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राजनीतिविश्व

भीषण लू के चलते खाली हुईं उत्तर भारत की सड़कें और बाजार

रजत शर्मा एपी, एएफपी, डीपीए | आदर्श शर्मा एएनआई, रॉयटर्स
प्रकाशित २१ मई २०२६आखिरी अपडेट २१ मई २०२६

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नोएडा में धूप से बचने के लिए छाता लेकर जाते दो पुलिसकर्मी
सरकार ने लोगों से दोपहर के समय घर के अंदर या छायादार जगहों पर ही रहने की अपील की हैतस्वीर: Sunil Ghosh/Hindustan Times/IMAGO
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बांग्लादेश में सुनहरे बालों वाला भैंसा बना स्टार, नाम दिया गया ‘डॉनल्ड ट्रंप’ को स्किप करें
२१ मई २०२६

बांग्लादेश में सुनहरे बालों वाला भैंसा बना स्टार, नाम दिया गया ‘डॉनल्ड ट्रंप’

सुनहरे बालों वाले भैंसे की तस्वीर
एल्बिनो भैंसें बेहद दुर्लभ होती हैं और मेलेनिन कम बनने के कारण वे सफेद या गुलाबी रंग की दिखाई देतीतस्वीर: Salahuddin Ahmed/AFP

बांग्लादेश में एक भैंसा सोशल मीडिया पर इतना लोकप्रिय हो गया है कि उसे देखने लोगों की भीड़ आ रही है. सुनहरे बालों वाले इस एल्बिनो भैंसे को ‘डॉनल्ड ट्रंप’ निकनेम दिया गया है. इसके मालिक जिया उद्दीन ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि उनके छोटे भाई ने भैंसे के सुनहरे और लहारते हुए बालों के कारण यह नाम रखा है क्योंकि यह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के स्टाइल से मेल खाते हैं. 

बांग्लादेश के पशुधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एल्बिनो भैंसें बेहद दुर्लभ होती हैं और मेलेनिन कम बनने के कारण वे सफेद या गुलाबी रंग की दिखाई देती. 

इसके अलावा अन्य भैंसों को भी तूफान, फैट बॉय और स्वीट बॉय जैसे नाम दिए गए हैं. एक भैंसे का नाम ब्राजील के फुटबॉल खिलाड़ी नेमार के नाम पर रखा गया है. अब इन सभी जानवरों को बकरीद में दी जाने वाली कुर्बानी के लिए बेचा जाना है. भैंसे के मालिक जिया उद्दीन कहते हैं, "मुझे डॉनल्ड ट्रंप की कमी महसूस होगी, लेकिन यही ईद अल-अधा की मूल भावना है - कुर्बानी देना."

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ट्रंप और पुतिन के बाद शहबाज शरीफ करेंगे चीन का दौरा को स्किप करें
प्रकाशित २१ मई २०२६आखिरी अपडेट २१ मई २०२६

ट्रंप और पुतिन के बाद शहबाज शरीफ करेंगे चीन का दौरा

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 23 से 26 मई तक चीन का दौरा करेंगेतस्वीर: Press Information Department/REUTERS

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 23 से 26 मई तक चीन का दौरा करेंगे. चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस दौरे की जानकारी दी. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, “चीन और पाकिस्तान के नेता साझा चिंताओं के मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे.” चीन हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी मेजबानी कर चुका है.

चीनी विदेश मंत्रालय ने यह साफ नहीं किया है क्या इस दौरान ईरान युद्ध पर चर्चा की जाएगी लेकिन जिआकुन ने कहा कि मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता लाने में सकारात्मक योगदान देने के लिए चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करेगा. उन्होंने कहा, "चीन शांति को बढ़ावा देने और युद्ध को खत्म करने में निष्पक्ष और संतुलित मध्यस्थ की भूमिका निभाने में पाकिस्तान का समर्थन करता है."

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में उभरा है. पिछले महीने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधिओं ने बातचीत भी की थी. ईरानी मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर गुरुवार को तेहरान पहुंचने वाले हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, इस मध्यस्थता में चीन ने भी एक शांत लेकिन अहम भूमिका निभाई है.

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इटली ने इस्राएल के धुर-दक्षिणपंथी मंत्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की को स्किप करें
प्रकाशित २१ मई २०२६आखिरी अपडेट २१ मई २०२६

इटली ने इस्राएल के धुर-दक्षिणपंथी मंत्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

इटली ने गुरुवार, 21 मई को यूरोपीय संघ से इस्राएल के धुर दक्षिणपंथी मंत्री इतामार बेन ग्विर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. बेन ग्विर ने बुधवार को गाजा जा रहे जहाजी बेड़े (फ्लोटिला) से हिरासत में लिए गए एक्टिविस्टों का एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वे बंधे हाथों और माथा टेके हुए घुटनों के बल बैठे दिखाई दे रहे हैं.

इटली के विदेश मंत्री अंतोनियो तायानी ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने इस्राएल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर के खिलाफ प्रतिबंधों की मांग की है "क्योंकि उन्होंने जहाजी बेड़े के खिलाफ अस्वीकार्य कृत्य किए हैं, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक्टिविस्टों को बंधक बनाया है और सबसे बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए उन्हें प्रताड़ित और अपमानित किया है."

इस्राएल के धुर-दक्षिणपंथी मंत्री इतामार बेन ग्विर
यह इस्राएली मंत्री इतामार बेन ग्विर के पोस्ट किए वीडियो का स्क्रीनशॉट हैतस्वीर: Fotogramma/ROPI/picture alliance

दुनिया भर के देशों के 430 से अधिक एक्टिविस्ट इस्राएल की हिरासत में हैं, जिन्हें फलीस्तीनी क्षेत्र की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिशों के तहत समुद्र में हिरासत में लिया गया था. बेन ग्विर ने बुधवार को पोस्ट किए एक वीडियो में कैप्शन लिखा था,"इस्राएल में आपका स्वागत है." इस वीडियो में बेन ग्विर को हिरासत में लिए गए इन एक्टिविस्टों के बीच बहसबाजी करते और इस्राएल का झंडा लहराते हुए देखा गया.

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17 साल पुराने मामले में एयर फ्रांस और एयर बस पर जुर्माना, 228 जानें गई थीं को स्किप करें
२१ मई २०२६

17 साल पुराने मामले में एयर फ्रांस और एयर बस पर जुर्माना, 228 जानें गई थीं

समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हवाई जहाज के आखिरी हिस्से को निकालती ब्राजील की एक रेस्क्यू टीम
1 जून 2009 में हुई इस विमान दुर्घटना में 228 लोग मारे गए थे. यह तस्वीर ब्राजील की नेवी ने जारी की थी.तस्वीर: AFP/Brazilian Navy

पेरिस की एक अपील अदालत ने बुधवार, 20 मई को एयरबस और एयर फ्रांस को 2009 के रियो-पेरिस विमान हादसे में कोर्पोरेट गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया है. इस दुर्घटना में 228 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी. यह फ्रांस का सबसे भयानक हवाई हादसा था. 

अदालत ने पाया कि एयरबस और एयर फ्रांस ही इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं. कोर्ट ने हरेक पर 225,000 यूरो का जुर्माना भी लगाया है. कोर्पोरेट गैर-इरादतन हत्या के मामले में फ्रांस में यह अधिकतम मुमकिन जुर्माना है. इन कंपनियों को 2023 में निचली अदालत से छूट मिली थी. 

पढ़ें: क्या होता है एयर टर्बुलेंस और क्यों हो जाता है खतरनाक?

यह फैसला 17 साल लंबी जंग के बाद सामने आया है, जिसमें फ्रांस की दो सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियां और खासकर से फ्रांस, ब्राजील और जर्मनी के पीड़ितों के रिश्तेदार शामिल हैं. इसके साथ ही फ्रांसीसी वकीलों ने देश की सर्वोच्च अदालत में आगे और अपील किए जाने की संभावना जताई है.

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रिपोर्ट: जर्मनी में बढ़ सकती है रिटायरमेंट की उम्र; फिलहाल है 67 साल को स्किप करें
२१ मई २०२६

रिपोर्ट: जर्मनी में बढ़ सकती है रिटायरमेंट की उम्र; फिलहाल है 67 साल

म्यूनिख के पास बेंच पर बैठा एक बुजुर्ग जोड़ा
जर्मनी की पेंशन व्यवस्था में कमियों पर पहले से बात हो रही थी. सभी पक्षों के साथ सहमति बनाकर सुधार करना भी बड़ी चुनौती रहेगी.तस्वीर: Michael Nguyen/NurPhoto/picture alliance

जर्मन टैबलॉयड 'बिल्ड' ने एक रिपोर्ट में कहा है कि चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की सरकार जर्मनी में रिटायरमेंट की उम्र को 67 साल से बढ़ाकर 70 साल करने की योजना बना रही है. गुरुवार, 21 मई को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, रिटायरमेंट की उम्र को 2040 के दशक में बढ़ाकर 68 साल, 2050 के दशक में 69 साल और फिर आखिर में 2060 के दशक में 70 साल किया जाएगा. 

पढ़ें: जर्मनी के लोग घर, गाड़ी के लिए पैसे नहीं बचाते

'बिल्ड' ने लिखा कि इन सुधार प्रस्तावों पर काम कर रही 13 सदस्यों की समिति पेंशन भुगतान की दर को भी थोड़ा कम करना चाहती है ताकि इस व्यवस्था को भविष्य के लिए टिकाऊ बनाया जा सके. जर्मनी में कई अन्य यूरोपीय देशों की तरह जन्मदर लंबे समय से रिप्लेसमेंट दर (दो बच्चे) से कम बनी हुई है. इसीलिए जर्मनी में बुजुर्ग पीढ़ियों को सहारा देना दशकों से बहस का विषय बना हुआ है. विशेषज्ञों ने यह चेतावनी दी है कि बिना अप्रवासन के, मौजूदा पेंशन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी.

पढ़ें: जर्मनी में सरकारी पेंशन अच्छा जीवन जीने के लिए काफी नहीं

इस कथित प्रस्ताव की विपक्षी दलों, संगठनों और यहां तक कि फ्रीडरिष मैर्त्स की अपनी सेंटर-राइट पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स (सीडीयू) की श्रमिक यूनियन ने कड़ी आलोचना की है. हालांकि, बाद में गुरुवार को फ्रीडरिष मैर्त्स के कार्यालय के एक प्रवक्ता ने 'बिल्ड' की इस रिपोर्ट को महज एक अटकलबाजी बताते हुए खारिज कर दिया. सत्ताधारी गठबंधन के छोटे सहयोगी दल और श्रम मंत्रालय का प्रभार रखने वाले सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी) ने कहा कि वे इन "बेबुनियाद रिपोर्टों" पर टिप्पणी नहीं करेंगे.

अर्ली रिटायरमेंट का कड़वा सच

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जर्मन हवाई अड्डों पर घटी यात्रियों की संख्या, संघर्ष कर रहीं एयरलाइनें को स्किप करें
२१ मई २०२६

जर्मन हवाई अड्डों पर घटी यात्रियों की संख्या, संघर्ष कर रहीं एयरलाइनें

लुफ्थांसा के जहाज एक कतार में खड़े हैं.
जर्मनी की लुफ्थांसा एयरलाइंस ने अपनी क्षेत्रीय सेवा 'लुफ्थांसा सिटीलाइन' को हाल ही में बंद किया है तस्वीर: Heiko Becker/REUTERS

जर्मनी के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या में सालाना आधार पर 7.5 फीसदी की गिरावट आई है. गुरुवार, 21 मई को सामने आए उद्योग के आंकड़ों से यह पता चला है कि ईरान में युद्ध और लुफ्थांसा में हुई हड़तालों के बीच यात्रियों की संख्या घटी है. जर्मन एयरपोर्ट्स एसोसिएशन (एडीवी) ने बताया कि इस पूरे महीने के दौरान देश के प्रमुख हवाई अड्डों से 1.70 करोड़ यात्री गुजरे.

ईरान युद्ध का असर, जर्मनी की प्रमुख एयरलाइन लुफ्थांसा के क्रू की छह दिन की हड़ताल और उसके बाद क्षेत्रीय एयरलाइन लुफ्थांसा सिटीलाइन का बंद होना- यह सारे इस गिरावट के बड़े कारण रहे. पिछले कुछ वर्षों में अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले जर्मनी का उड्डयन क्षेत्र काफी संघर्ष कर रहा है. यहां की एयरलाइनें भारी करों और शुल्कों की शिकायत कर रही हैं.

जर्मनी की संसद के निचले सदन 'बुंडेसटाग' में सांसद, गुरुवार को एयर ट्रैफिक टैक्स में प्रस्तावित कटौती पर एक अहम बहस करने वाले हैं. इस साल के शुरुआती चार महीनों में, जर्मनी के हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या 2025 के मुकाबले 0.2 फीसदी कम रही. लेकिन यह कोविड महामारी से पहले के स्तर से 18.8 फीसदी कम थी. साल 2026 में अब तक, 2019 की इसी अवधि की तुलना में उड़ानों की संख्या में एक-चौथाई की कमी आई है.

महाबली को एक और मौका

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स्पेसएक्स का आईपीओ मस्क को बना सकता है पहला ट्रिलियनेयर! को स्किप करें
२१ मई २०२६

स्पेसएक्स का आईपीओ मस्क को बना सकता है पहला ट्रिलियनेयर!

टेस्ला के सीईओ इलॉन मस्क
मस्क ने सोशल प्लेटफॉर्म ट्विटर भी खरीदा था, जिसे बाद में एक्स नाम दिया. यह एक्स भी अब स्पेसएक्स कंपनी का हिस्सा हैतस्वीर: Alex Brandon/picture alliance / AP

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने बुधवार, 20 मई को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए आवेदन किया है. इसी के साथ रॉकेट तकनीक में क्रांति लाने वाली इस कंपनी की वित्तीय स्थिति दुनिया के सामने आ गई. स्पेसएक्स कंपनी रॉकेट निर्माता होने के साथ-साथ सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भी काम करती है. 

आईपीओ प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, कंपनी नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज पर एसपीसीएक्स टिकर सिंबल के तहत व्यापार करने की योजना बना रही है. लिस्टिंग की तारीख सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि कंपनी का लक्ष्य जून में लिस्टिंग कराने का है. विनियामक प्राधिकरण को दी गई जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि कंपनी आईपीओ के जरिए कितना पैसा जुटाने की उम्मीद कर रही है. हालांकि, कई मीडिया रिपोर्टों में यह रकम करीब 75 अरब डॉलर बताई गई है.

मस्क और ओपन एआई की लड़ाई में असल हार किसकी?

अगर यह कंपनी लगभग 1.7 ट्रिलियन डॉलर के लक्षित मूल्यांकन को पार कर जाती है, तो मस्क की कुल संपत्ति 13 अंकों के आंकड़े को पार कर जाएगी और वे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन जाएंगे. कंपनी की ओर से दायर दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि मस्क की स्पेसएक्स ने 2025 में लगभग 18.7 अरब डॉलर का राजस्व कमाया, लेकिन एआई तकनीक और एक बड़े रॉकेट पर भारी खर्च करने के बाद उसका शुद्ध घाटा करीब 4.9 अरब डॉलर का रहा.

इस बीच कंपनी ने ऐसे कई प्रावधानों को अपनाया है, जिन्हें अगर एक साथ देखा जाए तो वे शेयरधारकों के अधिकारों को काफी हद तक सीमित कर देते हैं. मौजूदा व्यावसायिक ढांचे के तहत, मस्क के पास कंपनी के करीब 42 फीसदी शेयर होंगे, लेकिन वे वोटिंग के मामले में 85 फीसदी की हिस्सेदारी रखेंगे. इस तरह मस्क सुनिश्चित कर पाएंगे कि उन्हें, उनके खुद के अलावा कोई और कंपनी से ना निकाल पाए.

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भारत ने इबोला के प्रकोप के चलते अफ्रीका समिट स्थगित की को स्किप करें
२१ मई २०२६

भारत ने इबोला के प्रकोप के चलते अफ्रीका समिट स्थगित की

इबोला की वजह से जान गंवाने वाले व्यक्ति के शव को लेकर जाते स्वास्थ्यकर्मी
इबोला के चलते पिछले 50 सालों में अफ्रीका में 15,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैतस्वीर: Moses Sawasawa/AP Photo/picture alliance

भारत सरकार और अफ्रीकन यूनियन ने अगले हफ्ते नई दिल्ली में होनी वाली इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट को स्थगित कर दिया है. अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में इबोला संक्रमण फैलने के चलते यह फैसला लिया गया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि महाद्वीप पर सार्वजनिक स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि समिट को बाद में आयोजित करना सही रहेगा. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को कहा कि मध्य अफ्रीका में इबोला के जानलेवा प्रकोप का जोखिम अधिक है लेकिन वैश्विक स्तर पर यह खतरा कम है. डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि यह वायरस संभवतः महीनों से फैल रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार, 18 मई को इबोला संक्रमण के ताजा मामलों को अंतरराष्ट्रीय चिंता के स्तर की पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था.

दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने गुरुवार को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो के साथ-साथ पड़ोसी युगांडा और दक्षिण सूडान से भारत आने वाले यात्रियों के लिए एक स्वास्थ्य सलाह जारी की है. इबोला के चलते पिछले 50 सालों में अफ्रीका में 15,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला से निपट रहा डब्ल्यूएचओ

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एक दिन में 274 पर्वतारोहियों ने पूरी की माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई को स्किप करें
२१ मई २०२६

एक दिन में 274 पर्वतारोहियों ने पूरी की माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई

एवरेस्ट पर चढ़ाई की तैयारी करते पर्वतारोही
नेपाल ने इस साल एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए 494 परमिट जारी किए हैं, जिसमें हर एक परमिट की कीमत करीब 15 हजार डॉलर हैतस्वीर: Pasang Rinzee Sherpa/AP Photo/picture alliance

बुधवार, 20 मई को रिकॉर्ड 274 पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की. माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई दो रास्तों से की जा सकती है. दक्षिणी छोर पर नेपाल से और उत्तरी छोर पर चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत क्षेत्र से. इस साल एवरेस्ट की चढ़ाई सिर्फ नेपाल की तरफ से हो रही है. बुधवार को 274 पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट फतह किया, जो नेपाल की ओर से एक दिन में चढ़ाई करने वालों की एक रिकॉर्ड संख्या है. 

न्यूज एजेंपी एपी के मुताबिक, इससे पहले 22 मई, 2019 को नेपाल की ओर से 223 पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट की चढ़ाई की थी. वहीं, चीन की ओर से 113 पर्वतारोहियों ने उस दिन एवरेस्ट फतह किया था. माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई करीब 8,850 मीटर है और यह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है. 

नेपाल ने इस साल एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए 494 परमिट जारी किए हैं, जिसमें हर एक परमिट की कीमत करीब 15 हजार डॉलर है. इन पर्वतारोहियों के साथ इतने ही संख्या में शेरपा भी इस महीने के अंत तक एवरेस्ट पर चढ़ाई करेंगे. हाल ही में प्रसिद्ध पर्वतारोही कामी रीता शेरपा ने 32वीं बार एवरेस्ट पर चढ़ाई की और नया विश्व रिकॉर्ड बनाया. ल्हाक्पा शेरपा ने महिलाओं का रिकॉर्ड तोड़ा. उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर अपनी 11वीं सफल चढ़ाई पूरी की.

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रुपये की गिरावट रोकने के लिए कई कदमों पर किया जा रहा विचार: पीयूष गोयल को स्किप करें
२१ मई २०२६

रुपये की गिरावट रोकने के लिए कई कदमों पर किया जा रहा विचार: पीयूष गोयल

एक कार्यक्रम में बोलते हुए पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय रुपये में आई तेज गिरावट से निपटने के लिए सरकार के सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैंतस्वीर: Deepak Gupta/Hindustan Times/IMAGO

भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई तेज गिरावट से निपटने के लिए सरकार के सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं. गोयल ने बताया कि मुद्रा को स्थिर करने के लिए कई उपायों पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक रूप से स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है और सरकार इस पर नजर बनाए हुए है.

फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-इस्राएल और ईरान के युद्ध के बाद से भारतीय रुपये में करीब छह फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है. एक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 96 के पार जा चुकी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने तीन बैंकरों के हवाले से बताया है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी रुपये की गिरावट को रोकने के लिए कदम उठा रही है.

पीयूष गोयल ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि फिलहाल सरकार की गैर-जरूरी आयात पर रोक लगाने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा, “हमने भारत के सभी लोगों से अपील की है कि वे आयात पर निर्भर उत्पादों पर खर्च करने के मामले में अधिक सजग हों.” पीएम मोदी भी लोगों से कम ईंधन खर्च करने, गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालने और सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं.

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यूक्रेन को ईयू का 'सहयोगी सदस्य' बनाया जाए: जर्मन चांसलर को स्किप करें
२१ मई २०२६

यूक्रेन को ईयू का 'सहयोगी सदस्य' बनाया जाए: जर्मन चांसलर

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में परेड का निरीक्षण करते यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, साथ हैं जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में परेड का निरीक्षण करते यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, साथ हैं जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्सतस्वीर: Axel Schmidt/REUTERS

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने सुझाव दिया है कि यूक्रेन के पूर्ण सदस्यता के योग्य होने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले उसे यूरोपीय संघ का "सहयोगी सदस्य" बनाया जाए. गुरुवार, 21 मई को समाचार एजेंसियों के देखे गए एक पत्र में चांसलर मैर्त्स ने यूरोपीय संघ के प्रमुखों उर्सुला फॉन डेय लाएन और अंतोनियो कोस्टा को लिखा है कि यूक्रेनी अधिकारियों को बिना वोटिंग अधिकार के, यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलनों और मंत्री स्तर की बैठकों में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए.

रूसी सेनाओं से लड़ रहा यूक्रेन, अपनी सुरक्षा और समृद्धि को मजबूत करने के इरादे से ईयू में शामिल होने का बेहद इच्छुक है. खासकर इसलिए भी क्योंकि अमेरिका ने अब तक उसे नाटो का सदस्य बनाने के विचार को खारिज किया है. मैर्त्स के इस प्रस्ताव के तहत, यूक्रेन ईयू के आपसी सहायता प्रावधान के दायरे में आ जाएग, और वह यूरोपीय संघ के बजट के कुछ हिस्सों से आर्थिक मदद पाने का भी हकदार होगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे अभी भी चाहते हैं कि यूक्रेन आखिरकार एक "पूर्ण सदस्य" बने और उन्होंने इसके लिए सभी जरूरी बातचीत शुरू करने की अपील की.

अगले कुछ वर्षों में यूक्रेन का पूर्ण सदस्य बनना मुश्किल है क्योंकि यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रियाएं आमतौर पर काफी लंबी होती हैं और इनमें भारी नौकरशाही का सामना करना पड़ता है. साथ ही उम्मीदवार देशों को कई लोकतांत्रिक और आर्थिक मानकों को पूरा करना होता है. इस गुट के सभी 27 सदस्य देशों को किसी भी नए देश के शामिल होने को अपनी मंजूरी देनी होती है और उसकी पुष्टि करनी होती है. ऐसे में संभावित बाधाएं और ज्यादा बढ़ा देती हैं.

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59 साल बाद तमिलनाडु सरकार में कांग्रेस को मिली हिस्सेदारी को स्किप करें
२१ मई २०२६

59 साल बाद तमिलनाडु सरकार में कांग्रेस को मिली हिस्सेदारी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तमिलनाडु सीएम विजय और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
विजय के शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए थेतस्वीर: Riya Mariyam R/REUTERS

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार, 21 मई को अपनी कैबिनेट का विस्तार किया. कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और पी विश्वनाथन ने लोकभवन में अपने पद की शपथ ली. इसके साथ ही 59 साल बाद राज्य की कैबिनेट में कांग्रेस की वापसी हुई. कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, “यह कांग्रेस के लिए बेहद अहम दिन है और हम सभी यह महसूस करते हैं कि 59 साल एक लंबा वक्त है.”

न्यूज वेबसाइट एनडीटीवी के मुताबिक, तमिलनाडु में 1967 में आखिरी बार कांग्रेस पार्टी को कैबिनेट में जगह मिली थी. इसके बाद राज्य की राजनीति में डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा हो गया और कांग्रेस मंत्रिपद से दूर हो गई. 2026 में हुए विधानसभा चुनावों में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों का दबदबा खत्म कर दिया और इससे कांग्रेस को एक मौका मिल गया.

विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीती थीं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 118 था. ऐसे में विजय ने कांग्रेस से समर्थन देने की अपील की. इसके बाद कांग्रेस ने डीएमके से अपना सालों पुराना गठबंधन तोड़ते हुए टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया. कांग्रेस और अन्य पार्टियों के सहयोग से टीवीके ने सरकार बनाई और अब कांग्रेस के दो विधायकों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया.

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२१ मई २०२६

भीषण लू के चलते खाली हुईं उत्तर भारत की सड़कें और बाजार

Indien Jammu 2026 | Schulkinder schützen sich vor extremer Hitze
कई इलाकों में प्रशासन ने समय से पहले ही गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी तस्वीर: Channi Anand/AP Photo/picture alliance

उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है. भीषण लू इस स्थिति को और गंभीर बना रही है. इसके चलते दोपहर में शहरों की सड़कें और बाजार खाली दिखाई दे रहे हैं. वहीं, कई इलाकों में किसान गर्मी से बचने के लिए रात में खेती का काम निपटा रहे हैं. राजधानी नई दिल्ली में लोगों को राहत देने के लिए कई जगहों पर अस्थायी कूलिंग जोन बनाए गए हैं. 

भारत में पड़ रही भयंकर गर्मी से कैसे बचा जा सकता है

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तरी क्षेत्रों के कई हिस्सों में ऐसी स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिसमें तापमान मौसमी औसत से काफी ऊपर रहेगा. सरकारी विभाग लोगों से दोपहर के समय घर के अंदर या छायादार जगहों पर ही रहने की अपील कर रहे हैं. बाहर निकलने पर सर ढकने और कॉटन से बने हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह भी दी जा रही है. 

झुलसती गर्मी से बचाने के लिए कदम उठाते भारतीय शहर

इस भीषण गर्मी ने स्कूलों को भी प्रभावित किया है. कई इलाकों में प्रशासन ने समय से पहले ही गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी है. यूपी के बांदा जिले में मंगलवार को अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में बढ़ता तापमान, जलवायु परिवर्तन से जुड़े एक व्यापक वैश्विक पैटर्न का हिस्सा है. 

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पांच देशों की यात्रा के बाद भारत लौटे पीएम नरेंद्र मोदी को स्किप करें
२१ मई २०२६

पांच देशों की यात्रा के बाद भारत लौटे पीएम नरेंद्र मोदी

प्लेन के दरवाजे पर खड़े होकर हाथ हिलाकर अभिवादन करते पीएम मोदी
पीएम मोदी पांच देशों का दौरा पूरा करने के बाद देश लौट आए हैंतस्वीर: IMAGO/ANI News

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी करने के बाद गुरुवार, 21 मई को भारत लौट आए हैं. पीएम मोदी ने अपनी इस यात्रा में संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा किया. यात्रा के आखिरी चरण में वह इटली में थे, जहां उन्होंने इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों को "विशेष रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक बढ़ाया.

इससे पहले पीएम मोदी नॉर्वे गए, जहां उन्होंने तीसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया और डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेताओं से मुलाकात की. स्वीडन में उनकी मौजूदगी में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया. वहां उन्होंने यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित किया. नॉर्वे और स्वीडन ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा. 

इससे पहले नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान दोनों देशों ने 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. नीदरलैंड्स की प्रमुख तकनीकी कंपनी एएसएमएल ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक समझौता किया, जिसके तहत भारत में सेमीकंडक्टर संयंत्र के निर्माण और विस्तार में सहयोग किया जाएगा. वहीं, यूएई की यात्रा के दौरान एलपीजी की दीर्घकालिक आपूर्ति और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़े समझौते हुए. 

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क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर अमेरिका में मामला दर्ज को स्किप करें
२१ मई २०२६

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर अमेरिका में मामला दर्ज

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो मिलिट्री ड्रेस में
1 मई 2026 को मजदूर दिवस के मौके पर आयोजित रैली में शामिल होते 94 साल के राउल कास्त्रोतस्वीर: Norlys Perez/REUTERS

अमेरिकी न्याय विभाग ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर मुकदमा चलाने की घोषणा की है. यह आरोप क्यूबा की वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा अमेरिका के दो नागरिक विमानों को मार गिराने की घटना से जुड़ा है. इनमें मियामी स्थित कास्त्रो-विरोधी मानवीय समूह 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' के चार सदस्य मारे गए थे.

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कानेल बरमुडेज ने इन आरोपों की निंदा की. उन्होंने इसे "बिना किसी कानूनी आधार का एक राजनीतिक पैंतरा" बताया है. क्यूबा के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर झूठ बोलने और 1996 में विमानों को गिराए जाने की घटनाओं को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का भी आरोप लगाया.

पढ़ें: क्यूबा में अमेरिका की सत्ता परिवर्तन की आस के बीच मेक्सिको ने भेजी मदद

राउल कास्त्रो, लंबे समय तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे फिदेल कास्त्रो के भाई हैं. वह 2008 से 2018 के बीच देश के राष्ट्रपति रहे हैं. 94 साल के राउल कास्त्रो ने ही बराक ओबामा के दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अमेरिका के साथ संबंध सुधारने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए थे.

बराक ओबामान (बाएं), राउल कास्त्रो (दाएं)
यह तस्वीर 21 मार्च 2016 की है जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, क्यूबा की राजधानी हवाना पहुंचे थेतस्वीर: Miami Herald/TNS/ABACA/dpa/picture alliance

बाद में, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 2017 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान इस कदम को पलट दिया था. अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, यह आरोप पत्र मियामी की एक संघीय अदालत में दायर किया गया है, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को मारने की साजिश का एक आरोप, हत्या के चार आरोप और विमान तबाह करने के दो आरोप शामिल हैं.

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आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.