परमाणु हथियारों की फौज खड़ी करने में कौन-से देश सबसे आगे
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) के अनुसार दुनिया के परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों के पास करीब 12,187 परमाणु वॉरहेड हैं, जिनमें से लगभग 9,745 संभावित उपयोग के लिए भंडार में रखे गए हैं.

अमेरिका और रूस
अमेरिका और रूस दोनों देशों के पास कुल मिलाकर दुनिया के लगभग 83 प्रतिशत परमाणु हथियार हैं. दोनों देशों के पास लगभग 5,000 से अधिक वॉरहेड मौजूद हैं. दोनों देश लगातार अपने परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण के कार्यक्रम चला रहे हैं.
चीन
चीन पूरी दुनिया में सबसे तेजी से अपने परमाणु हथियारों का भंडार बढ़ाने वाला देश बन गया है. सिपरी के अनुसार चीन के पास अब लगभग 620 परमाणु वॉरहेड हैं और 2030 तक उसके पास अमेरिका और रूस के बराबर संख्या में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें हो सकती हैं.
फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम
यूरोप में फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के परमाणु भंडार 290 और 225 वॉरहेड पर स्थिर हैं. हालांकि सिपरी का कहना है कि 2021 की रक्षा समीक्षा के बाद ब्रिटेन में परमाणु हथियारों का भंडार बढ़ाने की सलाह दी गई थी. दूसरी तरफ, फ्रांस के राष्ट्रपति ने इसी साल मार्च में परमाणु भंडार बढ़ाने का निर्देश दिया है.
भारत
सिपरी के अनुसार भारत ने अपने परमाणु भंडार को थोड़ा बढ़ाकर लगभग 190 वॉरहेड कर लिया है. अब अगर भारत अपनी अग्नि मिसाइल को और विकसित करके इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल बना लेता है, तो वह चीन के पूरे भूभाग तक परमाणु हमला करने की क्षमता हासिल कर सकता है. फिर भले ही भारत के पास चीन जितने परमाणु हथियार न हो लेकिन चीन को भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को गंभीरता से लेना पड़ेगा.
पाकिस्तान
पाकिस्तान के पास लगभग 170 वॉरहेड बने हुए हैं. साथ ही पाकिस्तान लगातार परमाणु हथियार बनाने में काम आने वाली सामग्री जमा कर रहा है, जिससे भविष्य में वह अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा सकता है.
उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया भी अपने घोषित लक्ष्य के अनुसार तेजी से परमाणु हथियारों का विस्तार कर रहा है. सिपरी का अनुमान है कि उसके पास लगभग 60 परमाणु वॉरहेड हैं.
इस्राएल
इस्राएल आधिकारिक रूप से अपने परमाणु हथियारों की पुष्टि नहीं करता है लेकिन वह लगातार अपने परमाणु हथियारों के भंडार का आधुनिकीकरण कर रहा है. सिपरी का अनुमान है कि इस साल की शुरुआत में उसके पास लगभग 90 वॉरहेड थे.