शुभेंदु अधिकारी: पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम
प्रकाशित ८ मई २०२६आखिरी अपडेट ८ मई २०२६
आपके लिए अहम जानकारी
शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम
ईरान और अमेरिका का एक-दूसरे पर हमले का दावा, शांति प्रस्ताव पर अभी फैसला नहीं
यूक्रेन ने रूस के सहयोगियों को 'विक्ट्री डे परेड' में जाने के खिलाफ चेताया
स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की पहली स्पेस-टेक ‘यूनिकॉर्न’ कंपनी बनी
चीन ने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में मौत की सजा सुनाई
जस्टिस टीएस शिवगणनम ने एसआईआर अपीलेट ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दिया
बढ़े तनाव के बीच पोप लियो और इटली से बातचीत करने पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री का दौरा पूरा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इटली और वैटिकन सिटी का दो दिन का दौरा पूरा करते हुए कहा कि अमेरिका का मानना है कि कैथोलिक चर्च के साथ उसके अभी भी "उत्पादक, सफल और अहम रिश्ते" हो सकते हैं. यात्रा के दूसरे दिन, रोम में पत्रकारों से बातचीत में रूबियो ने यह टिप्पणी की. इससे एक दिन पहले रूबियो ने कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो 14वें से मुलाकात की थी. इसके अलावा उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और विदेश मंत्री अंतोनियो ताजानी से भी मुलाकात की.
विदेश मंत्री ताजानी ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो को बताया कि यूरोप को अमेरिका की जरूरत है और अमेरिका को भी यूरोप की. ताजानी ने मजबूत ट्रांसअटलांटिक संबंधों के लिए प्रतिबद्धता जताई और कहा कि उन्हें उम्मीद है रूबियो की यात्रा से "तनाव कम हो गया है."
जब पत्रकारों ने रूबियो से पूछा कि क्या वे डॉनल्ड ट्रंप को सलाह देंगे कि वे ईरान युद्ध पर लियो के रुख की आलोचना करना बंद करें? इस पर रूबियो ने कहा, "राष्ट्रपति हमेशा स्पष्ट रूप से बोलेंगे कि वे अमेरिका और अमेरिकी नीति के बारे में कैसा महसूस करते हैं." उन्होंने आगे जोड़ा, "संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति हमेशा वही करेंगे जो संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े हित में होगा."
रूबियो, उस वक्त रोम पहुंचे हैं जब ट्रंप ने ईरान युद्ध के मामले में पोप लियो की शांति और बातचीत की अपील पर सख्त आलोचना की है. इसके बाद जो बयानबाजी हुई, उसने लियो के बचाव में आए इतालवी नेताओं को नाराज कर दिया था.
अमित शाह की सलाह, कांग्रेस को अपनी हार के लिए आत्मचिंतन करने की जरूरत
पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर शुभेंदु अधिकारी के नाम का एलान करने के बाद बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव की प्रक्रिया पर कीचड़ उछालने के बजाय “अपनी हार के लिए आत्मचिंतन करने की जरूरत है.”
उन्होंने कहा, “कई साल से कांग्रेस कई जगहों पर चुनाव नहीं जीत रही है. अभी-अभी उन्हें मालूम पड़ गया है कि चुनाव जीतना असंभव है तो चुनाव की प्रक्रिया को ही बदनाम कर दो. इसलिए कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी जी ने कभी ईवीएम, कभी मतदाता सूची तो कभी एसआईआर पर कीचड़ उछालने का प्रयास किया.”
उन्होंने कांग्रेस से सवाल पूछा, “हम तो 2014 से शासन में आए हैं, लेकिन तमिलनाडु में 1967 से आपका सीएम नहीं बन पाया, क्या यह वोट चोरी थी? पश्चिम बंगाल में 49 साल से आपका सीएम नहीं बना, क्या यह वोट चोरी थी?” इस दौरान उन्होंने सिक्किम, बिहार, गुजरात और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों का भी उदाहरण दिया, जहां कई सालों से कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकी है.
सरकार बनाने के लिए टीवीके को मिला लेफ्ट पार्टियों का समर्थन
तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटा रहे टीवीके प्रमुख विजय को राहत भरी खबर मिली है. लेफ्ट पार्टियों सीपीआई और सीपीआई (एम) ने उन्हें सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की है. सीपीआई (एम) के राज्य सचिव टीटी शनमुगम ने दावा किया कि वीसीके पार्टी भी टीवीके को अपना समर्थन देगी.
वीसीके का सर्मथन मिलने की स्थिति में टीवीके बहुमत के आंकड़े तक पहुंच जाएगी. टीवीके ने हालिया चुनावों में 108 सीटें जीती थीं और बहुमत का आंकड़ा 118 है. पांच विधायकों वाली कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद भी टीवीके बहुमत से दूर थी. अब सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके का साथ मिलने से टीवीके बहुमत हासिल कर लेगी. इन तीनों पार्टियों के विधानसभा में दो-दो यानी कुल मिलाकर छह विधायक हैं.
सीपीआई (एम) के राज्य सचिव टीटी शनमुगम ने कहा, “अगर 10 मई तक राज्य में सरकार नहीं बनती तो राज्यपाल का शासन लागू हो जाएगा. तमिलनाडु में राज्यपाल के शासन का मतलब है, पिछले दरवाजे से बीजेपी की एंट्री होना. यह सुनिश्चित करना डीएमके गठबंधन का कर्तव्य है कि तमिलनाडु में बीजेपी की एंट्री न हो.”
चीनी स्वामित्व वाले जहाज पर होर्मुज में हमला, चीन ने पुष्टि की
चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 8 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य में चीनी चालक दल वाले तेल उत्पादों के एक टैंकर पर हमले की जानकारी दी है. साथ ही, खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष से प्रभावित जहाजों को लेकर गहरी चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जहाज पर चीनी नागरिक सवार हैं, लेकिन अब तक चालक दल के किसी भी सदस्य के हताहत होने की खबर नहीं है.
चीनी मीडिया 'कैक्सिन' ने गुरुवार को रिपोर्ट दी कि सोमवार (4 मई) को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास "चाइना ओनर एंड क्रू" लिखे हुए चीन के स्वामित्व वाले एक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ था. यह हमला बुधवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची के बीच हुई बैठक से पहले हुआ था. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही चीन ईरानी तेल का एक प्रमुख खरीदार बना हुआ है और मार्च में ईरान से होने वाले उसके आयात पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा.
जिस जहाज पर हमला हुआ है, आधिकारिक तौर पर उसकी पहचान नहीं बताई गई है. हालांकि, समुद्री सुरक्षा स्रोतों के मुताबिक, क्षतिग्रस्त जहाज के, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला ऑयल टैंकर 'जेवी इनोवेशन' होने का अनुमान है, जिसने सोमवार को पास के जहाजों को डेक पर आग लगने की सूचना दी थी.
बिहार: शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
बिहार में शुक्रवार को शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, अभ्यर्थी राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा की तारीख की घोषणा में हो रही देरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.
आईएएनएस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस के द्वारा लगाए गए बैरिकैडों को लांघने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. बताया जा रहा है कि इस दौरान कई अभ्यर्थियों को चोटें आई हैं.
एक अधिकारी के मुताबिक, पटना कॉलेज से लेकर बीपीएससी ऑफिस तक के मार्च में करीब 5,000 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. उनकी मांग थी कि शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (टीआरई-4) का नोटिफिकेशन जारी किया जाए. अभ्यर्थियों ने चयन आयोग पर भर्ती प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया है.
छात्र नेता दिलीप कुमार के मुताबिक, इस परीक्षा के लिए 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी तैयारी कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले चयन आयोग ने संकेत दिए थे कि भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन 19 अप्रैल को जारी हो जाएगा और 25-26 अप्रैल तक आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है.
हंगरी के विदेश मंत्री द्वारा रूस को जानकारी लीक करने की खबरों पर ईयू का फैसला
यूरोपीय आयोग के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार, 8 मई को कहा कि हंगरी के विदेश मंत्री द्वारा यूरोपीय संघ की जानकारी रूस को लीक किए जाने की संभावना की जांच में अब तक कोई गंभीर सेंध सामने नहीं आई है. इससे पहले, यूरोपीय आयोग की एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा था कि मीडिया रिपोर्टों ने "एक सदस्य देश की सरकार के रूस के साथ तालमेल बिठाने की चिंताजनक संभावना की ओर इशारा किया है, जो इस तरह यूरोपीय संघ और इसके सभी नागरिकों की सुरक्षा और हितों के खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रही है."
अब एक प्रवक्ता ने कहा, "संबंधित कमीशन ने जांच पूरी कर ली है और आयोग इस नतीजे पर पहुंचा है कि मीडिया में आ रहे आरोपों के संबंध में सुरक्षा में किसी गंभीर सेंध की पहचान नहीं की जा सकी है." यूरोप के खोजी प्लेटफॉर्मों के एक नेटवर्क ने सुझाया था कि हंगरी के विदेश मंत्री पेटर सियार्तो नियमित रूप से अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव को यूरोपीय संघ की आंतरिक जानकारी देते थे.
सियार्तो के बारे में यह भी कहा गया कि उन्होंने 14 दिसंबर, 2023 को यूक्रेन और मोल्दोवा को ईयू में शामिल करने के लिए बुलाए गए यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में बातचीत के ब्रेक के दौरान अपने रूसी समकक्ष को फोन किया था. यूरोपीय संघ में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे करीबी माने जाने वाले हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने यूक्रेन और मोल्दोवा के सवाल पर वीटो करने की धमकी दी थी, जब तक कि ईयू बुडापेस्ट के लिए रोकी गई 22 अरब यूरो की सहायता जारी नहीं कर देता. खोजी प्लेटफॉर्म 'वी स्क्वेयर' के मुताबिक, लावरोव ने सियार्तो से फोन पर कहा था, "कभी-कभी नेक इरादे वाली सीधी ब्लैकमेलिंग ही सबसे अच्छा विकल्प होती है."
शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम
भबानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे. वे राज्य में बीजेपी के पहले सीएम होंगे. पार्टी पर्यवेक्षक के तौर पर कोलकाता पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम की घोषणा की. उन्होंने कहा, मैं शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल दल के नेता के रूप में निर्वाचित घोषित करता हूं.
अमित शाह ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के पक्ष में आठ प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए और उनके अलावा कोई दूसरा नाम सामने नहीं आया. शुभेंदु अधिकारी शनिवार, 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. ममता बनर्जी के सहयोगी रह चुके शुभेंदु अधिकारी ने दिसंबर, 2020 में टीएमसी छोड़ी थी और अगले साल नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था.
स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की पहली स्पेस-टेक ‘यूनिकॉर्न’ कंपनी बनी
अंतरिक्ष के क्षेत्र में काम करने वाली भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी को हाल ही में 60 मिलियन डॉलर की फंडिग मिली है, जिसके बाद यह एक अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने वाली भारत की पहली स्पेस-टेक कंपनी बन गई है. एक अरब डॉलर से ज्यादा का मूल्यांकन हासिल करने वाले स्टार्टअपों को यूनिकॉर्न भी कहा जाता है. इस लिहाज से यह भारत की पहली स्पेस-टेक ‘यूनिकॉर्न’ कंपनी बन गई है.
स्काईरूट स्पेस लॉन्च व्हीकल बनाती है, जिन्हें आम भाषा में रॉकेट भी कहा जाता है. फिलहाल, कंपनी भारत के पहले निजी तौर पर बनेऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 को लॉन्च करने की तैयारी में है. हाल ही में इसे सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी और सिलिकॉन वैली स्थित शर्पालो वेंचर्स से 60 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली है, जिससे कंपनी के मूल्यांकन को फायदा हुआ.
स्काईरूट ने अपने बयान में बताया है कि निवेश प्रबंधन कंपनी ब्लैकरॉक ने भी इस फंडिंग राउंड में हिस्सा लिया था, जिससे स्काईरूट द्वारा जुटाई गई कुल पूंजी 160 मिलियन डॉलर हो गई है.
यूक्रेन ने रूस के सहयोगियों को 'विक्ट्री डे परेड' में जाने के खिलाफ चेताया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने गुरुवार को रूस के सहयोगियों को उसकी 9 मई की विजय परेड (विक्ट्री डे परेड) में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी है. इस कार्यक्रम से पहले मॉस्को और कीव ने एक-दूसरे पर हमलों के आरोप लगाए हैं और एकतरफा युद्धविराम की घोषणाओं का पालन ना करने की बात कही है. रूस ने अपनी तरफ से 8 से 10 मई तक युद्धविराम की घोषणा की थी औरयूक्रेन ने जवाबी युद्धविराम की बात कही, जो 6 मई से लागू होना था. लेकिन जेलेंस्की ने कहा कि मॉस्को ने सद्भावना के इस कदम की अनदेखी की और हमले किए.
जेलेंस्की ने कहा, "वे यूक्रेन से अपनी परेड आयोजित करने का परमिट चाहते हैं, ताकि वे साल में एक बार एक घंटे के लिए चौक पर सुरक्षित जा सकें और फिर हत्याएं करना जारी रख सकें." 9 मई की परेड नाजी जर्मनी के खिलाफ रूस की जीत के जश्न के तौर पर मनाई जाती है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए यह साल के सबसे अहम कार्यक्रमों में से एक है. कीव में एक वीडियो संबोधन में जेलेंस्की ने कहा, "हमें रूस के करीबी कुछ देशों से संदेश भी मिले हैं, जिनमें कहा गया है कि उनके प्रतिनिधि मॉस्को में रहने की योजना बना रहे हैं." उन्होंने आगे कहा, यह "एक अजीब इच्छा है.. इन दिनों में. हम इसकी सलाह नहीं देते."
पढ़ें: रूसी युद्ध के खिलाफ यूक्रेनी हौसला पांचवें साल में भी बरकरार
रूसी प्रशासन का कहना है कि संभावित यूक्रेनी हमलों को लेकर उनकी चिंताएं हैं. हाल के महीनों में कीव ने अपनी लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं का विस्तार किया है. रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गुरुवार, 7 मई को कहा कि "काफी जटिल परिचालन स्थिति" के कारण अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं. रूस के सरकारी मीडिया ने यह बताया है कि 9 मई को रूसी राजधानी में मोबाइल इंटरनेट और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाएं बंद कर दी जाएंगी. साथ ही, पिछले लगभग दो दशकों में पहली बार, परेड में टैंक, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण शामिल नहीं होंगे. इस कदम के पीछे रूसी अधिकारियों ने मौजूदा सैन्य परिस्थितियों का हवाला दिया है.
जस्टिस टीएस शिवगणनम ने एसआईआर अपीलेट ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने एसआईआर अपीलेट ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दे दिया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जस्टिस शिवगणनम ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है. वे उन 19 जजों में शामिल थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चुनाव आयोग द्वारा अपीलेट ट्रिब्यूनल नियुक्त किया गया था.
कानूनी खबरों की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस शिवगणनम उन लोगों की अपीलों पर सुनवाई कर रहे थे, जिन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था. पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची से 90 लाख नाम हटाए गए थे. इनमें से 27 लाख लोगों ने उनका नाम हटाए जाने को चुनौती दी थी.
लाइव लॉ के मुताबिक, नाम हटाए जाने को चुनौती देने वालों में कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस शहीदुल्लाह मुंशी और उनका परिवार भी शामिल था. अपील के बाद उनका और उनके परिवार का नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया गया था. हालांकि, अपील की प्रक्रिया के जरिए चुनाव से पहले 136 मतदाताओं के नाम ही मतदाता सूची में जोड़े जा सके, जबकि इसे चुनौती देने वाले मतदाताओं की संख्या लाखों में थी.
जर्मनी की शीर्ष बैंकों में से एक में होगी छंटनी, इतालवी बैंक से अधिग्रहण का खतरा
जर्मनी की शीर्ष बैंकों में से एक कॉमैर्त्स बैंक ने शुक्रवार, 8 मई को कहा कि वह 2030 तक पूरे ग्रुप में करीब 3,000 और पूर्णकालिक नौकरियां खत्म करने की योजना बना रही है. दुनिया भर में, कॉमैर्त्स बैंक में 2025 के अंत तक 39,867 फुल-टाइम कर्मचारी काम कर रहे थे. प्रबंधन के तहत संपत्तियों के मामले में जर्मनी की शीर्ष तीन बैंकों में शामिल कॉमैर्त्स बैंक ने कहा है ये कटौतियां पहले से घोषित बचत उपायों के अतिरिक्त होंगी. हालांकि, आर्थिक वृद्धि और भविष्य की बैंकिंग से जुड़े कामों में नई नौकरियां भी पैदा की जाएंगी.
इसके अलावा, कॉमैर्त्स बैंक ने 2026 की पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे घोषित किए हैं. बैंक ने करीब 1.36 अरब यूरो का ऑपरेटिंग मुनाफा दर्ज किया है. ये नतीजे पिछले साल के मुकाबले लगभग 10 फीसदी ज्यादा और विश्लेषकों की उम्मीदों से ऊपर हैं.
कॉमैर्त्स बैंक, फिलहाल इटली के यूनीक्रेडिट की ओर से अधिग्रहण की कोशिशों का सामना कर रही है. यूनीक्रेडिट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आंद्रेया ओरसेल ने हाल ही में कॉमैर्त्स बैंक के पिछले कई वर्षों के प्रदर्शन की आलोचना की है, जिसे वह औसत से कम बताते रहे हैं. यूनीक्रेडिट ने 2026 की पहली तिमाही में 3.2 अरब यूरो का रिकॉर्ड तिमाही मुनाफा दर्ज किया है. हालिया खुलासों के मुताबिक, इस इतालवी बैंक के पास कॉमैर्त्स बैंक के लगभग 30 फीसदी शेयर हैं. और, यह आने वाले हफ्तों में शेयर स्वैप के जरिए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रहा है. अगर अधिग्रहण होता है तो उस स्थिति में बैंक के पुनर्गठन की योजना भी तैयार की गई है.
कॉमैर्त्स बैंक का प्रंबंधन, कर्मचारी संघ और कर्मचारी, महीनों से आंद्रेया ओरसेल के रुख को "द्वेषपूर्ण" बताते हुए विरोध कर रहे हैं. जर्मन सरकार भी इस तरह के प्रतिकूल अधिग्रहण का विरोध कर रही है. जर्मन सरकार ने 2008-09 के वित्तीय संकट के दौरान अरबों यूरो की मदद देकर कॉमैर्त्स बैंक को बचाया था. सरकार के पास अब भी इस बैंक में लगभग 12 फीसदी की हिस्सेदारी है.
अंतिम चरण में पहुंची अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे की जांच
भारत के उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है. उन्होंने गांधीनगर में रिपोर्टरों से कहा कि हादसे की फाइनल रिपोर्ट एक महीने के अंदर जारी हो सकती है. 12 जून, 2025 को हुए इस हादसे में 260 से अधिक लोगों की मौत हुई थी.
12 जुलाई को इसकी शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि हादसे से कुछ समय पहले विमान के इंजनों तक ईंधन की आपूर्ति रोक दी गई थी. इस रिपोर्ट के बाद हादसे में पायलट की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे. विमान के पायलट सुमित सभरवाल के पिता ने इन आरोपों की आलोचना करते हुए उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा था और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.
हाल ही में भारतीय पायलटों के एक संगठन ने देश के उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है किअहमदाबाद विमान हादसे का कारण पायलट के एक्शन की बजाय इलेक्ट्रिक फेलियर भी हो सकता है. 5,000 से ज्यादा सदस्यों वाली फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने यह पत्र लिखा है. इसमें हादसे की आगे और जांच करने का सुझाव दिया गया है.
यूएई ने कहा, "ईरान से आ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं"
संयुक्त अरब अमीरात का कहना है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम "ईरान से आ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का सक्रिय रूप से सामना कर रहे हैं." शुक्रवार, 8 मई को स्थानीय समय सुबह के करीब 7 बजे एक्स पर दी जानकारी के मुताबिक,"रक्षा मंत्रालय इस बात की पुष्टि करता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई दी आवाजें यूएई के डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने का नतीजा हैं."
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने लोगों को एयर डिफेंस सिस्टम के गिराए "किसी भी मलबे या टुकड़ों" के पास न जाने, छूने और उनकी फोटो न खींचने की हिदायत दी है. ताजा हमलों में अब तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है. दुबई एयरपोर्ट पर हवाई उड़ानें जारी हैं.
पढ़ें: भाड़े के सैनिकों से फायदा उठाता संयुक्त अरब अमीरात
इस बीच, गुरुवार को ईरान ने कहा है कि वह युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के ताजा प्रस्तावों पर विचार कर रहा है. यह प्रस्ताव पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान तक पहुंच रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से जारी युद्धविराम काफी हद टिका हुआ है. हालांकि इस बीच छोटे स्तर के हमले होने का दावा दोनों पक्षों की तरफ से हुआ है. पिछले महीने पाकिस्तान की मेजबानी में दोनों देशों के बीच हुई आमने-सामने की बातचीत 28 फरवरी से जारी युद्ध को खत्म करने में नाकाम रही थी.
अमित शाह कोलकाता पहुंचे, पश्चिम बंगाल के नए सीएम के नाम का होगा एलान
केंद्रीय गृह मंत्री शुक्रवार, 8 मई को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंच गए हैं. वे यहां बीजेपी के विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे. उन्हें पश्चिम बंगाल में बीजेपी के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक चुना गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आज दिन में होने वाली इस बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान किया जाएगा. पश्चिम बंगाल की नई सरकार का शपथग्रहण शनिवार, 9 मई को होगा.
पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर अभी सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं. भबानीपुर से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी का नाम सीएम पद की रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है. उनके अलावा, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य का नाम भी चर्चा में है. एक कयास यह भी लगाया जा रहा है कि बीजेपी राज्य में किसी महिला को मुख्यमंत्री बना सकती है. ऐसे में रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल का नाम भी चर्चा में है.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं और बीजेपी ने इनमें से 207 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई. ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव आयोग की मदद से चुनाव जीतने का आरोप लगाया है. उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया था. हालांकि, गुरुवार को राज्यपाल आरएन रवि ने आदेश जारी कर राज्य की विधानसभा को भंग कर दिया.
चीन ने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में मौत की सजा सुनाई
चीन ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों वेई फेंगहे और ली शंगफू को भ्रष्टाचार के आरोप में मौत की सजा सुनाई है. चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, उनकी सजा में दो साल की मोहलत भी दी गई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, चीन में मोहलत के साथ दी गई मौत की सजा आमतौर पर उम्रकैद में बदल दी जाती है. ऐसा तभी होता है जब आरोपी मोहलत की अवधि में और कोई अपराध नहीं करता है. पहले भी चीन के कई पूर्व मंत्रियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला गया है.
शिन्हुआ की पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक, ली शंगफू पर आरोप हैं कि उन्होंने रिश्वत में “बड़ी मात्रा में धन” लिया और दूसरों को भी रिश्वत दी. एक जांच में पाया गया कि उन्होंने “राजनीतिक जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया” और “अपने लिए एवं दूसरों के लिए व्यक्तिगत फायदों की मांग” की. इसी तरह वेई वेंगई पर भी “बड़ी मात्रा में धनी और मूल्यवान वस्तुएं” लेने का आरोप साबित हुआ है. जांच में कहा गया कि उनके कृत्य “बेहद गंभीर प्रकृति” के थे और इनका बेहद हानिकारक प्रभाव पड़ा.
साल 2012 में सत्ता में आने के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की. इन सालों में चीनी सेना के कई अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी ठहराया जा चुका है. इसी साल चीनी सेना के टॉप जनरल झांग यूशिया को भी पद से हटाया जा चुका है. वे पोलितब्यूरो के सदस्य थे और उन्हें लंबे समय तक शी जिनपिंग के सहयोगी के तौर पर देखा जाता रहा था.