों में सबसे आगे है.

हुरुन के विश्लेषकों का कहना है कि अमीर लोग अब सिर्फ गहनों और कारों जैसे पारंपरिक स्टेटस सिंबल पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपनी संपत्ति को जीवनशैली में सुधार और वैश्विक आकांक्षाओं में भी विविधता ला रहे हैं.

लक्जरी घर और रियल एस्टेट: हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (एचएनआई) मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में लक्जरी रियल एस्टेट को तरजीह दे रहे हैं, और गोवा और हिमालयी क्षेत्र में दूसरे घरों का चलन भी बढ़ रहा है. हॉलिडे विला और ब्रैंडेड आवासों में निवेश बढ़ा है.


सर्वे में शामिल लोगों ने बताया उनके पसंदीदा ब्रैंड्स में रोलेक्स है, वहीं एक्सेसरीज में लुई वितों और गुची टॉप पर हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 55 फीसदी उत्तरदाताओं के पास एक से अधिक कारें हैं, जिनमें से लगभग 40 फीसदी हर 3-6 साल में अपग्रेड करते हैं, और लगभग 40 प्रतिशत छह साल से अधिक समय तक कार रखते हैं.

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फ्रांस ने चेताया, अंतरिक्ष में बढ़ रही हैं युद्धक गतिविधियां को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

फ्रांस ने चेताया, अंतरिक्ष में बढ़ रही हैं युद्धक गतिविधियां

एक जापानी उपग्रह की सिम्युलेटेड तस्वीर
कई देश सैन्य उपग्रह स्थापित कर रहे हैंतस्वीर: JAXA/Xinhua/IMAGO

फ्रांस के शीर्ष सैन्य अंतरिक्ष अधिकारी मेजर जनरल विंसेंट शुजो ने चेतावनी दी है कि अंतरिक्ष में शत्रुतापूर्ण और असहज गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर रूस की ओर से. उन्होंने कहा कि 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद ऐसी गतिविधियों में उल्लेखनीय उछाल आया है.
शुजो के अनुसार, रूस उपग्रहों को बाधित करने के लिए कई जामिंग, लेजर और साइबर हमलों जैसी तकनीकें अब आम हो गई हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध ने यह स्पष्ट कर दिया है कि “अंतरिक्ष अब पूरी तरह से एक परिचालन क्षेत्र बन चुका है.”
चीन को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई. चीन अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर खर्च करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और शुजो के शब्दों में उसकी क्षमताएं “हर दिन चौंकाने वाली प्रगति कर रही हैं”, चाहे नए उपग्रह तारामंडल हों या नए तरीकों की कार्रवाई.


सिर्फ फ्रांस ही नहीं, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देश भी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि उपग्रहों पर बढ़ते खतरे से न केवल सैन्य ढांचा बल्कि अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है, बैंकिंग से लेकर ऊर्जा प्रबंधन तक. कनाडा के सैन्य अंतरिक्ष प्रमुख ने हाल ही में कहा था कि अब कक्षा में 200 से अधिक एंटी-सैटेलाइट हथियार मौजूद हैं.
जर्मनी ने भी घोषणा की है कि वह 2029 तक बहु-कक्षीय उपग्रह तारामंडल तैयार करेगा और अपनी राष्ट्रीय प्रणालियों की रक्षा के लिए अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करेगा.
 

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वर्ल्ड एथलेटिक्स में आठवें नंबर पर रहे नीरज चोपड़ा को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

वर्ल्ड एथलेटिक्स में आठवें नंबर पर रहे नीरज चोपड़ा

भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन काफी खराब रहातस्वीर: Tobias Lackner/Beautiful Sports/IMAGO

टोक्यो में हुई वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के जेवलिन थ्रो फाइनल भारत के लिहाज से निराशाजनक रहा. ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और आठवें स्थान पर रहे, जबकि पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम दसवें स्थान पर रहे.
भारत के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन सचिन यादव ने किया, जो शानदार थ्रो के बावजूद चौथे स्थान पर रहे और पदक से थोड़े अंतर से चूक गए.

फाइनल के बाद नीरज चोपड़ा ने एक्स पर अपनी निराशा और भविष्य की तैयारी पर जोर देते हुए लिखा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सीजन का अंत इस तरह होगा, खासकर टोक्यो जैसी जगह पर. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह अनुभव उन्हें और मजबूत बनकर लौटने की प्रेरणा देगा.


नीरज ने सचिन यादव की तारीफ करते हुए लिखा कि वह यादव के प्रदर्शन से खुश हैं और मेडल जीतने वाले केशोर्न वाल्कोट, एंडरसन पीटर्स और कर्टिस थॉम्पसन को बधाई दी.
 

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474 और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों को सूची से हटाया गया को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

474 और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों को सूची से हटाया गया

चुनाव आयोग
चुनाव आयोगतस्वीर: MIRKO KUZMANOVIC/Pond5 Images/IMAGO

चुनाव आयोग (ईसी) ने शुक्रवार, 19 सितंबर को कहा कि उसने पिछले छह वर्षों में चुनाव ना लड़ने सहित अन्य मानदंडों का उल्लंघन करने के कारण 474 और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को सूची से हटा दिया है. इस प्रक्रिया के पहले चरण में, चुनाव आयोग ने 9 अगस्त को 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों  को सूची से हटा दिया था.

चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, "इसी क्रम में, दूसरे चरण में, ईसीआई द्वारा लगातार छह वर्षों तक आयोजित चुनावों में भाग ना लेने के आधार पर, 18 सितंबर को 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटा दिया गया. इस प्रकार, पिछले दो महीनों में 808 आरयूपीपी को सूची से हटा दिया गया है."

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मशहूर गायक जुबीन गर्ग की स्कूबाडाइविंग हादसे में मौत को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

मशहूर गायक जुबीन गर्ग की स्कूबाडाइविंग हादसे में मौत

असम के दिग्गज गायक और सुपरस्टार जुबीन गर्ग का सिंगापुर में निधन हो गया है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह स्कूबा डाइविंग के दौरान हादसे का शिकार हुए. जुबीन गर्ग असम के सबसे प्रभावशाली संगीत कलाकार माने जाते थे. उन्होंने न केवल असमिया संगीत को नई पहचान दी, बल्कि बॉलीवुड में भी अपनी सशक्त आवाज से बड़ी सफलता हासिल की. वह सिंगापुर में आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने गए थे, जिसे भारत के उच्चायोग ने आयोजित किया था. वहां वह सांस्कृतिक ब्रैंड एंबेसडर के तौर पर पहुंचे थे.

फेस्टिवल आयोजकों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमें जानकारी मिली कि वह स्कूबा डाइविंग पर गए थे, तभी उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी. असम एसोसिएशन सिंगापुर के लोग जो उनके साथ थे, उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए. उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उनकी मौत हो गई.”

उनका गाए गानों में फिल्म गैंगस्टर (2006) का "या अली" गाना आज भी सुपरहिट माना जाता है. फिल्म कृष-3 का गीत "दिल तू ही बता" भी काफी लोकप्रिय हुआ था.

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दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी को बड़ी जीत को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी को बड़ी जीत

दिल्ली यूनिवर्सिटी
भारत की राजनीति में दिल्ली छात्र संघ चुनावों की खासी अहमियत हैतस्वीर: Amal KS/Hindustan Times/IMAGO

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) से अध्यक्ष पद छीनकर तीन अहम पदों पर कब्जा जमाया, जबकि एनएसयूआई केवल एक पद तक सिमट गई.
21 दौर की गिनती पूरी होने के बाद शुक्रवार को नतीजे आए. अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के आर्यन मान ने 28,821 वोट पाकर भारी जीत दर्ज की. उनके मुकाबले एनएसयूआई की जॉसलिन नंदिता चौधरी को 12,645 वोट और वाम समर्थित उम्मीदवार अंजली को 5,385 वोट मिले.
कुनाल चौधरी (एबीवीपी) ने 23,779 वोटों के साथ सचिव पद जीत लिया. एनएसयूआई के कबीर को 9,525 वोट मिले, जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) की अभिनंदना को 9,535 वोट.
संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी की दीपिका झा ने 21,825 वोट हासिल किए. एनएसयूआई के लवकुश बधाना को 17,380 और वाम गठबंधन के अभिषेक को 8,425 वोट मिले.
केवल उपाध्यक्ष का पद एनएसयूआई के खाते में गया. यहां राहुल झांसला ने 29,339 वोट पाकर एबीवीपी के गोविंद तंवर को 8,700 से अधिक मतों से हराया. दिलचस्प यह रहा कि "नोटा" विकल्प भी छात्रों में लोकप्रिय रहा और सचिव व संयुक्त सचिव पदों पर 7,000 से ज्यादा वोट दर्ज हुए.

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पाकिस्तान ने कहा, रक्षा समझौते के तहत सऊदी को परमाणु कार्यक्रम भी उपलब्ध को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

पाकिस्तान ने कहा, रक्षा समझौते के तहत सऊदी को परमाणु कार्यक्रम भी उपलब्ध

पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच नया रक्षा समझौता हुआ है
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच नया रक्षा समझौता हुआ हैतस्वीर: Saudi Press Agency/REUTERS

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि अगर आवश्यकता पड़ी तो उनके देश का परमाणु कार्यक्रम सऊदी अरब को नए रक्षा समझौते के तहत उपलब्ध कराया जाएगा. रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने गुरुवार देर रात जियो टीवी को दिए अपने बयान में पहली बार स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि पाकिस्तान सऊदी अरब को अपने परमाणु हथियारों की छत्रछाया में रख रहा है.

पाकिस्तान और सऊदी अरब ने 17 सितंबर को एक नए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके मुताबिक अगर एक देश पर हमला होता है तो वह दोनों पर हमला माना जाएगा. 

आसिफ ने कहा, "मैं पाकिस्तान की परमाणु क्षमता के बारे में एक बात स्पष्ट कर दूं, यह क्षमता बहुत पहले ही स्थापित हो गई थी जब हमने परीक्षण किए थे. तब से, हमारे पास युद्ध के लिए प्रशिक्षित सेनाएं हैं."

उन्होंने आगे कहा, "हमारे पास जो कुछ भी है और जो क्षमताएं हमारे पास हैं, वे इस समझौते के अनुसार (सऊदी अरब) को उपलब्ध कराई जाएंगी."

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हिंडनबर्ग मामले में अदाणी समूह को कुछ आरोपों में क्लीन चिट को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

हिंडनबर्ग मामले में अदाणी समूह को कुछ आरोपों में क्लीन चिट

भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी
भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणीतस्वीर: Sam Panthaky/AFP/Getty Images

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने हिंडनबर्ग मामले में गुरुवार को अदाणी ग्रुप पर लगे आरोपों में से दो पर जांच के बाद क्लीन चिट दे दी. हिंडनबर्ग के दावों की जांच कर रही सेबी ने अदाणी समूह की कंपनियों के बारे में दो आदेश जारी किए, जिनमें अदाणी पोर्ट्स और अदाणी पावर शामिल थीं. सेबी ने कहा कि अदाणी ग्रुप पर हेरफेर करने के जो आरोप लगाए हैं, वे किसी तरह साबित नहीं हुए और उनमें कोई दम नहीं है.

आखिर क्या था हिंडनबर्ग और क्यों बंद हुई कंपनी

हिंडनबर्ग ने अदाणी समूह पर शेयरों में हेराफेरी और ऑडिट धोखाधड़ी का आरोप लगाया था, जिसके कारण ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी. सेबी ने कहा कि उसकी जांच में कोई धोखाधड़ी, धन का दुरुपयोग या झूठे रिकॉर्ड नहीं मिले.

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बद्बूदार जूतों पर रिसर्च करने वाले भारतीय वैज्ञानिक को इगनोबेल को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

बद्बूदार जूतों पर रिसर्च करने वाले भारतीय वैज्ञानिक को इगनोबेल

पुराने जूते
प्रतीकात्मक तस्वीरतस्वीर: Mahmoud Issa/REUTERS

विज्ञान की अजब-गजब दुनिया को हंसी और हैरत से भर देने वाले इगनोबेल अवॉर्ड्स में इस साल कई दिलचस्प खोजों को सम्मानित किया गया. गुरुवार रात बोस्टन यूनिवर्सिटी में हुए 35वें सालाना समारोह में ऐसे शोधों को सम्मानित किया गया, जो पहली नजर में मजाकिया लगते हैं लेकिन सोचने पर मजबूर कर देते हैं.
सबसे दिलचस्प रिसर्च जापान से आई. वैज्ञानिकों ने गायों को जेब्रा जैसी धारियों से रंग दिया ताकि मक्खियां उन्हें कम काटें. प्रयोग सफल भी रहा. मक्खियों ने धारियों वाली गायों को कम तंग किया. हालांकि, टीम के वैज्ञानिक तोमोकी कोजिमा ने मंच पर स्वीकार किया कि बड़े पैमाने पर यह तरीका अपनाना आसान नहीं होगा.
इस साल के अन्य विजेताओं में यूरोप की एक टीम है, जिसने पाया कि शराब पीने से कभी-कभी लोग विदेशी भाषा बेहतर बोल पाते हैं. दशकों तक नाखूनों की बढ़त पर काम करने वाले एक शोधकर्ता के अलावा भारत के वैज्ञानिक शामिल हैं जिन्होंने देखा कि बदबूदार जूतों का जूता-रैक इस्तेमाल करने वालों के अनुभव पर क्या असर पड़ता है.
अमेरिका और इस्राएल के शोधकर्ता ने जांचा कि टेफ्लॉन खाने से भोजन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है या नहीं. कोलंबिया की टीम ने पाया कि अगर चमगादड़ों को शराब पिलाई जाए तो उनकी उड़ान और इकोलोकेशन बिगड़ जाती है.
समारोह में हमेशा की तरह शुरुआत दर्शकों ने कागजी हवाई जहाज मंच पर फेंककर हुई. जो विजेता खुद नहीं आ पाए, उनके भाषण वास्तविक नोबेल विजेताओं ने पढ़े, जिनमें गरीबी उन्मूलन पर काम करने वाली एस्तर डुफलो भी शामिल थीं.

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चीन के शिनजियांग से अमेरिका को निर्यात 273 फीसदी बढ़ा को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

चीन के शिनजियांग से अमेरिका को निर्यात 273 फीसदी बढ़ा

चीन के शिनजियांग में एक ट्रक
शिनजियांग से होने वाले निर्यात में वृद्धितस्वीर: Que Hure/VCG/MAXPPP/dpa/picture alliance

चीन के शिनजियांग प्रांत से अमेरिका को होने वाला निर्यात इस साल बड़ी छलांग लगाकर तीन अंकों की वृद्धि तक पहुंच गया है. हालांकि इस क्षेत्र पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को लेकर व्यापारिक पाबंदियां और बहिष्कार लागू हैं.
चीनी कस्टम्स के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त 2025 के बीच शिनजियांग से अमेरिका को होने वाला निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 273.4 फीसदी बढ़कर 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया. यह स्पष्ट नहीं है कि इस तेज उछाल की वजह क्या रही.
अमेरिका ने जनवरी में जबरन मजदूरी से जुड़े आरोपों पर चीन की लगभग 150 कंपनियों को अपनी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया था. इस सूची में शामिल किसी भी कंपनी द्वारा आंशिक या पूर्ण रूप से बनाए गए उत्पादों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध है.
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि चीन ने शिनजियांग में दस लाख से अधिक मुसलमानों को हिरासत शिविरों में रखा जहां हिंसा, जबरन मजदूरी, राजनीतिक प्रचार और यातना जैसी स्थितियां मौजूद थीं. इनमें अधिकतर उइगर मुसलमान शामिल हैं. हालांकि, बीजिंग इन आरोपों से इनकार करता रहा है.
दिलचस्प यह है कि जहां शिनजियांग से निर्यात बढ़ा है, वहीं समग्र रूप से चीन से अमेरिका को होने वाला निर्यात अगस्त में गिरावट पर रहा. यह जुलाई की तुलना में 11.8 फीसदी कम और पिछले साल अगस्त की तुलना में 33.1 फीसदी नीचे दर्ज हुआ.

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इस्राएल को लेकर बदल रही है अमेरिकियों की रायः सर्वे को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

इस्राएल को लेकर बदल रही है अमेरिकियों की रायः सर्वे

कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन
युद्ध की शुरुआत के बाद से अमेरिकी लोगों में इस्राएल के प्रति राय में काफी बदलाव हो चुका हैतस्वीर: Aya Ibrahim/DW

अमेरिका में गाजा युद्ध को लेकर लोगों का नजरिया बदल रहा है. समाचार एजेंसी एपी ने सर्वेक्षण संस्था एनओआरसी के मिलकर किए एक सर्वे में पाया लगभग आधे अमेरिकी मानते हैं कि इस्राएल की सैन्य कार्रवाई “जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ गई है”. नवंबर 2023 में यह आंकड़ा 40 फीसदी था, यानी समय के साथ इसमें तेज बढ़ोतरी हुई है.
सर्वेक्षण यह भी दिखाता है कि आलोचना केवल डेमोक्रेट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि रिपब्लिकन और स्वतंत्र मतदाताओं में भी यह धारणा बढ़ी है. सात में से दस डेमोक्रेट्स अब कहते हैं कि इस्राएल की प्रतिक्रिया बहुत कठोर है, जबकि रिपब्लिकन में यह संख्या 24 फीसदी तक पहुंची, जो पहले 18 फीसदी थी.
इसके बावजूद, अमेरिकी अब पहले की तुलना में कम प्राथमिकता दे रहे हैं कि सरकार हमास और इस्राएल के बीच स्थायी युद्धविराम करवाए. मार्च में जहां 59 फीसदी लोगों ने इसे अहम बताया था, अब यह घटकर लगभग आधा रह गया है. खासतौर पर रिपब्लिकन इसमें और उदासीन हो गए हैं, जबकि डेमोक्रेट्स की राय लगभग वैसी ही बनी हुई है.


गाजा की मानवीय स्थिति को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है. लगभग 45 फीसदी अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिका को फलस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता को “बेहद महत्वपूर्ण” या “बहुत महत्वपूर्ण” मानना चाहिए. यह रुझान युद्ध की शुरुआत के समय जैसा ही है, हालांकि मार्च की तुलना में इसमें हल्की वृद्धि दिखी है.
सर्वे में यह भी पाया गया कि इस्राएल के लिए सैन्य मदद का समर्थन घटा है. केवल पांच में से एक अमेरिकी ही अब मानता है कि अमेरिका को इस्राएली सेना को सहायता देना “बेहद महत्वपूर्ण” है. युद्ध की शुरुआत में यह समर्थन 36 फीसदी था. खासतौर पर डेमोक्रेट्स में यह समर्थन 30 फीसदी से घटकर केवल 15 फीसदी रह गया है.
7 अक्तूबर 2023 को हमास के आतंकवादियों ने इस्राएल में हमला किया था जिसमें 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए थे और सैकड़ों बंधक बना लिए गए. उसके बाद इस्राएल ने गाजा पर बमबारी शुरू की, जिसमें अब तक 65,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 90 फीसदी आबादी विस्थापित हो चुकी है.
 

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शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका पर फिर टली सुनवाई को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका पर फिर टली सुनवाई

उमर खालिद
उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई टलीतस्वीर: Manish Rajput/SOPA Images/ZUMA Wire/picture alliance

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलाफिश फातिमा और मीरान हैदर की जमानत याचिका पर सुनवाई 22 सितंबर तक टाल दी. इन याचिकाओं में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने उन्हें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित साजिश के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था. इन सभी के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था.

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बर्लिन में मिले बम, हजारों लोगों को खाली करने पड़े घर को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

बर्लिन में मिले बम, हजारों लोगों को खाली करने पड़े घर

स्प्री नदी से बम हटाने की तैयारी करते कर्मचारी
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में नदी में भी एक बम मिला हैतस्वीर: Michael Ukas/dpa/picture alliance

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गिरे दो बमों को निष्क्रिय करने की तैयारी की जा रही है, जिसके कारण हजारों लोगों को अपने घर खाली करने पड़े हैं.
पहला बम स्प्री नदी से मिला है, जो फिशरइंसेल इलाके में स्थित है और यहां लगभग 10,000 लोगों को हटाया गया है. पुलिस ने गुरुवार रात 500 मीटर का सुरक्षा क्षेत्र बना दिया और घर-घर जाकर लोगों को चेताया. इस इलाके में कुछ दूतावास और सरकारी दफ्तर भी आते हैं. सड़कें बंद कर दी गईं और एक मेट्रो लाइन अस्थायी रूप से रोक दी गई. जिनके पास विकल्प नहीं था, उनके लिए अस्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं.

वो बम जिसने अमेरिका को सुपरपावर बनाया


दूसरा बम पश्चिमी जिले स्पांडाउ में मिला है. 100 किलो वजनी यह बम बुधवार को खोजा गया था और शुक्रवार को इसे भी निष्क्रिय किया जाएगा. यहां करीब 12,400 लोगों को निकाला गया है. पुलिस ने बताया कि चूंकि यह बम तत्काल खतरा नहीं था, इसलिए इसकी सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात किए गए और बाद में कार्रवाई तय की गई.
विशेषज्ञों का कहना है कि नदी में मिले बम को बाहर निकालने में तलछट मुश्किल पैदा कर सकती है, लेकिन लोगों को सुरक्षित हटाने के बाद ही काम शुरू होगा.
 

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जर्मनी में 14 साल में पहली बार घटे शरणार्थी को स्किप करें
१९ सितम्बर २०२५

जर्मनी में 14 साल में पहली बार घटे शरणार्थी

जर्मनी के पसाऊ में 2015 में एक कैंप में शरणार्थी
जर्मनी में शरणार्थियों का आना भी कम हुआतस्वीर: Joerg Koch/Getty Images

जर्मनी में शरणार्थियों की कुल संख्या 2011 के बाद पहली बार घटी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में शरणार्थी आबादी करीब 50,000 कम हो गई. 2024 के अंत तक यह संख्या लगभग 35.5 लाख थी, जो अब घटकर 35 लाख रह गई है.
इनमें नए आने वालों से लेकर लंबे समय से बसे शरणार्थियों और यूक्रेन से आए लोगों तक, अलग-अलग श्रेणी के शरणार्थी शामिल हैं. गिरावट का कारण निर्वासन, स्वेच्छा से वापसी और नागरिकता ग्रहण करना बताया गया है. आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल 83,150 सीरियाई नागरिकों को जर्मन नागरिकता दी गई.


करीब 4.92 लाख शरणार्थियों की स्थिति अभी भी अनिश्चित है, जिनमें शरण मांगने वाले और अस्थायी तौर पर रहने की अनुमति वाले लोग शामिल हैं. जुलाई के अंत तक 12.7 लाख यूक्रेनी शरणार्थी जर्मनी में रह रहे थे.
‘द लेफ्ट‘ पार्टी की क्लारा ब्युंगर ने कहा कि यह गिरावट “खुश होने की वजह नहीं” है, क्योंकि दुनिया भर में पलायन के कारण अब पहले से कहीं ज्यादा गंभीर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ की बाहरी सीमाओं को किलेबंद करने से जरूरतमंद लोग शरण तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. उनके अनुसार, जर्मनी में घटती संख्या सिर्फ यह दिखाती है कि “आपातकाल” का हवाला देकर ईयू आश्रय कानून को निलंबित करना कितना बेमानी है.
 

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आमिर अंसारी, डीडब्ल्यू हिन्दी, नई दिल्ली
आमिर अंसारी डीडब्ल्यू के दिल्ली स्टूडियो में कार्यरत विदेशी संवाददाता.