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राजनीतिविश्व

ईरान का दावा, अमेरिका का दूसरा F-35 लड़ाकू विमान मार गिराया

रीतिका एपी, एएफपी, डीपीए | आदर्श शर्मा रॉयटर्स, एएनआई, आईएएनएस
प्रकाशित ३ अप्रैल २०२६आखिरी अपडेट ३ अप्रैल २०२६

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 F-35A की सांकेतिक तस्वीर
हालांकि, लड़ाकू विमान गिराए जाने के ईरान के दावे पर अब तक अमेरिका ने कोई बयान जारी नहीं किया है. (फाइल फोटो)तस्वीर: Olivier Polet/ABACA/picture alliance
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अमेरिकी कानून विशेषज्ञों ने कहा, ईरान पर अमेरिकी हमले युद्ध अपराध के दायरे में को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

अमेरिकी कानून विशेषज्ञों ने कहा, ईरान पर अमेरिकी हमले युद्ध अपराध के दायरे में

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की तस्वीर
पत्र में विशेष रूप से मार्च में ट्रंप द्वारा की गई एक टिप्पणी का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान पर ‘सिर्फ मजे के लिए’ हमले कर सकता हैतस्वीर: CNP/AdMedia/picture alliance

अमेरिका के दर्जनों अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कहा गया है कि ईरान पर अमेरिकी हमले युद्ध अपराध के दायरे में आ सकते हैं. यह पत्र राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ईरान के बिजली और जल अलवणीकरण संयंत्रों पर हमला करने की अपनी धमकियों को दोहराने के बाद आया है.

ट्रंप ने बीते बुधवार को अपने एक भाषण में कहा कि अगर ईरान वॉशिंगटन की शर्तों को नहीं मानता है, तो युद्ध और बढ़ सकता है, जिसमें उसके ऊर्जा और तेल बुनियादी ढांचे पर हमले संभव हैं. हार्वर्ड, येल, स्टैनफोर्ड और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों सहित अमेरिका के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने गुरुवार को जारी पत्र में कहा कि अमेरिकी सेना का आचरण और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के बयान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करते हैं, जिसमें संभावित युद्ध अपराध भी शामिल हैं.

पत्र में विशेष रूप से मार्च में ट्रंप द्वारा की गई एक टिप्पणी का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान पर ‘सिर्फ मजे के लिए’ हमले कर सकता है. विशेषज्ञों ने कहा कि वे उन हमलों के बारे में गंभीर रूप से चिंतित हैं जिन्होंने स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और घरों को निशाना बनाया है और युद्ध के पहले दिन ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले का जिक्र किया.

अमेरिकी सेना ने 28 फरवरी को ईरानी लड़कियों के एक स्कूल पर हुए विनाशकारी हमले की जांच मार्च महीने में तेज कर दी थी, जब मीडिया रिपोर्टों में सामने आया कि जांच में अमेरिकी सुरक्षाबलों के जिम्मेदार होने की संभावना जताई गई है. ईरानी रेड क्रॉस का कहना है कि उस हमले में 175 लोग मारे गए थे.

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संघर्ष जारी रहा तो और बढ़ेगी खाद्य महंगाई: संयुक्त राष्ट्र को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

संघर्ष जारी रहा तो और बढ़ेगी खाद्य महंगाई: संयुक्त राष्ट्र

रूस के एक ग्रोसरी स्टोर में एक महिला
ईरान के साथ जारी अमेरिका और इस्राएल की जंग के कारण गैस आपूर्ति में पैदा हुई रुकावटें अब मंहगाई पर भी असर डाल रही हैं.तस्वीर: Ekaterina Sychkova/Picvario Media/picture alliance

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन ने कहा है कि वैश्विक खाद्य कीमतों में मार्च में पिछले साल सितंबर के बाद से सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है. अगर मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष जारी रहता है तो ये कीमतें और भी बढ़ सकती हैं. संगठन के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने एक बयान में कहा, "संघर्ष शुरू होने के बाद से कीमतों में वृद्धि मामूली रही है, जो मुख्य रूप से तेल की ऊंची कीमतों के कारण हुई है. लेकिन वैश्विक अनाज की पर्याप्त आपूर्ति के कारण स्थिति संतुलित रही है."

लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह संघर्ष 40 दिनों से अधिक चलता है और उत्पादन लागत ऊंची बनी रहती है, तो किसान खाद का इस्तेमाल कम कर सकते हैं, बुवाई कम कर सकते हैं या उन फसलों की ओर रुख कर सकते हैं जिनमें कम उर्वरक की जरूरत पड़ती है. उन्होंने आगे कहा, "किसानों के ये चुनाव भविष्य की पैदावार को प्रभावित करेंगे और इस साल के बाकी समय और अगले पूरे साल के लिए हमारी खाद्य आपूर्ति और कीमतों को नया आकार देंगे." संगठन का खाद्य मूल्य सूचकांक, जो विश्व स्तर पर कारोबार की जाने वाली खाने की चीजों की कीमतों में बदलाव को मापता है, फरवरी के संशोधित स्तर से 2.4 फीसदी बढ़ गया है.

 

सिलेंडर के बाद अब खाने पर भी संकट

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होर्मुज में ईरानी हमले की चपेट में आए थाईलैंड के जहाज से मिले मानव अवशेष को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

होर्मुज में ईरानी हमले की चपेट में आए थाईलैंड के जहाज से मिले मानव अवशेष

होर्मुज की सांकेतिक तस्वीर
ईरान ने उन्होंने होर्मुज में 'मयूरी नारी' और लाइबेरिया के झंडे वाले एक दूसरे जहाज पर हमला किया था. (फाइल फोटो)तस्वीर: Francis Mascarenhas/REUTERS

पिछले महीने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय ईरान के हमले का शिकार हुए एक मालवाहक जहाज पर मानव अवशेष मिले हैं. ट्रांसपोर्ट कंपनी 'प्रेसियस शिपिंग' ने शुक्रवार, 3 अप्रैल को यह जानकारी दी. हमले के बाद थाई चालक दल के 20 सदस्य जहां घर लौट आए, वहीं उनके तीन सहयोगी लापता थे. आशंका थी कि वे जहाज के क्षतिग्रस्त इंजन रूम में फंस गए थे. 

थाईलैंड के झंडे के साथ सफर कर रहा 'मयूरी नारी' नाम का मालवाहक जहाज, यूएई के खलीफा बंदरगाह से भारत के कांडला बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था. 11 मार्च को होर्मुज से गुजरते वक्त एक हमले की चपेट में आकर जहाज में आग लग गई. 'प्रेशियस शिपिंग' ने अपने बयान में कहा, "जहाज के प्रभावित हिस्से के भीतर कुछ मानव अवशेष मिले हैं." कंपनी ने बताया कि वह अभी मानव अवशेषों की पहचान या उनकी संख्या की पुष्टि नहीं कर सकती है.

कंपनी ने बताया कि तलाशी अभियान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चलाया गया, क्योंकि जहाज का इंजन रूम पानी से भर गया था और आग से तबाह हो गया था. थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस घटना से दुखी है. फिलहाल, लापता चालक दल के परिवारों को सूचना दे दी गई है. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने मार्च में पुष्टि की थी कि उन्होंने होर्मुज में 'मयूरी नारी' और लाइबेरिया के झंडे वाले एक दूसरे जहाज पर हमला किया था, क्योंकि इन जहाजों ने उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था.

होरमुज में नाकाबंदी से पूरी दुनिया पर असर

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होर्मुज से पार हुआ एक फ्रांसीसी जहाज: रॉयटर्स को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

होर्मुज से पार हुआ एक फ्रांसीसी जहाज: रॉयटर्स

होर्मुज रास्ते की सांकेतिक तस्वीर
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमलों के बाद से ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद पड़ा है. (सांकेतिक तस्वीर)तस्वीर: REUTERS

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, फ्रांसीसी शिपिंग समूह 'सीएम सीजीए' के मालिकाना हक वाले एक कंटेनर जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है. यह जानकारी इसी शिपिंग कंपनी के न्यूज चैनल 'बीएफएम टीवी' ने शुक्रवार, 3 अप्रैल को दी है. 

फिलहाल यह साफ नहीं है कि उनका जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार करने में कैसे कामयाब हुआ. इस बारे में रॉयटर्स ने शिपिंग कंपनी की टिप्पणी मांगी, जिसपर फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला है. फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. 

28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमलों के बाद से तेहरान ने, जहाजों की आवाजाही के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है. तब से यहां यातायात बहुत सीमित रहा है.  
 

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भारत में बढ़ रहा शादी से पहले वजन घटाने वाली दवाएं लेने का चलन को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

भारत में बढ़ रहा शादी से पहले वजन घटाने वाली दवाएं लेने का चलन

एक युवती के हाथ में मोंजारो, वीगोवी और ओजेंपिक जैसी दवाओं के डिब्बे
भारत में मोंजारो जैसी वजन घटाने वाली दवाएं खासी लोकप्रिय हो रही हैंतस्वीर: Jens Kalaene/dpa/picture alliance

भारतीय शहरों में कई क्लीनिक अब शादी करने जा रहे लोगों को वजन घटाने के लिए आकर्षक पैकेज ऑफर कर रहे हैं. नई दिल्ली का 'क्लैरिटी स्किन क्लीनिक' एक 'मोंजारो ब्राइड पैकेज' ऑफर कर रहा है. इसमें उन लोगों को वजन घटाने वाले मोंजारो इंजेक्शन दिए जाएंगे जिनकी शादी होने वाली है ताकि वे शादी के दिन पतले दिखें. 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के साथ बातचीत में आठ डॉक्टरों ने बताया कि कई महिलाएं और पुरुष शादी से पहले वजन घटाने वाली दवा या इंजेक्शन लेने के बारे में उनसे सलाह ले रहे हैं. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ये दवाएं लेने की सलाह तभी दी जाती है, जब मरीज चिकित्सकीय रूप से इसके लिए पात्र हो. केवल कॉस्मेटिक इस्तेमाल के लिए इन दवाओं की सलाह नहीं दी जाती.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने ऐसी छह महिलाओं और एक पुरुष से बात की, जिन्होंने शादी से पहले वजन घटाने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया. उन्होंने बताया कि समाज की तरफ से शादी में एक 'विशेष तरह' का दिखने का दबाव होता है. दूल्हों की तुलना में दुल्हनों से पतला और गोरा होने की उम्मीद ज्यादा की जाती है. यही वजह है कि ऐसे पैकेज महिलाओं को ध्यान में रखकर अधिक बनाए जा रहे हैं. 

मुंबई में रहने वालीं 26 वर्षीय अदिति ने बताया कि जब कसरत और डाइट में सुधार करने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ तो उन्होंने एक डॉक्टर से इस बारे में सलाह ली. वजन घटाने वाली दवा की मदद से उनका 10 किलो वजन कम हो गया. अदिति ने कहा, “इसके नतीजे देखकर मुझे खुशी हुई. अगर मैं खुश नहीं होती तो आत्मविश्वास महसूस नहीं करती. मैं शादी के समय ऐसा महसूस नहीं करना चाहती थी.”  

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रक्षा क्षेत्र में विकास के अवसर देख रहा है जर्मनी को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

रक्षा क्षेत्र में विकास के अवसर देख रहा है जर्मनी

ड्रोन उड़ाता एक जर्मन सैनिक
मौजूदा 17 फीसदी जर्मन उद्योगों के अलावा 12.3 फीसदी औद्योगिक कंपनियों ने रक्षा क्षेत्र में शामिल होने की योजना बनाई है.तस्वीर: Leon Kuegeler/REUTERS

जर्मन चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के अनुसार, जर्मन उद्योग का ध्यान तेजी से रक्षा उत्पादन की ओर बढ़ रहा है. जर्मनी की बिजनेस न्यूज मैगजीन 'विर्टशाफ्ट्सवोखे' के एक सर्वे में पता चला है कि लगभग एक-तिहाई औद्योगिक कंपनियां सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में अपने खुद के बिजनेस मॉडल के लिए अवसर देख रही हैं. 

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण सामान्य आर्थिक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रमुख संस्थानों ने इस साल जर्मनी की विकास दर के अपने अनुमानों को घटा दिया है. लेकिन रक्षा क्षेत्र को भू-राजनीतिक तनावों से फायदा मिलने की संभावना है, क्योंकि जर्मन सरकार ने आने वाले सालों में रक्षा पर भारी खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है.

चैंबर ऑफ कॉर्मस के मुताबिक, जर्मनी की हर छह में से एक औद्योगिक कंपनी पहले से ही रक्षा क्षेत्र के वैल्यू चेन से जुड़ी हुई है. इसमें ऑटोमोबाइल सेक्टर सबसे आगे है, जहां 36 फीसदी कंपनियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रक्षा क्षेत्र में सक्रिय हैं. भविष्य की ओर देखते हुए, मौजूदा 17 फीसदी के अलावा 12.3 फीसदी औद्योगिक कंपनियों ने रक्षा क्षेत्र में शामिल होने की योजना बनाई है.

जर्मनी-भारत के रिश्ते क्यों हुए इतने अहम

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पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी

पाकिस्तान में एक फ्यूल स्टेशन पर अपनी बाइकों में ईंधन भरवाते लोग
पाकिस्तान में एक लीटर डीजल 520 पाकिस्तानी रुपये और एक लीटर पेट्रोल 458 पाकिस्तानी रुपये का मिल रहा हैतस्वीर: Akhtar Soomro/REUTERS

पाकिस्तान में गुरुवार, 2 अप्रैल को डीजल-पेट्रोल के दामों में खासी बढ़ोतरी की गई. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, डीजल के दाम करीब 55 फीसदी और पेट्रोल के दाम करीब 42 फीसदी बढ़ाए गए. अब पाकिस्तान में एक लीटर डीजल 520 पाकिस्तानी रुपये और एक लीटर पेट्रोल 458 पाकिस्तानी रुपये का मिल रहा है. पाकिस्तान ने पिछले महीने भी ईंधन की कीमतों में करीब 20 फीसदी का इजाफा किया था. 

इस बढ़ोतरी के पीछे इस्राएल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का हवाला दिया जा रहा है, जिसके चलते तेल और गैस की वैश्विक आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बेकाबू हो जाने के कारण कीमतों को बढ़ाना जरूरी था.” इस फैसले से देश में महंगाई बढ़ने और कम आय वर्ग वाले लोगों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है. 

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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ रही: चीन को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ रही: चीन

ऑयल डिपो पर पाकिस्तानी हमले के बाद उठता धुंआ
दोनों देशों के बीच फरवरी महीने के आखिर में लड़ाई शुरू हुई थी, जिसके बाद अभी तक आधिकारिक तौर पर युद्धविराम नहीं हुआ हैतस्वीर: AFP

चीन ने कहा है कि उसके पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ रही है. चीन अपनी पश्चिमी सीमा दोनों देशों के साथ साझा करता है और फिलहाल दोनों के बीच सुलह करवाने की कोशिश कर रहा है. चीन ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बातचीत की है और मार्च में अपने विशेष दूत को भी दोनों देशों के दौरे पर भेजा था. 

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों देशों ने चीन की मध्यस्थता का स्वागत किया है और बातचीत के लिए दोबारा तैयार हो गए हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी उत्तरपश्चिमी चीन के एक शहर में बैठक कर रहे हैं और सीमा पार हमलों को रोकने के लिए रास्ते तलाशने की कोशिश कर रहे हैं. 

एक समय पर अच्छे सहयोगी रहे पाकिस्तान और तालिबान के संबंध हालिया सालों में बिगड़े हैं. बीते साल अक्टूबर में दोनों देशों के बीच लड़ाई शुरू हो गई, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए. कुछ महीने चले युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच फरवरी, 2026 के आखिर में दोबारा लड़ाई चालू हो गई, जिसके बाद अब तक दोनों देशों के बीच आधिकारिक और स्थायी युद्धविराम की घोषणा नहीं हुई है. 

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ईरान ने किया अमेरिका का दूसरा लड़ाकू विमान मार गिराए जाने का दावा को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

ईरान ने किया अमेरिका का दूसरा लड़ाकू विमान मार गिराए जाने का दावा

(फाइल फोटो)
इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने बयान जारी कर एक और अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराए जाने का दावा किया है. (फाइल फोटो)तस्वीर: Olivier Polet/ABACA/picture alliance

ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार, 3 अप्रैल को एक और अमेरिकी एफ-35 जेट मार गिराया है. इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की तरफ से आए बयान के मुताबिक, ईरान ने नए एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से अमेरिकी फाइटर जेट को अपने ही एयरस्पेस में मार गिराया है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है. 

आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा, "विमान के पूरी तरह नष्ट हो जाने के कारण इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि पायलट का क्या हुआ." आईआरजीसी के मुताबिक, पायलट के बचने की संभावना बेहद कम है. ईरानी सेना दावे पर अब तक अमेरिका ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. 

आईआरजीसी का दावा है कि यह दूसरा एफ-35 फाइटर जेट था, जिसे उन्होंने मार गिराया है. लेकिन, ईरान के पहले दावे को अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया था. जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार, अब तक किसी सशस्त्र संघर्ष में एफ-35 को गिराए जाने का पुष्ट मामला सामने नहीं आया है.
 

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जनरल मिन बने म्यांमार के नए राष्ट्रपति को स्किप करें
प्रकाशित ३ अप्रैल २०२६आखिरी अपडेट ३ अप्रैल २०२६

जनरल मिन बने म्यांमार के नए राष्ट्रपति

जनरल मिन आंग ह्लाइंग की तस्वीर
शुक्रवार को जनरल मिन आंग ह्लाइंग को म्यांमार के राष्ट्रपति के पद के लिए चुना गया.तस्वीर: Aung Shine Oo/AP Photo/picture alliance

म्यांमार की संसद ने शुक्रवार को जनरल मिन आंग ह्लाइंग को राष्ट्रपति के तौर पर चुन लिया है. मिन वही जनरल हैं, जिन्होंने 2021 में आंग सान सू की सरकार को सत्ता से हटाया था. बीते पांच सालों से म्यांमार की सत्ता एक तरह से उनके मुताबिक ही चल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक  यह कदम सिर्फ एक निर्वाचित सरकार की वापसी का संकेत है, लेकिन व्यापक तौर पर इसे सेना को सत्ता में बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. 

विरोधियों और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने इसे एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव मानने से इनकार कर दिया है. मिन आंग ह्लाइंग राष्ट्रपति पद के तीन उम्मीदवारों में से एक थे, लेकिन उनका इस पद पर चुना जाना लगभग तय था, क्योंकि सेना समर्थित दलों के सांसदों और सेना के नियुक्त सदस्यों का संसद में पूर्ण बहुमत है.

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आप सांसद राघव चड्ढा बोले, "खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं" को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

आप सांसद राघव चड्ढा बोले, "खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं"

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने कहा कि वे तो हमेशा आम आदमी के मुद्दों की बात करते हैं, ऐसे में उनके बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगातस्वीर: Hindustan Times/IMAGO

आम आदमी पार्टी और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच की खींचतान अब सबके सामने आ गई है. राघव चड्ढा ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं.” दरअसल, आम आदमी पार्टी ने 2 अप्रैल को राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था. 

इसके बाद राघव ने पूछा है कि क्या जनता के मुद्दे उठाना और जनहित के मुद्दों पर बोलना कोई अपराध है. राघव ने वीडियो में कहा, “आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह कहा है कि राघव चड्ढा के संसद में बोलने पर रोक लगा दी जाए.” उन्होंने आगे कहा कि वे तो हमेशा आम आदमी के मुद्दों की बात करते हैं, ऐसे में उनके बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर पलटवार करते हुए कहा, “पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव. मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो. देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो.” अनुराग ने कहा, “संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का.”

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होर्मुज खुलवाने को लेकर होने वाली वोटिंग से पहले ईरान ने दी चेतावनी को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

होर्मुज खुलवाने को लेकर होने वाली वोटिंग से पहले ईरान ने दी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची
सुरक्षा परिषद में यह मतदान शुक्रवार को होना था लेकिन बाद में ये वोटिंग स्थगित कर दी गई.तस्वीर: Sha Dati/Xinhua/IMAGO

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा, "हमलावरों और उनके समर्थकों की कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई, मौजूदा हालात को और मुश्किल बना देगी जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति से जुड़ा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया गया कोई भी कदम शामिल है." 

होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक मसौदा लाया गया है. अरागची शुक्रवार, 3 अप्रैल को इसी मसौदा प्रस्ताव पर होने वाले मतदान से पहले बोल रहे थे, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए एक बल तैनात करने का आदेश दिया गया था. 

सुरक्षा परिषद में यह मतदान शुक्रवार को होना था लेकिन बाद में एलान किया गया कि वोटिंग स्थगित कर दी गई है और फिलहाल इसकी कोई नई तारीख तय नहीं की गई है. यह मसौदा बहरीन ने पेश किया था जिसे अमेरिका और उन खाड़ी देशों का समर्थन मिला था जो इस नाकेबंदी से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. लेकिन रूस, चीन और फ्रांस सहित सदस्य देशों ने इसके पहले के मसौदों पर आपत्ति जताई थी.

ईंधन ढांचों पर हमले से और सुलगा ईरान युद्ध

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ईरान जंग के बीच मालदीव ने भारत से की ईंधन आपूर्ति की मांग को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

ईरान जंग के बीच मालदीव ने भारत से की ईंधन आपूर्ति की मांग

क्रूड ऑयल लेकर मुंबई पहुंचा एक टैंकर
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि देश फिलहाल बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका जैसे कुछ देशों को ईधन भेज रहा हैतस्वीर: Rafiq Maqbool/AP Photo/picture alliance

भारत के पड़ोसी देश मालदीव ने ईंधन की आपूर्ति की मांग की है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार, 2 अप्रैल को कहा, “मालदीव सरकार ने भी अल्पकालिक और दीर्घकालिक आधार पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए हमसे संपर्क किया है. हमारी अपनी उपलब्धता और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मालदीव के अनुरोध की जांच की जा रही है.”

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, मालदीव आमतौर पर अपना ईंधन ओमान से आयात करता है. लेकिन ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमले के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से तेल और तेल उत्पादों की आवाजाही ठप हो गई है. इसके कारण मालदीव समेत कई एशियाई देशों के सामने ईंधन का संकट खड़ा हो गया है. 

भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कच्चे तेल का रिफाइनर है. जायसवाल ने बताया कि देश फिलहाल वाणिज्यिक समझौतों के तहत बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका जैसे कुछ देशों को ईधन भेज रहा है. जायसवाल ने बताया कि भारत मॉरीशस और सेशल्स के साथ भी मौजूदा ऊर्जा स्थिति पर चर्चा कर रहा है लेकिन अभी तक उन देशों की ओर से भारत को कोई अनुरोध नहीं मिला है. 

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फ्रैंकफर्ट जा रही ट्रेन में पटाखे फूटने से 12 लोग घायल, आरोपी गिरफ्तार को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

फ्रैंकफर्ट जा रही ट्रेन में पटाखे फूटने से 12 लोग घायल, आरोपी गिरफ्तार

ट्रेन स्टेशन पर घटना के बाद मौजूद पुलिसकर्मी
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके इरादों की जांच की जा रही है.तस्वीर: Roberto Pfeil/dpa/picture alliance

जर्मनी में चाकू से लैस एक शख्स को हाई-स्पीड ट्रेन में पटाखे फोड़ने के बाद गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने शुक्रवार, 3 अप्रैल को जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में 12 लोग घायल हुए हैं. वारदात 2 अप्रैल की देर रात फ्रैंकफर्ट जा रही एक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में हुई.  

घटना के बाद लगभग 180 यात्रियों को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकाला गया. पुलिस ने अपने बयान में बताया कि पटाखे फूटने के बाद यात्रियों ने संदिग्ध को एक बाथरूम में बंद कर दिया था. बयान के अनुसार, आरोपित के पास से दो चाकू भी बरामद हुए हैं. पुलिस का कहना है कि वे संदिग्ध के इरादों की जांच कर रहे हैं. जर्मन मीडिया की खबरों के अनुसार, उसने कथित तौर पर हमला करने की धमकी दी थी और कहा था कि वह लोगों को मारना चाहता है.

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अमेरिकी अटॉर्नी जनरल और सेना प्रमुख को पद से हटाया गया को स्किप करें
३ अप्रैल २०२६

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल और सेना प्रमुख को पद से हटाया गया

पैम बॉन्डी की तस्वीर
ट्रंप पैम बॉन्डी से यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक किए जाने को लेकर नाराज थे तस्वीर: Tom Williams/CQ Roll Call/Newscom World/IMAGO

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी के प्रदर्शन से नाराजगी के चलते गुरुवार, 2 अप्रैल को उन्हें उनके पद से हटा दिया. रॉयटर्स की खबर के अनुसार, ट्रंप खासतौर पर यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक किए जाने पर बॉन्डी से नाखुश थे. 

खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति को यह भी लग रहा था कि बॉन्डी उन आलोचकों और विरोधियों पर मुकदमा चलाने में पर्याप्त तेजी नहीं दिखा रही थीं, जिनपर ट्रंप आपराधिक आरोप लगवाना चाहते थे. ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में एलान किया कि मौजूदा डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच अस्थायी रूप से न्याय विभाग का नेतृत्व करेंगे. ब्लैंच, ट्रंप के निजी वकील भी रह चुके हैं.

एक और खबर में रॉयटर्स ने तीन अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज को बर्खास्त कर दिया है. यह पेंटागन के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों की हालिया छंटनी का हिस्सा है. अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने भी पुष्टि की है कि जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से रिटायर हो रहे हैं. अभी उनका एक साल से अधिक कार्यकाल बचा था. 

एक साल में कितना 'ग्रेट' बना अमेरिका

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आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.