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अपराधदक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका में 'मास शूटिंग', कम-से-कम 9 की मौत

रजत शर्मा रॉयटर्स, एएफपी
२१ दिसम्बर २०२५

जोहानिसबर्ग शहर के नजदीक, सोने की खदानों के पास बसी एक टाउनशिप में यह गोलीबारी हुई है. इसमें नौ लोगों की मौत हुई, जबकि 10 लोग घायल हैं. इसी महीने दक्षिण अफ्रीका में यह दूसरी ऐसी घटना है.

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जोहानिसबर्ग में मास शूटिंग की घटना के बाद इलाके को सीज करते पुलिस कर्मी
दक्षिण अफ्रीकी पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में अप्रैल से सितंबर महीने के बीच देश में हर दिन औसतन 63 लोग मारे गए हैं. ज्यादातर मौतें संगठित अपराध और गैंग संबंधी हिंसा में हुई हैंतस्वीर: Emmanuel Croset/AFP/Getty Images

दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग के पास एक टाउनशिप में रविवार आधी रात को बंदूकधारियों ने गोलियां चलाकर कम-से-कम नौ लोगों को मार दिया. स्थानीय पुलिस के मुताबिक, "कुछ पीड़ितों पर अज्ञात हमलावरों ने गलियों में बेधड़क गोलियां मारीं." न्यूज एजेंसी एएफपी ने पुलिस के हवाले से बताया है कि गोलीबारी का मकसद अभी तक पता नहीं चला है. पुलिस ने शुरू में दस लोगों के मारे जाने की बात कही थी लेकिन बाद में संख्या घटाकर नौ बताई गई. इस मामले में 10 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

अब तक क्या पता चला?

गोलीबारी स्थानीय समय, रात के करीब 1 बजे बेकर्सडेल में एक स्थानीय बार के पास हुई. जोहानिसबर्ग से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित बेकर्सडाल, दक्षिण अफ्रीका की कुछ बड़ी सोने की खदानों के करीब बसा एक गरीब इलाका है. पुलिस ने बताया है कि एक सफेद मिनीबस और एक सेडान कार में सवार लगभग 12 हमलावरों ने "बार के ग्राहकों पर गोलियां चलाईं और वहां से भागते हुए लोगों पर बेधड़क फायरिंग जारी रखी." पुलिस प्रशासन ने हमलावरों की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी है.

गैर-कानूनी हथियारों की समस्या

दक्षिण अफ्रीका में हथियार रखने के कानून काफी सख्त हैं. बावजूद इसके, देश में बड़ी संख्या में गैरकानूनी बंदूकें हैं. दिसंबर महीने में ही मास शूटिंग की यह दूसरी घटना है.

एक घटनास्थल की जांच करती फोरेंसिक टीम और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी
यह तस्वीर 6 दिसंबर को राजधानी प्रिटोरिया में हुई 'मास शूटिंग' के घटनास्थल की हैतस्वीर: Alet Pretorius/REUTERS

इससे पहले 6 दिसंबर को राजधानी प्रिटोरिया में एक हथियारबंद हमलावर ने एक हॉस्टल के पास ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें 3 साल के बच्चे समेत 12 लोगों की मौत हुई थी. पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर महीने के बीच देश में हर दिन औसतन 63 लोग मारे गए हैं. इन मौतों में की सबसे अहम वजह दक्षिण अफ्रीका में संगठित अपराध और गिरोहों की हिंसा रही है.