जर्मनी के अलावा सभी ईयू देशों की संसद में महिलाएं बढ़ीं
यूरोपीय संघ के सांख्यिकी कार्यालय यूरोस्टेट के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दस वर्षों में यूरोपीय संघ के सभी देशों की राष्ट्रीय संसदों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है. जबकि, जर्मनी में यह संख्या घट गई है.

पिछले दस सालों में बेहतर हुए आंकड़े
साल 2025 में ईयू की सभी राष्ट्रीय संसदों में महिलाओं की कुल हिस्सेदारी 33.6 प्रतिशत रही, जो कि 2015 की तुलना में 5.4 फीसदी अधिक है. वहीं, जर्मनी की संसद में यह संख्या 3.5 प्रतिशत गिरकर लगभग 32.5 फीसदी तक पहुंच गई है.
यहां महिलाओं की हिस्सेदारी रही सबसे ज्यादा
2025 में महिलाओं की सबसे अधिक हिस्सेदारी फिनलैंड की संसद में रही, जो कि 46 फीसदी थी. इसके बाद 44.8 फीसदी के साथ स्वीडन और 44.7 फीसदी के साथ डेनमार्क इस सूची में शामिल रहा.
यहां महिलाओं की हिस्सेदारी रही सबसे कम
केवल 14.3 फीसदी के साथ साइप्रस सबसे कम महिला सांसदों वाला ईयू देश बना. उसके बाद 15.6 फीसदी के साथ हंगरी (फोटो में) और 22 फीसदी के साथ रोमानिया इस सूची में शामिल हैं.
इन देशों में हुआ सबसे ज्यादा सुधार
सबसे बड़ा सुधार लातविया और माल्टा जैसे ईयू के देशों में देखा गया. 2015 से 2025 के बीच यहां महिला सांसदों की संख्या 19 फीसदी और 14.8 फीसदी बढ़ी.
सरकारों में भी बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
ईयू के देशों की राष्ट्रीय सरकारों में भी महिला नेताओं की हिस्सेदारी बढ़ी. 2025 में यह आंकड़ा 31.9 फीसदी रहा, जो कि 2015 की तुलना में 4.2 प्रतिशत अधिक है.
फिनलैंड ने मारी बाजी
सरकार में महिलाओं की हिस्सेदारी के मामले में 60 फीसदी के साथ फिनलैंड सबसे आगे रहा. अन्य यूरोपीय संघ के देशों की तुलना में फिनलैंड में सबसे ज्यादा महिलाएं देश के केन्द्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बनी.
सरकार में लैंगिक समानता का लक्ष्य किया हासिल
स्वीडन ने 50 फीसदी के साथ पूरी तरह से लैंगिक समानता का लक्ष्य हासिल कर लिया. जबकि फ्रांस भी 48.6 फीसदी के साथ इस होड़ में बना हुआ है. जर्मनी में सरकार में महिलाओं की हिस्सेदारी 41.7 फीसदी रही.
सरकार में महिलाओं की भागीदारी में कौन है सबसे पिछड़ा?
हंगरी के केन्द्रीय मंत्रिमंडल में एक भी महिला नहीं है. वहीं, रोमानिया में यह आंकड़ा केवल 10.5 फीसदी और चेक गणराज्य में 11.8 फीसदी है.