ट्रंप ने कहा - 'आज रात ईरान पर करेंगे भीषण हमला'
प्रकाशित ११ जून २०२६आखिरी अपडेट ११ जून २०२६
आपके लिए अहम जानकारी
भारत ने 30 प्रतिशत तक इथेनॉल मिले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म की
चीन के गुआंगशी प्रांत में धमाका, 7 लोगों की मौत
ओमान तट पर टैंकर पर हमले के बाद भारत सख्त, अमेरिकी राजनयिक तलब
अमेरिका बोला, ईरान पर जवाबी हमला पूरा हुआ
ताइवान ने चीन की समुद्री गश्त पर जताया ऐतराज, कहा- "संप्रभुता से नहीं होगा समझौता"
ओमान तट के पास हुए हमले में तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत
एपस्टीन मामले में बिल गेट्स ने कहा - 'मैंने कभी किसी का शोषण नहीं किया'
सिर्फ 11 प्रतिशत यूरोपीय नागरिक ही अमेरिका को मानते हैं अपना सच्चा सहयोगी
ट्रंप ने कहा- 'आज रात ईरान पर करेंगे भीषण हमला'
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए एलान किया है कि अमेरिकी सेना गुरुवार रात ईरान पर और भी भीषण और घातक सैन्य हमले करने जा रही है. राष्ट्रपति ने इसके साथ ही एक बड़ा रणनीतिक दावा करते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका आने वाले निकट भविष्य में ईरान के पूरे तेल और गैस बाजारों पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लेगा.
ट्रंप ने वॉशिंगटन के उस दावे को भी दोहराया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार और रक्षा के अन्य सभी माध्यम पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं. इसी हफ्ते ईरान पर अमेरिकी सेना के एक हेलीकॉप्टर को मार गिराने का आरोप लगा है और बुधवार को ही ईरान ने इस्राएल सहित क्षेत्र के कई अन्य देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया था.
इसी हफ्ते की शुरुआत में ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ एक बड़ा कूटनीतिक समझौता बेहद करीब है, लेकिन पिछले 48 घंटों में दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों ने इस संभावित समझौते और युद्धविराम की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि दोनों देशों के बीच अस्थाई शांति का प्रयास अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है.
एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल, पायलट संगठनों ने की आलोचना
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की पहली बरसी (12 जून) से ठीक पहले भारत की विमानन दुर्घटना जांच एजेंसी 'एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो' (एएआईबी) विवादों में घिर गई है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित परिवारों को उम्मीद थी कि इस बरसी पर हादसे के असली कारणों को उजागर करने वाली अंतिम रिपोर्ट सामने आएगी, लेकिन स्थानीय मीडिया के मुताबिक एजेंसी केवल एक अंतरिम अपडेट जारी करने जा रही है.
क्या ब्लैक बॉक्स हल कर पाएगा एयर इंडिया की फ्लाइट के हादसे का रहस्य
यह विमान हादसा 12 जून 2025 को हुआ था, जब अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद एयर इंडिया का बोइंग-787 विमान अनियंत्रित होकर एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से जा टकराया था. इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स समेत जमीन पर मौजूद 19 लोगों को मिलाकर कुल 260 लोगों की जान चली गई थी. इस हादसे की जांच कर रही सरकारी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) के अध्यक्ष चरनवीर रंधावा ने कहा कि उन्हें इस जांच प्रक्रिया पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और इसमें पारदर्शिता की भारी कमी है.
पायलटों के मुख्य संगठन एफआईपी ने हादसे के तुरंत बाद गठित की गई शुरुआती एएआईबी जांच टीम की योग्यता और उसकी बनावट पर तीखे सवाल खड़े किए हैं. इसके साथ ही, पायलट समूहों में इस बात को लेकर भी गहरा गुस्सा है कि जांच एजेंसी ने तकनीकी खामियों की गहराई से जांच करने के बजाय, हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मुख्य पायलट के परिवार से लंबी पूछताछ करने का रास्ता चुना. पायलट एसोसिएशन का मानना है कि ऐसा करके असली कमियों को छुपाने और सारा दोष मृत पायलट पर मढ़ने की कोशिश की जा रही है.
होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति मिशन के लिए तैयार है जर्मनी: मैर्त्स
जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने गुरुवार को संसद को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी मौजूदा सैन्य संघर्ष समाप्त होने के बाद जर्मनी शांति मिशन के लिए तैयार है. उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा और यातायात को बहाल करने के लिए जर्मनी किसी भी अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक मिशन में भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार है. चांसलर ने साफ किया कि बर्लिन इस शांति मिशन के विचार को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर आज भी कायम है, बशर्ते इसके लिए आवश्यक सुरक्षा शर्तें पूरी की जाएं.
चांसलर मैर्त्स का यह रणनीतिक बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका द्वारा किए गए नए सैन्य हवाई हमलों के बाद उसने तेल और कमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस समुद्री जलमार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया है. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों का यातायात हमेशा की तरह सामान्य रूप से जारी है और इस पर कोई रोक नहीं लगी है.
इस जलमार्ग में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जर्मनी ने अपनी सैन्य तैयारियों को पहले से ही तेज कर रखा है. जर्मनी की सेना (बुंडेसवेयर) इसी साल मई महीने से ही होर्मुज जलडमरूमध्य में एक संभावित नौसैनिक ऑपरेशन शुरू करने की रणनीति पर काम कर रही है. जर्मन रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस आगामी शांति मिशन में सेना के समुद्री बारूदी सुरंगों को खोजने और उन्हें नष्ट करने वाले विशेष जहाज को शामिल किया जा सकता है, ताकि वैश्विक व्यापार के लिए इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके.
कनाडा : 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने का बिल पेश
कनाडा सरकार ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल सुरक्षा विधेयक संसद में पेश किया है. इस कानून के लागू होने के बाद, 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट रखने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग सकता है. हालांकि, इस कानून में उन टेक कंपनियों को विशेष छूट देने का भी प्रावधान है जो यह साबित कर सकेंगी कि उनके प्लेटफॉर्म सरकार द्वारा तय कड़े सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हैं.
क्या बच्चों का मोबाइल और सोशल मीडिया बैन होना चाहिए?
सरकार द्वारा पेश किए गए इस नए विधेयक में मुख्य रूप से सात प्रकार की हानिकारक और संवेदनशील सामग्रियों को चिन्हित किया गया है, जिनसे बच्चों को दूर रखना इस कानून का मुख्य उद्देश्य है. इस दायरे में बच्चों का यौन शोषण करने वाला कंटेंट, आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने वाला कंटेंट, साइबर बुलिंग, हिंसा और नफरत भड़काने वाली पोस्ट, आतंक या हिंसक चरमपंथ से जुड़ा कंटेंट और किसी की सहमति के बिना साझा की गईं उनकी निजी या अंतरंग तस्वीरें शामिल हैं. सरकार इन सभी श्रेणियों पर कड़ा रेगुलेशन लागू करने जा रही है ताकि कनाडाई बच्चों को एक सुरक्षित डिजिटल माहौल मिल सके.
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस विधेयक को तकनीकी और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए संसद से पूरी तरह पारित होने में लगभग एक साल का समय लग सकता है. इसके अलावा, बिल के कानून बनने के बाद पूरे देश में इन नियमों की कड़ाई से निगरानी करने के लिए एक नए 'डिजिटल रेगुलेटर' की स्थापना की जाएगी, जिसमें करीब 18 महीने का वक्त और लगेगा. सरकार ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़े वित्तीय दंड की व्यवस्था की गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'महिलाओं को होममेकर नहीं, राष्ट्र निर्माता मानें'
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों के अवैतनिक घरेलू श्रम को महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक मान्यता देते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट के निर्णय से दुर्घटना पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिलने में सहायता मिलेगी और समाज में गृहिणियों के योगदान को नई पहचान मिलने की उम्मीद है.
अदालत ने कहा कि गृहिणी का योगदान केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मानव संसाधन विकास और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसलिए उन्हें केवल 'होममेकर' कहने के बजाय 'नेशन बिल्डर' कहा जाना चाहिए.
आखिर आत्महत्या क्यों कर रहे हैं भारत में विवाहित पुरुष
जस्टिस संजय करोल की अध्यक्षता वाली बेंच ने दुर्घटना की शिकार गृहिणियों के मामलों में मुआवजा निर्धारण के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए. अदालत ने 'घरेलू देखभाल के नुकसान' का आर्थिक मूल्य 30,000 रुपये प्रति माह निर्धारित किया है. बेंच ने स्पष्ट किया कि पत्नी और गृहिणी द्वारा किए जाने वाले घरेलू कार्य, बच्चों का पालन-पोषण, परिवार की देखभाल तथा समाज निर्माण में उनका योगदान आर्थिक दृष्टि से बहुत मूल्यवान है. अदालत ने कहा कि जब किसी दुर्घटना के कारण परिवार इस सेवा से वंचित हो जाता है, तो मुआवजा तय करते समय इस नुकसान को अवश्य ध्यान में रखा जाना चाहिए.
ताइवान ने चीन की समुद्री गश्त पर जताया ऐतराज, कहा- "संप्रभुता से नहीं होगा समझौता"
ताइवान और चीन के बीच समुद्री क्षेत्र को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. चीन ने हाल ही में ताइवान के पूर्वी समुद्री इलाके में "विशेष समुद्री कानून-प्रवर्तन अभियान" चलाया, जिसके तहत उसने 198 जहाजों की जांच की और कुछ कथित उल्लंघनों को ठीक किया. यह कदम जापान और फिलीपींस द्वारा समुद्री सीमा पर बातचीत शुरू करने की घोषणा के बाद उठाया गया, जिसे चीन ने अपने हितों के खिलाफ बताया.
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा क्षमताएं बढ़ाने की होड़
ताइवान ने चीन की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि बीजिंग का इस पानी पर कोई अधिकार नहीं है. ताइवान कोस्ट गार्ड ने साफ कहा कि उसकी समुद्री संप्रभुता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता और जो भी देश इन जलक्षेत्रों पर अधिकार जताने की कोशिश करेगा, उसे तुरंत खदेड़ दिया जाएगा. ताइवान का आरोप है कि चीनी जहाजों ने कुछ व्यापारिक जहाजों को रोककर उनसे उनके मार्ग और गंतव्य की जानकारी मांगी, जिसे उसने "उत्पीड़न" बताया.
समुद्री रास्ते बनेंगे ताकत का अखाड़ा?
इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और लगातार उसके आसपास सैन्य और समुद्री गतिविधियां बढ़ा रहा है, जबकि ताइवान का कहना है कि उसके भविष्य का फैसला केवल वहां के लोग ही करेंगे.
ओमान तट के पास हुए हमले में तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत
ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद लापता तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है. भारत के पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले के बाद लापता तीनों भारतीय नाविकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उनकी पहचान भी हो चुकी है.
सोनोवाल ने लिखा कि इस कठिन समय में केंद्र सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ दृढ़ता से खड़ी है और हर संभव सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतकों के परिजनों को हर जरूरी मदद प्रदान की जाएगी और सरकार संवेदनशीलता के साथ इस मामले को संभाल रही है.
गुरूवार को ओमान में भारतीय दूतावास ने एक जहाज पर हमले की जानकारी दी है. एक्स पर जारी बयान में दूतावास ने कहा, उन्हें आज शिनास बंदरगाह के पास एक पोत से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है. आगे कहा गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है.
तीन दिन के भीतर तीसरे जहाज पर इस तरह का हमला हुआ है. जिनमें भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं.
एपस्टीन मामले में बिल गेट्स ने कहा - 'मैंने कभी किसी का शोषण नहीं किया'
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर बुधवार को अमेरिकी संसद की 'हाउस ओवरसाइट कमेटी' के सामने अपनी गवाही दर्ज कराई है. अपनी गवाही में गेट्स ने यौन शोषण के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए साफ तौर पर कहा कि उन्होंने कभी भी किसी का शोषण नहीं किया है और न ही वे कभी एपस्टीन के निजी द्वीप, उसके रैंच या फ्लोरिडा वाले घर पर गए थे.
ग्लोबल करप्शन रिपोर्ट: पूरी दुनिया हुई पहले से ज्यादा भ्रष्ट
बिल गेट्स ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें अपनी मुलाकातों के दौरान कभी भी इस बात का कोई सुराग या संकेत नहीं मिला कि एपस्टीन किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों या सेक्स रैकेट में संलिप्त था. गेट्स ने अपने लिखित बयान में बेहद स्पष्ट शब्दों में स्वीकार किया कि उन्हें पहली बात तो एपस्टीन से कभी मिलना ही नहीं चाहिए था.
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, बिल गेट्स और जेफ्री एपस्टीन की पहली मुलाकात साल 2011 में हुई थी. यह समय इसलिए भी विवादों में रहा क्योंकि एपस्टीन को एक नाबालिग लड़की को वेश्यावृत्ति के लिए धकेलने के जुर्म में साल 2008 में ही कोर्ट से सजा मिल चुकी थी. इसके अलावा, जिस दौरान गेट्स और एपस्टीन के बीच ये मुलाकातें हो रही थीं, उस वक्त एपस्टीन पर मानव तस्करी सहित यौन शोषण के बेहद संगीन आरोप भी सार्वजनिक रूप से लग चुके थे.
सिर्फ 11 प्रतिशत यूरोपीय नागरिक ही अमेरिका को मानते हैं अपना सच्चा सहयोगी
थिंक टैंक 'यूरोपियन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' (ईसीएफआर) द्वारा जारी एक नए सर्वे के अनुसार, अब केवल 11 फीसदी यूरोपीय नागरिकों का ही मानना है कि अमेरिका उनका एक सच्चा सहयोगी है. अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से यह आंकड़ा अब तक के सबसे निचले ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है, जो साफ दर्शाता है कि यूरोपीय देशों का वॉशिंगटन पर से भरोसा बहुत तेजी से घटा है.
क्यों हो रहा है स्वीडन में किशोरों को जेल भेजने पर विचार?
इस सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि जब से राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में दोबारा वापसी हुई है, तब से ट्रांसअटलांटिक संबंधों में लगातार अविश्वास बढ़ा है. महज छह महीने पहले तक यूरोप के 15 देशों में करीब 16 फीसदी लोग अमेरिका को अपना पक्का सहयोगी मानते थे, जबकि नवंबर 2024 में डॉनल्ड ट्रंप की चुनावी जीत के वक्त यह आंकड़ा 22 फीसदी पर था. ईसीएफआर की पोल रिपोर्ट के अनुसार, आज के समय में यूरोपीय नागरिक पूरी तरह से आत्मनिर्भरता को गले लगा रहे हैं और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कड़े फैसलों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं.
एएफडी की जीत को लेकर जर्मनी में चिंता बढ़ी
सर्वे में शामिल अधिकांश उत्तरदाताओं ने एक बेहद गंभीर आशंका जताते हुए कहा है कि यदि यूरोप पर कोई बाहरी सैन्य हमला होता है, तो उन्हें अब यह भरोसा नहीं है कि अमेरिका उनके बचाव के लिए आगे आएगा. इसके साथ ही, सर्वे में शामिल हर एक यूरोपीय देश के कई नागरिकों का यह भी मानना है कि जैसे ही डॉनल्ड ट्रंप का कार्यकाल समाप्त होगा, उसके बाद अमेरिका और यूरोप के द्विपक्षीय व रणनीतिक संबंध फिर से पटरी पर लौट आएंगे.
आज पुणे में प्रदर्शन करेगी कॉकरोच जनता पार्टी
पुणे में "कॉकरोच जनता पार्टी" (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 11 जून को होने वाले दूसरे विरोध प्रदर्शन से पहले माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को खुलकर बोलने और लोकतांत्रिक गतिविधियों में हिस्सा लेने दें. यह प्रदर्शन सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर गुरूवार शाम 4 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें नीट-यूजी पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी.
बुधवार को पत्रकार भवन, पुणे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने कहा कि कई माता-पिता अपने बच्चों के राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से डरते हैं, लेकिन समाज में बदलाव के लिए युवाओं का आगे आना जरूरी है. उन्होंने अपनी मां का उदाहरण देते हुए कहा कि वह उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं, लेकिन उन्होंने यह ठान लिया है कि किसी न किसी को आवाज उठानी ही होगी.
अभिजीत दीपके बोले, यह बस शुरुआत है
CJP ने यह भी घोषणा की है कि इस प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल होंगे. यह संगठन हाल ही में उस टिप्पणी के विरोध में बना, जिसमें बेरोजगार युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को “कॉकरोच” कहा गया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस पहल को व्यापक समर्थन मिला और 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर में इसका पहला प्रदर्शन भी आयोजित किया गया था.
भारत ने 30 प्रतिशत तक इथेनॉल मिले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म की
भारत सरकार ने इथेनॉल मिले ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (ई22, ई25, ई27 और ई30) को केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) से छूट देने की घोषणा की है.
ई20 ईंधन भारत के वाहन मालिकों में आक्रोश का कारण क्यों बन रहा है?
वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ई22, ई25, ई27 और ई30 ईंधन पर जीरो एक्साइज ड्यूटी लागू होगी, बशर्ते ये ईंधन भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) विनिर्देश आईएस 19850 के अनुरूप हों.
नई व्यवस्था के तहत ई22 ईंधन में 78 प्रतिशत पेट्रोल और 22 प्रतिशत इथेनॉल होगा. इसी तरह ई25 में 25 प्रतिशत, ई27 में 27 प्रतिशत और ई30 में 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित रहेगा. यह छूट तभी मिलेगी जब पेट्रोल पर आवश्यक कर का भुगतान किया गया हो और मिश्रण में इस्तेमाल किए गए इथेनॉल पर लागू जीएसटी जमा किया गया हो.
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ई30 तक के इथेनॉल मिले पेट्रोल के लिए मानकों को मंजूरी दी गई है. इससे भविष्य में अधिक इथेनॉल वाले ईंधनों के व्यावसायिक उपयोग का रास्ता साफ हो गया है.
चीन के गुआंगशी प्रांत में धमाका, 7 लोगों की मौत
चीन के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र गुआंगशी में गुरुवार तड़के हुए एक भीषण विस्फोट में कम से कम 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और विस्फोट के असली कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच बिठा दी है. अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद इस बात की पुष्टि कर दी है कि इस हादसे के पीछे किसी भी गैस पाइपलाइन में लीकेज या खराबी का कोई हाथ नहीं है.
क्यों हो रहा है स्वीडन में किशोरों को जेल भेजने पर विचार?
यह विस्फोट झिंगान शहर में हुआ. झिंगान एक पहाड़ी इलाके में बसा हुआ शहर है, जो खनिज और कृषि संसाधनों के मामले में बेहद समृद्ध माना जाता है. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और एम्बुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में घायल हुए सभी 17 लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन की टीमों ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि मलबे में फंसे अन्य संभावित पीड़ितों को निकाला जा सके. चूंकि अधिकारियों ने गैस पाइपलाइन के खतरे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. चीनी प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह साफ हो पाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
ओमान तट पर टैंकर पर हमले के बाद भारत सख्त, अमेरिकी राजनयिक तलब
ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख जेसन मीक्स को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया. इस हमले के समय जहाज पर भारतीय चालक दल के 24 सदस्य मौजूद थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन अब भी लापता हैं. विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “गंभीर और चिंताजनक” बताते हुए कहा कि भारतीय दूतावास ओमान में स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव अभियान जारी है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह हमला अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें जहाज को कथित तौर पर ईरानी तेल ढोने और अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने के आरोप में निशाना बनाया गया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि जहाज को चेतावनियों का पालन न करने पर उसके इंजन रूम को निशाना बनाकर "डिसेबल" किया गया, जिससे उसमें आग लग गई.
भारतीय जहाजों पर गोलीबारी के बाद भारत ईरान संबंधों पर जोर
भारत ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में जहाजों पर लगातार बढ़ते हमले बेहद चिंताजनक हैं और इससे वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है. सरकार ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने, कूटनीतिक समाधान निकालने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित व निर्बाध आवाजाही बहाल करने की अपील की है.
अमेरिका बोला, ईरान पर जवाबी हमला पूरा हुआ
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी सैन्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा है कि उसने ईरान में आत्म रक्षा के तहत कई ठिकानों पर हमले पूरे कर लिए हैं. इन हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी क्षमता, कम्युनिकेशन सिस्टम और एयर डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया गया. अमेरिकी सेना के अनुसार ये कार्रवाई ईरान की "लगातार और बिना उकसावे वाली आक्रामक गतिविधियों" के जवाब में की गई है.
इन हमलों के बाद ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, को बंद कर दिया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि इस रास्ते से गुजरने वाली किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है और उसने दावा किया कि दो जहाजों पर हमला भी किया गया. हालांकि इन हमलों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
अमेरिका और इस्राएल के साथ युद्ध के चलते ईरान में गहराई दवाइयों की किल्लत
वहीं अमेरिका ने ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया है. सेंटकॉम ने स्पष्ट कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और "व्यावसायिक जहाज अब भी इस मार्ग से आ-जा रहे हैं." अमेरिकी बयान में यह भी कहा गया कि किसी भी अमेरिकी युद्धपोत पर हमला नहीं हुआ है.