पीएम मोदी की ईंधन बचाओ अपील पर विपक्ष हुआ हमलावर
प्रकाशित ११ मई २०२६आखिरी अपडेट ११ मई २०२६
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पीएम मोदी की अपील- तेल बचाएं, वर्क फ्रॉम होम करें, सोने की खरीदारी से बचें
मोदी की अपील पर राहुल गांधी का हमला: "जनता से बलिदान मांगना सरकार की विफलता का सबूत"
शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में यूपी-बिहार से तीन आरोपी गिरफ्तार
हंटावायरस: स्पेन पहुंचे जहाज के दो भारतीय क्रू मेंबर पूरी तरह स्वस्थ, नीदरलैंड्स भेजे गए
कच्चे तेल के भाव बढ़ने और वैश्विक तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार धड़ाम
ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को पूरी तरह से किया खारिज
कीव पहुंचे जर्मन रक्षा मंत्री ने ड्रोनों के विकास पर जोर दिया
शुभेंदु कैबिनेट की पहली बैठक में बीएसएफ को बाड़ के लिए जमीन देने का फैसला
भारत ने 1998 में आज ही के दिन किए थे सफल परमाणु परीक्षण
छह महीने बाद आमने-सामने होंगे ट्रंप और शी, इस हफ्ते चीन दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति
1 जुलाई से लागू होगा मनरेगा की जगह लेने वाला 'वीबी–जी राम जी' कानून
चीन में दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंची शादियों की संख्या
साल 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच चीन में करीब 17 लाख शादियां रजिस्टर हुईं. 1.4 अरब की आबादी वाले चीन के लिए यह संख्या काफी कम है. साल 2025 की पहली तिमाही की तुलना में यह 6.2 फीसदी कम है, जबकि साल 2017 की पहली तिमाही की तुलना में यह लगभग आधी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने आधिकारिक डेटा के हवाले से यह जानकारी दी है.
रॉयटर्स के मुताबिक, यह गिरावट चीन के सामने बढ़ती जनसांख्यिकी चुनौतियों का संकेत है. दरअसल, चीन में परंपरागत रूप से शादियां और जन्म दर एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. ऐसे में अगर शादियां ही कम होंगी तो जन्म दर में गिरावट आना स्वाभाविक है. चीन में जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है और विशेषज्ञ इसके और गिरने की चेतावनी दे रहे हैं.
इस वजह से चीन में साल 2025 में लगातार चौथे साल जनसंख्या में गिरावट दर्ज की गई. चीन में सरकार अब युवाओं को शादी और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसके लिए सरकार ने परिवारों को सब्सिडी देने और बच्चों के पालन-पोषण के लिए आर्थिक मदद करने की शुरुआत की है. चीन बच्चों के जन्म के दौरान होने वाले मेडिकल खर्च को कम करने का भी प्रयास कर रहा है.
रेगिस्तान में कमाल: 123 घंटे में 600 किमी दौड़कर सुर्खियों में आर्दा सात्शी
जर्मनी के 28 वर्षीय धावक आर्दा सात्शी ने एक अद्भुत कारनामा करते हुए 600 किलोमीटर की दौड़ लगभग 123 घंटे में पूरी कर ली. उन्होंने यह लंबी दौड़ अमेरिका के रेगिस्तान में पूरी की और रविवार को लॉस एंजेलेस के सांता मोनिका पियर पर पहुंचकर अपनी यात्रा समाप्त की.
भले ही यह उपलब्धि बेहद प्रभावशाली है, फिर भी सात्शी इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे क्योंकि उनका लक्ष्य इस दूरी को 96 घंटे में पूरा करने का था. दौड़ के अंतिम चरण में भी उनका प्रदर्शन मजबूत रहा. कई बार उन्होंने 6 मिनट प्रति किलोमीटर की रफ्तार बनाए रखी, जबकि औसत गति 12 मिनट प्रति किलोमीटर से थोड़ी अधिक रही.
इस मैराथन को ऑनलाइन भी जबरदस्त लोकप्रियता मिली. लाखों लोगों ने लाइवस्ट्रीम के जरिए इस दौड़ को देखा. सोशल मीडिया पर भी सात्शी की बड़ी फैन फॉलोइंग है, जहां उनके यूट्यूब पर करीब 15 लाख और इंस्टाग्राम पर लगभग 20 लाख फॉलोअर्स हैं.
1 जुलाई से लागू होगा मनरेगा की जगह लेने वाला 'वीबी–जी राम जी' कानून
केंद्र सरकार ने सोमवार को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जी राम जी विधेयक के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कानून ग्रामीण गरीब, श्रमिक परिवारों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और किसानों के जीवन में नई आशा, अधिक आय सुरक्षा और गांवों में बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास कार्यों का मार्ग खोलेगा.
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मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ी लेकिन असमानता नहीं मिटी
शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी गई है और 1 जुलाई से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार चाहने वाले मजदूरों को अब साल में 100 नहीं, 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीच के समय में मनरेगा के सारे प्रावधान लागू रहेंगे और अधूरे काम 1 जुलाई के पहले तक मनरेगा के अंतर्गत ही पूरे किए जाएंगे.
शिवराज सिंह ने बताया कि राज्यों से व्यापक स्तर पर सलाह-मशविरा कर नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि ट्रांजिशन पीरियड में कोई भी मजदूर रोजगार से वंचित न हो, इसकी संपूर्ण व्यवस्था कर दी गई है. मंत्री के मुताबिक योजना के तहत रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अपने बजट में 95,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का प्रावधान किया है.
जर्मन प्रवासियों की पहली पसंद बना स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया दूसरे स्थान पर
यूरोप में जर्मन नागरिकों के बीच स्विट्जरलैंड सबसे पसंदीदा प्रवासन गंतव्य बन गया है. जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, 2025 की शुरुआत में करीब 3.3 लाख जर्मन नागरिक स्विट्जरलैंड में रह रहे थे. पिछले 10 वर्षों में वहां रहने वाले जर्मनों की संख्या में लगभग 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. इस बढ़ोतरी के पीछे भौगोलिक नजदीकी और भाषा की समानता को मुख्य कारण माना जा रहा है.
स्विट्जरलैंड के बाद ऑस्ट्रिया जर्मन प्रवासियों के लिए दूसरा सबसे लोकप्रिय देश है. 2025 की शुरुआत तक वहां करीब 2.4 लाख जर्मन नागरिक रह रहे थे, जो ऑस्ट्रिया में सबसे बड़ा विदेशी समुदाय बनाते हैं. जर्मन भाषा दोनों देशों में प्रचलित होने से लोगों को यहां बसने और काम करने में आसानी होती है, जिससे इन देशों की ओर रुझान लगातार बढ़ रहा है.
इसके विपरीत, दक्षिणी यूरोप में स्पेन खासतौर पर बुजुर्ग जर्मनों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक, स्पेन में लगभग 1.32 लाख जर्मन नागरिक रह रहे हैं. बेहतर मौसम, आरामदायक जीवनशैली और रिटायरमेंट के लिए अनुकूल माहौल होने के कारण ज्यादा उम्र के लोग स्पेन की ओर पलायन करना पसंद कर रहे हैं.
ईरान में जासूसी के आरोप में छात्र को दी गई फांसी: एनजीओ
ईरान ने एक और विवादास्पद कदम उठाते हुए तेहरान की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के 29 वर्षीय छात्र एरफान शकूरजादेह को जासूसी के आरोप में फांसी दे दी. ईरानी न्यायपालिका की वेबसाइट मिजान के अनुसार, उसे अमेरिकी जासूसी एजेंसी सीआईए और इस्राएल की खुफिया एजेंसी मोसाद के साथ सहयोग करने का दोषी पाया गया था. अधिकारियों ने दावा किया कि वह सैटेलाइट तकनीक से जुड़ी संवेदनशील जानकारी विदेशी एजेंसियों को दे रहा था और उसके कथित "कबूलनामे" को राज्य टीवी पर प्रसारित करने की बात भी कही गई.
पढ़ें रिपोर्ट: जंग के बीच ईरान में लोगों को दी जा रही फांसी
ईरान में जमशेद शारमाद को दे दी गई मौत की सजा
हालांकि, नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठनों 'ईरान ह्यूमन राइट्स' (आईएचआर) और 'हेंगॉ' ने इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अनुसार शकूरजादेह एक प्रतिभाशाली छात्र था, जिसे महीनों तक एकांत कारावास में रखा गया और उसे शारीरिक तथा मानसिक यातनाएं दी गईं. संगठनों ने कहा कि उससे जबरन झूठे कबूलनामे लिए गए. फांसी से पहले अपने संदेश में शकूरजादेह ने आरोपों को "बेबुनियाद" बताते हुए कहा कि उसे यातना देकर कबूलनामा देने पर मजबूर किया गया.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान में हाल के महीनों में फांसी की सजा में तेजी आई है. फरवरी के अंत से शुरू हुए तनावपूर्ण माहौल के बाद जासूसी के आरोप में यह पांचवीं फांसी है. इसके अलावा, विरोध प्रदर्शनों और विपक्षी संगठनों से जुड़े कई लोगों को भी मौत की सजा दी गई है.
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरान इन सजाओं का इस्तेमाल समाज में डर का माहौल बनाने के लिए कर रहा है, जबकि देश पहले ही दुनिया में सबसे अधिक फांसी देने वाले देशों में शामिल है. एनजीओ का कहना है कि इस साल ईरान में अब तक 190 लोगों को फांसी दी गई है.
ऊर्जा संकट के बीच श्रीलंका ने बिजली के दाम 18 फीसदी बढ़ाए
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते पैदा हुए ऊर्जा संकट ने श्रीलंकाई नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. श्रीलंका सरकार 11 मई से बिजली की कीमतों में 18 फीसदी की बढ़ोतरी कर रही है. यह बढ़ोतरी उन उपभोक्ताओं पर लागू होगी जो हर महीने 180 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं. श्रीलंका के पब्लिक यूटिलिटी कमीशन के मुताबिक, इस बढ़ोतरी का मकसद बिजली उत्पादन के बढ़े हुए खर्च की भरपाई करना है.
कमीशन ने रविवार को एक बयान में कहा, "यह बढ़ोतरी उन उद्योगों, होटलों, व्यवसायों, सरकारी संस्थानों और धार्मिक पूजा स्थलों पर लागू होगी जो प्रति माह 180 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करते हैं." श्रीलंका ने पिछले महीने भी बिजली की कीमतों में 40 फीसदी का इजाफा किया था.
होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की आवाजाही बंद होने के चलते श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ चुके हैं. वहां ईंधन के दाम में करीब 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों के चलते अप्रैल में महंगाई दर दोगुनी होकर 5.4 फीसदी हो गई है. ईरान युद्ध के चलते बढ़ी इस महंगाई ने श्रीलंका के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.
तमिलनाडु के नए सीएम विजय ने एमके स्टालिन से की मुलाकात
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख विजय ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की. इस दौरान विजय ने एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन से भी मुलाकात की. सीएम पद की शपथ लेने के बाद यह विजय की डीएमके नेताओं से पहली मुलाकात रही. इस बैठक ने इसलिए भी सबका ध्यान खींचा क्योंकि विजय की सरकार बनवाने में डीएमके के सहयोगी दलों ने बड़ा योगदान दिया है.
विजय की पार्टी टीवीके ने चुनाव में 108 सीटें जीती थीं. लेकिन विजय ने दो सीटों पर चुनाव जीता था इसलिए पार्टी के विधायकों की प्रभावी संख्या 107 थी. राज्य में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी. ऐसे में सबसे पहले पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने डीएमके का साथ छोड़कर टीवीके का समर्थन किया. बाद में डीएमके गठबंधन में शामिल सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके और आईयूएमएल ने भी अपना समर्थन दे दिया.
पर्याप्त विधायकों का समर्थन हासिल होने के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. विजय ने रविवार, 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद सोमवार, 11 मई को सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने अपने पद की शपथ ली.
छह महीने बाद आमने-सामने होंगे ट्रंप और शी, इस हफ्ते चीन दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इस सप्ताह अपने दो दिवसीय चीन दौरे पर बीजिंग पहुंचने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी. दोनों नेताओं के बीच यह छह महीनों से ज्यादा समय बाद आमने-सामने की पहली बैठक होगी. इस बैठक का मकसद व्यापार विवाद, ईरान को लेकर तनाव और अन्य वैश्विक मुद्दों के बीच अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर करना है. ट्रंप का यह दौरा 2017 के बाद उनका पहला चीन दौरा भी होगा.
वार्ता के दौरान दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए नए मंच बनाने पर सहमत हो सकते हैं. इसके तहत “बोर्ड ऑफ ट्रेड” और “बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट” जैसी संस्थाओं पर चर्चा संभव है, चीन द्वारा बोइंग विमानों, अमेरिकी कृषि उत्पादों और ऊर्जा की खरीद से जुड़े बड़े समझौते की घोषणा भी की जा सकती है. इसके अलावा, रेअर अर्थ की आपूर्ति से जुड़े समझौते को आगे बढ़ाने पर भी विचार होगा, जो अमेरिकी औद्योगिक जरूरतों के लिए अहम है.
ताइवान के पास फिर मंडराए चीन के लड़ाकू विमान
हालांकि, बातचीत में कई संवेदनशील मुद्दे भी शामिल होंगे, जैसे ताइवान, ईरान, परमाणु हथियार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर प्रभाव डालकर तनाव कम करने में भूमिका निभाए, जबकि चीन ताइवान मुद्दे पर अमेरिकी रुख से नाराज है. इसके अलावा, दोनों देश एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग को लेकर संवाद की शुरुआत करना चाहते हैं. परमाणु हथियार नियंत्रण पर अमेरिका की पहल के बावजूद चीन ने ऐसी चर्चाओं में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है.
कीव पहुंचे जर्मन रक्षा मंत्री ने ड्रोनों के विकास पर जोर दिया
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव के अचानक दौरे पर पहुंचे. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना और आधुनिक हथियार प्रणालियों के संयुक्त विकास पर चर्चा करना है. पिस्टोरियस ने कहा कि जर्मनी और यूक्रेन रणनीतिक साझेदार हैं और यह सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा को मजबूती देगा.
खत्म हो सकती है यूक्रेन के साथ रूस की जंग: पुतिन
उन्होंने विशेष रूप से अत्याधुनिक मानवरहित प्रणालियों (ड्रोन) के विकास पर जोर दिया, जिनका इस्तेमाल “डीप स्ट्राइक” यानी दुश्मन के अंदरूनी हिस्सों में हमले करने के लिए किया जा सकता है. पिस्टोरियस का मानना है कि नाटो के यूरोपीय देशों में लंबी दूरी की हथियार क्षमता में अभी भी कमी है, जिसे जल्द से जल्द दूर करने की जरूरत है.
युद्धविराम के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन बोले, “जीत हमेशा हमारी रही है और रहेगी"
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच अस्थायी युद्धविराम समाप्त होने वाला है. यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की पहल पर घोषित किया गया था और रूस के द्वितीय विश्व युद्ध विजय दिवस समारोह के दौरान लागू रहा, ताकि किसी भी संभावित हमले से बचा जा सके.
शुभेंदु कैबिनेट की पहली बैठक में बीएसएफ को बाड़ के लिए जमीन देने का फैसला
पश्चिम बंगाल के नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई. इसमें बांग्लादेश के साथ वर्तमान में बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कांटेदार बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को 45 दिनों के भीतर भूमि आवंटित करने का फैसला लिया गया.
आखिर कैसे पहली बार पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हुई बीजेपी
कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि नई कैबिनेट के गठन के 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को जमीन सौंपने का वादा बीजेपी के संकल्प पत्र में किया गया था और गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसकी घोषणा की थी. कैबिनेट बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, "नई कैबिनेट की पहली बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई."
बैठक में पारित दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि पश्चिम बंगाल में केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को लागू किया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने इस योजना को इस आधार पर लागू नहीं किया था कि राज्य की अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना 'स्वस्थ साथी' लागू होने के कारण केंद्र सरकार की योजना अनावश्यक हो गई थी.
सीएम अधिकारी ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य को केंद्र प्रायोजित कई अन्य योजनाओं में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिनमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना, पीएम श्री योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और उज्ज्वला योजना शामिल हैं.
भारत ने 1998 में आज ही के दिन किए थे सफल परमाणु परीक्षण
भारत सरकार सोमवार, 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिक दिवस (नेशनल टेक्नोलॉजी डे) मना रही है. साल 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों के उपलक्ष्य में हर साल 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है. प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के मुताबिक, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में घोषित किया था.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं. हमें अपने वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और समर्पण को याद करते हुए गर्व हो रहा है, जिसके परिणामस्वरूप 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण हुए. वह ऐतिहासिक क्षण भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था.
पीआईबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, भारत ने 11 मई, 1998 के दिन राजस्थान के रेगिस्तान में स्थित पोखरण रेंज में तीन परमाणु परीक्षण किए थे. इसके बाद 13 मई, 1998 को भी दो परमाणु परीक्षण किए गए थे. भारत ने इन परीक्षणों को सफल बताते हुए खुद को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र घोषित किया था. भारत अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए समर्पित बताता रहा है.
ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को पूरी तरह से किया खारिज
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए मसौदा प्रस्ताव भेज दिया है. ईरान के इस प्रस्ताव पर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित ‘प्रतिनिधियों’ का जवाब पढ़ा है. मुझे यह पसंद नहीं आया, बिल्कुल मंजूर नहीं! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.”
ईरान ने अमेरिका को पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए अपना प्रस्ताव भेजा था, जिसके कुछ ही घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान सामने आया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि तेहरान ने जवाब दे दिया है. हालांकि, जवाब से संबंधित विस्तृत जानकारी को साझा नहीं किया.
ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि तेहरान का जवाब खास तौर पर क्षेत्र में दुश्मनी खत्म करने पर केंद्रित था. वहीं, अन्य ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि तेहरान ने लड़ाई को आधिकारिक तौर पर खत्म करने, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने, नाकेबंदी करने वाले अमेरिकी नौसेना के जहाजों को हटाने, प्रतिबंध हटाने और बातचीत के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय देने की मांग की है.
ईरान ने कथित तौर पर यह भी प्रस्ताव दिया है कि भविष्य की बातचीत में उसके परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा अलग से की जाए. बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर अमेरिका के साथ खेल खेलने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अब ईरान ज्यादा खुश नहीं रहेगा!
इस बीच, अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान को यह साफ कर देना चाहिए कि वे परमाणु हथियार नहीं चाहते हैं, जिसे वॉशिंगटन शांति समझौते के लिए जरूरी मानता है.
कच्चे तेल के भाव बढ़ने और वैश्विक तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार धड़ाम
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां बीएसई सेंसेक्स लगभग 1000 अंक टूटकर 76,000 के पास पहुंच गया और निफ्टी भी 23,900 के नीचे फिसल गया. इस गिरावट से बाजार से करीब छह लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप साफ हो गया. सभी सेक्टरों में बिकवाली देखी गई और बड़ी संख्या में शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए.
भारतीय जहाजों पर गोलीबारी के बाद भारत ईरान संबंधों पर जोर
गिरावट की बड़ी वजह वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव रहा, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने की खबर, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया. ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जिसका भारत जैसे आयात-निर्भर देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर होता है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और आयात कम करने की अपील को भी बाजार ने सतर्कता संकेत के रूप में लिया, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ.
पहले के तेल संकटों से अलग है ईरान युद्ध से उपजा संकट
सेंसेक्स में लिस्टेड कंपनियां जैसे टाइटन, इंडिगो, इटर्नल, एसबीआई, एमएंडएम, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, एचयूएल, पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक,आईटीसी, एशियन पेंट्स और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर कमजोर रहे.
शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में यूपी-बिहार से तीन आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक आरोपी यूपी के बलिया और दो बिहार के रहने वाले हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मामले की जांच कर रही एसआईटी गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को रात में ही कोलकाता लाई और सोमवार को इनकी पेशी बारासात कोर्ट में हो सकती है.
मामले की जांच कर रही एसआईटी के अनुसार दो आरोपी बिहार के रहने वाले हैं, जिनका नाम मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य है. इसके साथ ही एक आरोपी बलिया का है और उसका नाम राज सिंह बताया जा रहा है.
वहीं, मामले की जांच कर रही एसआईटी ने उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है. इनसे गहन पूछताछ की जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ से हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हो सकता है.
6 मई को चंद्रनाथ रथ को गोली मार दी गई थी. गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पास के डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. हत्या का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया गया है.
इसके बाद चंद्रनाथ की हत्या की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.
हंटावायरस: स्पेन पहुंचे जहाज के दो भारतीय क्रू मेंबर पूरी तरह स्वस्थ, नीदरलैंड्स भेजे गए
हंटावायरस से प्रभावित क्रूज शिप एमवी होंडियस से निकाले गए यात्रियों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. रविवार को स्पेन पहुंचने के बाद क्रूज शिप से स्पेनिश स्वास्थ्य अधिकारियों और डब्ल्यूएचओ के प्रोटोकॉल के तहत सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया. दोनों भारतीय क्रू मेंबर पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें आगे की स्वास्थ्य निगरानी के लिए नीदरलैंड्स भेजा गया है.
पढ़ें रिपोर्ट: कितना खतरनाक है चूहों से फैलने वाला हंटावायरस?
स्पेन में भारतीय दूतावास की ओर दी गई जानकारी के अनुसार, हंटावायरस से प्रभावित डच झंडे वाला जहाज एमवी होंडियस, जिसमें दो भारतीय नागरिकों सहित लगभग 150 लोग सवार थे, रविवार को स्पेन पहुंचा. वायरस के फैलने की आशंका के चलते जहाज को स्पेन के कैनरी द्वीप के तट से कुछ दूरी पर लंगर डालकर रोक दिया गया.
जहाज पर सवार यात्रियों को डब्ल्यूएचओ और स्पेनिश अधिकारियों द्वारा तय किए गए प्रोटोकॉल के अनुसार जहाज से उतारा गया. जहाज से उतारे गए दोनों भारतीय नागरिक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं है. स्पेन में भारत के राजदूत स्पेनिश अधिकारियों और इन दो भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और "भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर नियमित रूप से नजर रख रहे हैं."