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लंबी कतारों और कन्फ्यूजन के साथ हुई एआई समिट की शुरुआत

निखिल रंजन एपी, एएफपी | आदर्श शर्मा एएनआई, रॉयटर्स
प्रकाशित १६ फ़रवरी २०२६आखिरी अपडेट १६ फ़रवरी २०२६

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एआई एक्सपो के प्रदर्शनी वाले हॉल के बाहर लगी लोगों की भीड़
कई प्रतिनिधियों ने रॉयटर्स को बताया कि बड़ी हस्तियों के आने से पहले सुरक्षा जांच के लिए अचानक से प्रदर्शनी वाले हॉलों को खाली करवा दिया गयातस्वीर: Bhawika Chhabra/REUTERS
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यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री जर्मन गालुशेंको
यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया हैतस्वीर: Danylo Antoniuk/Ukrinform/IMAGO

यूक्रेन के जांच अधिकारियों ने देश के पूर्व ऊर्जा मंत्री जर्मन गालुशेंको पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के विवाद में एक आपराधिक संगठन में शामिल होने के आरोप लगाए हैं. देश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए जिम्मेदार संस्थाएं स्पेशियलाइज्ड एंटी करप्शन प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस (एसएपी) और नेशनल एंटी करप्शन ब्यूरो ऑफ यूक्रेन (एनएबीयू) ने सोमवार को कहा है कि इस संगठन ने गालुशेंको के कार्यकाल के दौरान 11.2 करोड़ डॉलर से अधिक राशि गैरकानूनी गतिविधियों से हासिल की. 

गालुशेंको को रविवार को पकड़ लिया गया, जब वो देश छोड़ कर भागने की कोशिश कर रहे थे. एसएपी के मुताबिक उनके संदिग्ध सहयोगियों ने 2021 में अंगुइला आइलैंड में एक फंड रजिस्टर कराया जो 10 करोड़ डॉलर निवेश में हासिल करना चाहता था. इस फंड का प्रबंधन एक आपराधिक संगठन के सदस्य, सेशल्स का एक नागरिक और सेंट किट्स और नेविस कर रहे थे जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग सेवाएं मुहैया कराईं. गालुशेंको परिवार इस फंड के "निवेशकों" में शामिल था. 

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एआई समिट के पहले दिन रही खूब भीड़, लगीं लंबी लाइनें को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

एआई समिट के पहले दिन रही खूब भीड़, लगीं लंबी लाइनें

एआई एक्सपो में घुसने के लिए लगी लोगों की भीड़
एआई समिट के पहले दिन भारत मंडपम में खूब भीड़ नजर आईतस्वीर: Bhawika Chhabra/REUTERS

राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट को अपने पहले दिन ऑनलाइन आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. समिट में शामिल होने गए लोगों ने लंबी लाइनों, अधिक भीड़ और मैनेजमेंट से जुड़ी कमियों की शिकायत की. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कई लोगों ने कहा कि साइनबोर्ड की कमी और बैठने की व्यवस्था सीमित होने से भी उलझन की स्थिति बनी. 

कई प्रतिनिधियों ने रॉयटर्स को बताया कि बड़ी हस्तियों के आने से पहले सुरक्षा जांच के लिए अचानक से प्रदर्शनी वाले हॉलों को खाली करवा दिया गया और इसके बारे में स्पष्ट निर्देश भी नहीं दिए गए, जिसके चलते लोग अपना सामान वापस पाने के लिए भागदौड़ करने लगे. आईटी मंत्रालय ने रॉयटर्स के इससे जुड़े सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया है. 

रॉयटर्स के मुताबिक, समिट को कवर करने गए कई पत्रकारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई रिपोर्टरों ने कहा कि उन्हें उनके फिजिकल पास नहीं मिल सके. वहीं, कई अन्य ने कहा कि खबर लिखने और इंटरव्यू करने के लिए जगह की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. कई लोगों ने इससे जुड़ी अपनी शिकायतें सोशल मीडिया पर भी साझा कीं. 

भारत इस एआई समिट को ग्लोबल एआई गर्वनेंस में विकासशील देशों की आवाज उठाने के एक मंच के रूप में पेश कर रहा है. ऐसा पहली बार है, जब एआई समिट किसी विकासशील देश में हो रही है.  

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इस हफ्ते भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर सकता है अमेरिका को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

इस हफ्ते भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर सकता है अमेरिका

व्हाइट हाउस में हाथ मिलाते पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने व्यापार समझौते से जुड़ी घोषणा की थीतस्वीर: ZUMAPRESS.com/picture alliance

भारत के वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया है कि भारत-अमेरिका की व्यापार वार्ता औपचारिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा, "अमेरिका के साथ वर्चुअल बातचीत जारी है और अगले हफ्ते मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल, कानूनी ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका जाएगा."

उन्होंने यह भी कहा कि भारत को उम्मीद है कि अमेरिका इस हफ्ते भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर देगा. अमेरिका जाने वाले भारतीय सामानों पर फिलहाल 50 फीसदी टैरिफ लगता है. इसमें से 25 फीसदी टैरिफ, भारत के रूसी तेल खरीदने के चलते लगाया गया था. 

अब भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बन चुकी है. इसके तहत, भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत हो जाएगा. ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, भारत ने रूसी तेल का "प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आयात बंद करने" का वादा किया है.

एक साल में कितना 'ग्रेट' बना अमेरिका

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अश्विनी वैष्णव बोले, समाज की नींव पर हमला कर रहीं भ्रामक सूचनाएं और डीपफेक्स को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

अश्विनी वैष्णव बोले, समाज की नींव पर हमला कर रहीं भ्रामक सूचनाएं और डीपफेक्स

एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अश्विवी वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार एआई से बने कंटेंट पर वॉटरमार्किंग और लेबलिंग को अनिवार्य बनाने के लिए सख्त नियम बना रही हैतस्वीर: Aamir Ansari/DW

भारत के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि कंटेंट जेनरेशन के क्षेत्र में एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैश्विक तकनीकी और कानूनी समाधान होने चाहिए और भारत इसके लिए 30 से अधिक देशों के मंत्रियों से बातचीत कर रहा है. एआई समिट के दौरान आयोजित एक सत्र में उन्होंने यह बात कही. 

उन्होंने गलत और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार और डीपफेक्स के संकट पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि ये समाज की नींव पर हमला कर रहे हैं और ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों, एआई मॉडलों और क्रिएटरों सभी को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि नई तकनीक लोगों के बीच भरोसा कम करने की बजाए भरोसा बढ़ाए.

उन्होंने आगे कहा कि लोगों की रचनात्मकता की प्रामाणिकता की रक्षा के लिए सरकार एआई से बने कंटेंट पर वॉटरमार्किंग और लेबलिंग को अनिवार्य बनाने के लिए सख्त नियम बना रही है. उन्होंने कहा, "हमें एआई में तकनीकी सुरक्षा उपायों और फीचर्स की जरूरत है. हम इन तकनीकों को हासिल करने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं." 

एआई डीपफेक: आंखों देखा भी हो सकता है झूठ

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चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को निलंबित किया को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को निलंबित किया

पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करती एक महिला अधिकारी
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव होता रहा हैतस्वीर: Prabhakar Mani Tewari/DW

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करे. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इन अधिकारियों पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान गंभीर दुर्व्यवहार, कर्तव्य की उपेक्षा और वैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग करने के आरोप हैं. 

ये सभी अधिकारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर एईआरओ के तौर पर काम कर रहे थे. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इनके निलंबन पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने रिपोर्टरों से कहा, "इन सात अधिकारियों को सही कारणों से सस्पेंड किया गया है. एसआईआर प्रक्रिया में अधिकारियों ने गलत स्कूल सर्टिफिकेट और पैन कार्ड को स्वीकार किया. उन्होंने चुनाव आयोग के 13 दिशानिर्देशों का पूरी तरह से उल्लंघन किया."

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव होता रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी थी लेकिन कोर्ट ने एसआईआर पर कोई रोक लगाने से इनकार कर दिया था. हालांकि, कोर्ट ने राज्य में एसआईआर की समयसीमा एक हफ्ते बढ़ाने का आदेश दिया था. पहले यह सीमा 14 फरवरी को खत्म हो रही थी, जो अब 21 फरवरी तक चलेगी. 

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हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट नहीं करेगा सुनवाई को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट नहीं करेगा सुनवाई

एक कार्यक्रम में बोलते हिमंता बिस्वा सरमा
याचिकाकर्ताओं ने हिमंता पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने और नफरत फैलाने का आरोप लगाया हैतस्वीर: Prabhakar Mani Tewari/DW

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 16 फरवरी को उन याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिनमें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ताओं ने हिमंता पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने और नफरत फैलाने का आरोप लगाया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कहा कि याचिकाकर्ताओं को अपनी याचिकाएं लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट जाना चाहिए. 

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल पंचोली की तीन सदस्यों वाली बेंच ने इन याचिकाओं को सुना. कानूनी मामलों की वेबसाइट 'बार एंड बेंच' के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि इन सभी मुद्दों का प्रभावी ढंग से निपटारा उच्च न्यायालय द्वारा किया जा सकता है इसलिए हम याचिकाकर्ता को क्षेत्राधिकार प्राप्त उच्च न्यायालय में भेजते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि वे इस मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दें. 

इस मामले में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी, सीपीआई नेता एनी राजा और असमिया स्कॉलर डॉ. हिरेन गोहेन ने याचिकाएं दायर की हैं. ये याचिकाएं उस विवादित वीडियो से जुड़ी हुई हैं, जिसमें हिमंता बिस्वा सरमा को कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है. ये वीडियो असम बीजेपी के आधिकारिक अकाउंट पर साझा की गई थी, जिसे विवाद होने के बाद हटा दिया गया.

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नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद पहले चुनाव के लिए प्रचार शुरू को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद पहले चुनाव के लिए प्रचार शुरू

नेपाल में चुनावा प्रचार करते केपी शर्मा ओली
नेपाल में चुनाव प्रचार शुरू हो गया है तस्वीर: Prakash Mathema/AFP

नेपाल में अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव के लिए चुनाव प्रचार सोमवार, 16 फरवरी से शुरू हो गया. 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जी आंदोलन में पिछली सरकार गिर गई थी. चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के अलावा जेन-जी का प्रतिनिधित्व करने वाले दल ने भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं. 

नेपाल के पूर्वी मैदानी इलाके की झापा-5 संसदीय सीट पर मुकाबला दिलचस्प है. यहां से पूर्व प्रधानमंत्री 73 साल के केपी शर्मा ओली चुनाव लड़ रहे हैं. ओली को उनके गृहनगर में चुनौती देने के लिए 35 साल के बालेंदु शाह ने भी इसी सीट से पर्चा भरा है. शाह पहले रैपर थे, उसके बाद वह काठमांडू के मेयर बने और अब प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं. इस तरह के मुकाबलों ने चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले ही माहौल को गर्मा दिया है. 

नेपाल में बैलेट बॉक्स लेकर जाता एक कर्मचारी
नेपाल में अगले महीने चुनाव होना हैतस्वीर: Navesh Chitrakar/REUTERS

बीते साल सितंबर में युवाओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगने के बाद फूट पड़ा. वे पहले से ही आर्थिक मुश्किलों ओर रोजगार की खराब हालात से जूझ रहे थे. दो दिन के आंदोलन में कम से कम 77 लोगों की मौत हुई, सैकड़ों लोग घायल हुए और सौ से ज्यादा सरकारी इमारतों को जला दिया गया. देश के प्रमुख नेताओं को जान बचाने के लिए छिपने तक की नौबत आ गई थी. 

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रूस ने नावाल्नी को जहर देने के आरोपों को खारिज किया को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

रूस ने नावाल्नी को जहर देने के आरोपों को खारिज किया

नावाल्नी की कब्र पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोग (फरवरी, 2025)
रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय ने नावाल्नी को जहर देने के आरोपों से इनकार किया है तस्वीर: Evgenia Novozhenina/REUTERS

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ने विपक्षी कार्यकर्ता आलेक्सी नावाल्नी को जहर देने के यूरोपीय देशों के दावों को "सख्ती से खारिज" किया है. नावाल्नी की 16 फरवरी, 2024 को आर्कटिक जेल में मौत हुई थी. नावाल्नी को "चरमपंथ" के आरोप में 19 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. 

नावाल्नी के समर्थकों का कहना है कि उन्हें सत्ता का विरोध करने की सजा मिली. नावाल्नी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े विरोधी थे. उनकी रैलियों में लाखों लोग जमा होते थे. मॉस्को में सोमवार की सुबह बड़ी संख्या में लोग नावाल्नी के कब्र पर पहुंचे उनमें कार्यकर्ता और विदेशी राजनयिक भी शामिल थे.  

पांच यूरोपीय देशों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर कहा कि उनका मानना है नावाल्नी को एपिबेटिडीन जहर दिया गया था. इन देशों में ब्रिटेन, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड्स शामिल हैं. यह जहर एक खास किस्म के मेंढकों में पाया जाता है. इन देशों का यह भी कहना है कि रूसी सरकार के पास "साधन, उद्देश्य और मौका था" कि वह इस काम को अंजाम दे. 

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने डेली ब्रीफिंग के दौरान कहा, "स्वाभाविक है कि हम ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं करते. हम उनसे असहमत हैं. हम उन्हें पूर्वाग्रह से ग्रसित और आधारहीन मानते हैं. वास्तव में हम इसे सख्ती से खारिज करते हैं."

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ब्रिटेन और कनाडा के नागरिक अब बिना वीजा के जा सकेंगे चीन को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

ब्रिटेन और कनाडा के नागरिक अब बिना वीजा के जा सकेंगे चीन

चीन के शेनयांग हवाई अड्डे पर विदेशी नागरिकों की मदद के लिए तैनात अधिकारी
ब्रिटेन और कनाडा के नागिरकों को अब चीन जाने के लिए वीजा नहीं लेना होगा तस्वीर: Yu HaiyangHPIC/dpa/picture alliance

ब्रिटेन और कनाडा के नागरिकों को अब चीन जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी. मंगलवार से यह नियम लागू हो रहा है. इसके बाद से चीन में 79 देशों के नागरिक बिना विजा लिए जा सकते हैं. बीते दो सालों में चीन ने इस कार्यक्रम को पर्याप्त विस्तार दिया है. नए नियमों के तहत व्यापार, पर्यटन, एक्सचेंज प्रोग्राम और परिवार या मित्रों से मिलने के लिए इन देशों के नागरिकों को 30 कारोबारी दिनों तक चीन में रहने की अनुमति होगी. 

पिछले महीने चीन की यात्रा पर गए ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर
चीन ने ब्रिटिश नागरिकों को लिए वीजा की जरूरत खत्म कर दी है तस्वीर: Carl Court/Getty Images

ज्यादातर यूरोपीय देशों को चीन में बिना वीजा प्रवेश मिल जाता है. उनके अलावा लातिन अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों के नागरिकों को भी यह सुविधा मिली हुई है. संयुक्त राज्य अमेरिका और इंडोनेशिया के नागरिक ट्रांजिट के दौरान 10 दिनों के लिए बगैर वीजा के चीन जा सकते हैं. 

पिछले महीनों में चीन और कनाडा के प्रधानमंत्रियों ने चीन का दौरा किया था. उसके बाद चीन ने यह कदम उठाया है. चीन का वीजा हासिल करना कठिन है ऐसे में ब्रिटेन और कनाडा के कारोबारियों और सैलानियों ने इस कदम का स्वागत किया है. 

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जर्मनी ने रक्षा खर्च नहीं बढ़ाने के लिए फ्रांस की आलोचना की को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

जर्मनी ने रक्षा खर्च नहीं बढ़ाने के लिए फ्रांस की आलोचना की

म्युनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस के दौरान जर्मन रक्षा मंत्री योहान वाडेफुल
जर्मनी का कहना है कि फ्रांस रक्षा खर्चों को नहीं बढ़ा रहा हैतस्वीर: Kay Nietfeld/dpa/picture alliance

जर्मनी ने रक्षा मामलों पर पर्याप्त खर्च नहीं करने के लिए फ्रांस की आलोचना की है. जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने कहा है कि यूरोपीय सुरक्षा संप्रभुता को ठोस क्षमताओं में बदलने के लिए फ्रांस को और बहुत कुछ करना चाहिए. जर्मन रेडियो डॉयचलैंडफुंक से वाडेफुल ने कहा "फ्रेंच राष्ट्रपति बार बार यूरोपीय संप्रभुता के लक्ष्य की बात करते हैं जो उचित भी है." इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा "जो कोई भी इसके बारे में कुछ करने की बात कहता है, उसे अपनी बात पर खुद भी अमल करना चाहिए."

यूरोपीय नाटो सदस्यों पर अमेरिका ने रक्षा जरूरतों पर ज्यादा खर्च करने के लिए दबाव बनाया है. पिछले साल जून में इन देशों ने 2035 तक अपना रक्षा खर्च जीडीपी का पांच फीसदी तक ले जाने के लिए सहमति बनाई थी. वाडेफुल का कहना है कि यूरोप में इसे लेकर अब कोई खास प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा "दुर्भाग्य से फ्रेंच रिपब्लिक की ओर से भी इसके लिए पर्याप्त कोशिशें अब तक नहीं हुई हैं." जर्मनी ने 2025 से 2029 के बीच रक्षा पर 500 अरब यूरो से ज्यादा के खर्च की योजना बनाई है. 

उधर ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि वह रक्षा खर्चों पर जीडीपी के 3 फीसदी तक पहुंचने की तारीख को पहले ले आएगा. पिछले साल ही उसने अपने रक्षा खर्चों का लक्ष्य बढ़ाया था. पिछले साल ब्रिटेन ने कहा था कि वह सालाना रक्षा खर्च को 2027 तक जीडीपी के 2.5 फीसदी तक और 2029 तक 3 फीसदी तक पहुंचा देगा. 2024 में ब्रिटेन ने रक्षा पर जीडीपी का 2.3 फीसदी खर्च किया था.  

क्या नाटो का नेता बन सकता है जर्मनी

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बिहार सरकार ने 25 लाख महिलाओं के खातों में भेजे कुल 2,500 करोड़ रुपये को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

बिहार सरकार ने 25 लाख महिलाओं के खातों में भेजे कुल 2,500 करोड़ रुपये

बिहार में वोट डालने के बाद फोटो खिंचवाती एक महिला
बिहार में पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की शुरुआत की गई थीतस्वीर: Adarsh Sharma/DW

बिहार सरकार ने सोमवार, 16 फरवरी को'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए. इस तरह कुल 2,500 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे गए. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, इस योजना के तहत बिहार में अब तक 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं. 

बिहार में पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की शुरुआत की गई थी. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, "मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने का मौका मिला है. शुरुआत में 10 हजार रुपए की पहली किस्त, बाद में दो लाख रुपए तक अतिरिक्त सहायता भी जल्द ही मिलेगी." 

इससे पहले 13 फरवरी को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य की 1.31 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में पांच-पांच हजार रुपये ट्रांसफर किए. इसमें कलाइग्नार महिला पात्रता योजना के तहत फरवरी, मार्च और अप्रैल महीनों की अग्रिम राशि के रूप में 3,000 रुपये और "समर स्पेशल पैकेज" के रूप में अतिरिक्त 2,000 रुपये शामिल थे. 

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एनजीटी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, कहा- हस्तक्षेप करने का ठोस आधार नहीं को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

एनजीटी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, कहा- हस्तक्षेप करने का ठोस आधार नहीं

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के एक द्वीप पर लगे पेड़ों की तस्वीर
ग्रेट निकोबार मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की लागत 80 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक होगी और यह 166 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला होगातस्वीर: DESHAKALYAN CHOWDHURY/AFP/Getty Images

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की छह सदस्यों वाली विशेष पीठ ने सोमवार, 16 फरवरी को 'ग्रेट निकोबार मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट' के संबंध में दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, एनजीटी ने कहा कि परियोजना की पर्यावरण मंजूरी में पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने के कारण उसे "हस्तक्षेप करने का कोई ठोस आधार नहीं मिला".

एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव ने अपने आदेश में लिखा कि परियोजना के रणनीतिक महत्व और अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए, हमें हस्तक्षेप करने का कोई ठोस आधार नहीं मिला. हालांकि, उन्होंने प्रशासन और नियामक एजेंसियों को निर्देश दिया कि पर्यावरण मंजूरी की शर्तों का पूरा और सख्ती से पालन किया जाए. 

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ग्रेट निकोबार मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की लागत 80 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक होगी. इसके तहत, 166 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एक टाउनशिप, एक हवाई अड्डा- जिसे नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सके और गैस एवं सौर ऊर्जा आधारित प्लांट लगाए जाएंगे. 

पर्यावरणविदों का कहना है कि इन योजनाओं के चलते ग्रेट निकोबार के प्राचीन वर्षा वनों को स्थायी नुकसान झेलना पड़ेगा. उन्होंने चेतावनी दी है कि समुद्री कछुओं, डॉल्फिन, खारे पानी के मगरमच्छों और केकड़ा खाने वाले बंदरों जैसी प्रजातियों को इस विकास की कीमत चुकानी होगी. पर्यावरण कार्यकर्ता आशीष कोठारी ने इस संबंध में एनजीटी में याचिका दायर की थी. 

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बाइटडांस के एआई मॉडल पर कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

बाइटडांस के एआई मॉडल पर कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप

एआई वीडियो टूल सीडांस 2.0 पर का स्क्रीनशॉट
टिकटॉक बनाने वाली कंपनी ने बनाया है सीडांस 2.0तस्वीर: Seedance 2.0

चीन की दिग्गज टेक कंपनी बाइटडांस के एआई वीडियो मॉडल पर हॉलीवुड की दिग्गज कंपनियों ने कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाया है. बाइटडांस का कहना है कि इन आरोपों के बाद वह अपने सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रही है. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक टॉक बनाने वाली कंपनी बाइटडांस ने सीडांस 2.0 बनाया है. सीडांस ने हॉलीवुड रेस्क्यू सीन बनाए हैं जिन्हें खूब ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है. इनमें टॉम क्रूज की ब्रैड पिट से भिड़ंत या इसी तरह के सुपरहीरो के अलग अलग मिश्रण वाली फिल्में और वीडियोगेम्स हैं. इनमें से कुछ को करोड़ों बार देखा गया है.  

पिछले हफ्ते मोशन पिक्चर एसोसिएशन (एमपीए) ने सीडांस पर "अमेरिकी कॉपीराइट वाले कामों को बड़े पैमाने पर अनाधिकृत तरीके से इस्तेमाल" करने का आरोप लगाया. एमपीए के चेयरमैन चार्ल्स रिवकिन डिज्नी, यूनिवर्सल, वार्नर ब्रदर्स और नेटफ्लिक्स जैसे दिग्गजों का प्रतिनिधित्व करते हैं. रिवकिन का कहना है कि बाइटडांस का नया एआई मॉडल "उल्लंघनों के खिलाफ बिना किसी सुरक्षा उपाय" के काम करता है और इस इसे "तुरंत रोका जाना चाहिए." 

बाइंटडांस ने सीडांस 2.0 को लेकर इन चिंताओं को स्वीकार किया है. समाचार एजेंसी एएफपी को भेजे एक बयान में कंपनी ने कहा है कि वह इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी के अधिकारों का सम्मान करती है. कंपनी का एआई वीडियो मॉडल फिलहाल सिर्फ चीन में एक टेस्ट वर्जन के लिए ही उपलब्ध है.  

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वेस्ट बैंक में जमीन के रजिस्ट्रेशन को इस्राएल ने दी मंजूरी को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

वेस्ट बैंक में जमीन के रजिस्ट्रेशन को इस्राएल ने दी मंजूरी

वेस्ट बैंक के बुर्का गांव में इस्राएल के झंडे और बड़ा लगे इलाके के बगल से गुजरता एक आदमी
इस्राएल ने पश्चिमी तट के इलाके में जमीन की रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है तस्वीर: Jaafar Ashtiyeh/AFP

इस्राएल की सरकार ने वेस्ट बैंक में जमीन को रजिस्टर करने की प्रकिया को मंजूरी दे दी है. अरब देशों ने इसकी कड़ी आलोचना की है और इसे "बड़े पैमाने पर जमीन कब्जा" कहा है जो फलस्तीनी इलाकों को अलग करने की प्रक्रिया तेज कर देगा. 

इस्राएल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह कदम "कानूनी विवादों के समाधान को अधिकारों की संपूर्ण स्पष्टता और पारदर्शिता के साथ संभव करेगा." मंत्रालय का यह भी कहना है कि पलस्टीनियन अथॉरिटी के नियंत्रण वाले इलाको में जमीनों के गैरकानूनी रजिस्ट्रेशन के बाद यह जरूरी था. हालांकि मिस्र, कतर और जॉर्डन ने इस्राएल के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत गैरकानूनी बताते हुए इसकी आलोचना की है. 

मिस्र की सरकार ने एक बयान जारी कर इसे "खतरनाक बढ़ावा कहा है जिसका लक्ष्य कब्जे वाले फलस्तीनी इलाकों पर इस्राएल का नियंत्रण मजबूत करना है." कतर के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह "फैसला वेस्ट बैंक की जमीन को कथित 'सरकारी संपत्ति' में बदल देगा जो फलस्तीनी लोगों को उनके अधिकार से वंचित करेगा."

पलस्टीनियन अथॉरिटी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसमें दखल देने की मांग की है. उनका कहना है कि यह कदम, "वास्तव में फलस्तीनी राष्ट्र के बुनियादों को कमजोर करने और उसे वास्तव में कब्जे में लेने की प्रक्रिया की शुरुआत है." 

इस्राएल के एंटी सेटलमेंट निगरानी संगठन पीस नाउ ने सरकार के इस कदम को "बड़े पैमाने पर जमीन कब्जा" कहा है. इस्राएल के सरकारी प्रसारक कान के मुताबिक, जमीन का रजिस्ट्रेशन वेस्ट बैंक में 1967 के बाद पहली बार शुरू हो रहा है. 1967 में इस्राएल ने मध्य पूर्व की जंग में इस इलाके पर कब्जा किया था.  

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मुंबई में होगी पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति माक्रों की मुलाकात को स्किप करें
१६ फ़रवरी २०२६

मुंबई में होगी पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति माक्रों की मुलाकात

पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों से मिलते पीएम नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति माक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगेतस्वीर: Raphael Lafargue/ABACA/picture alliance

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 17 फरवरी को मुंबई जाएंगे, जहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों से मुलाकात करेंगे. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, पीएम मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति माक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे. मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के बाद वे नई दिल्ली में आयोजित हो रही एआई समिट में भी हिस्सा लेंगे. यह राष्ट्रपति माक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा.

इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेता भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा करेंगे. उनकी बातचीत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसमें विविधता लाने पर केंद्रित होगी. इस दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे. मंगलवार शाम को वे भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बिजनेस लीडरों, स्टार्टअप और रिसर्चरों की एक मीटिंग को संबोधित करेंगे.

राष्ट्रपति माक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. माक्रों का यह भारत दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत हो रही है. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, 17 फरवरी को भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संवाद भी होगा, जिसमें दोनों देशों के रक्षा मंत्री शामिल होंगे. 

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निखिल रंजन
निखिल रंजन निखिल रंजन एक दशक से डॉयचे वेले के लिए काम कर रहे हैं और मुख्य रूप से राजनैतिक विषयों पर लिखते हैं.
आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.