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म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन: "पुरानी व्यवस्था गुजरे दौर की बात"

आमिर अंसारी रॉयटर्स, एएनआई | आयुष यादव डीपीए, एएफपी
प्रकाशित १३ फ़रवरी २०२६आखिरी अपडेट १३ फ़रवरी २०२६

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म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाषण देते हुए जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स
जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अपने यूरोपीय सहयोगियों को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पुरानी विश्व व्यवस्था अब अस्तित्व में नहीं हैतस्वीर: dts-Agentur/picture alliance
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टी-20 वर्ल्ड कप: जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराया

जॉर्जिया और इंडोनेशियाई बंदरगाहों पर यूरोपीय संघ ने दिया प्रतिबंध का प्रस्ताव

145 साल में पहली बार दार्जिलिंग टॉय ट्रेन को मिली महिला टीटीई

-भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक लुढ़का

-सीआईए का चीनी अधिकारियों को लुभाने वाला वीडियो, बीजिंग ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन: मैर्त्स ने साधा रूस और चीन पर निशाना

रिलायंस को वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए मिला अमेरिकी लाइसेंस: रॉयटर्स को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

रिलायंस को वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए मिला अमेरिकी लाइसेंस: रॉयटर्स

Indien Jamnagar 2021 | Rohölraffinerie von Reliance Industries Limited im indischen Bundesstaat Gujarat
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को अमेरिकी सरकार से एक नया जनरल लाइसेंस मिला है, जो उसे वेनेजुएला से सीधे कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देगातस्वीर: Reliance Industries Limited/AP Photo/picture alliance

भारतीय रिफाइनर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को अमेरिकी सरकार से एक नया जनरल लाइसेंस मिला है, जो उसे वेनेजुएला से सीधे कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स को मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया, "कंपनी ने पिछले महीने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और कुछ दिन पहले अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से मंजूरी हासिल कर ली." 

यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते में भारत से रियायती रूसी तेल की खरीद बंद करने की मांग की गई है. भारत सरकार ने राज्य-स्वामित्व वाली रिफाइनिंग कंपनियों से वेनेजुएला और अमेरिका से अधिक तेल खरीदने पर विचार करने को कहा है. हालांकि वेनेजुएला निकट भविष्य में बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाने की स्थिति में नहीं है, फिर भी सीमित सप्लाई भारत के सबसे बड़े रिफाइनर रिलायंस के लिए एक अहम बैकअप विकल्प मानी जा रही है.

रूसी तेल बंद करने के बाद वेनेजुएला से खरीद सकती है रिलायंस

अमेरिका, जिसने पिछले महीने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पकड़े जाने के बाद देश के तेल क्षेत्र में दखल बढ़ाया है, कंपनियों को खरीद, व्यापार और निवेश की अनुमति देने के लिए सामान्य लाइसेंस पर विचार कर रहा है. मौजूदा दौर में मंजूरी पाने वाला रिलायंस पहला भारतीय रिफाइनर है.

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हाथियों की आबादी नियंत्रित करने के लिए 'बर्थ कंट्रोल वैक्सीन' का इस्तेमाल कर रहा है थाईलैंड को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

हाथियों की आबादी नियंत्रित करने के लिए 'बर्थ कंट्रोल वैक्सीन' का इस्तेमाल कर रहा है थाईलैंड

 Thailand Elephant Nature Park
थाईलैंड में इंसानों और हाथियों का संघर्ष बढ़ रहा हैतस्वीर: Courtney Bonnell/AP Photo/picture alliance

थाईलैंड में जंगली हाथियों और इंसानों के बीच बढ़ते टकराव को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पहली बार जंगली हाथियों को 'बर्थ कंट्रोल वैक्सीन' देने की पहल शुरू की है. वन्यजीव संरक्षण कार्यालय के अनुसार, खेतों के विस्तार और जंगलों के सिमटने से हाथियों का रहवास क्षेत्र लगातार कम हो रहा है, जिससे वे भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं. पिछले साल हाथियों के हमलों में 30 लोगों की मौत और 29 घायल हुए, जबकि फसलों को नुकसान पहुंचाने की 2,000 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं.

असम में कैसे रुकेगा इंसानों और हाथियों में संघर्ष

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका निर्मित इस वैक्सीन के 25 डोज मिले थे, जिनका परीक्षण पहले सात पालतू हथिनियों पर किया गया. सफल नतीजों के बाद जनवरी के अंत में इसे पूर्वी थाईलैंड में तीन जंगली हाथियों को लगाया गया. यह वैक्सीन गर्भधारण को सात साल तक रोकने में सक्षम है और बूस्टर न मिलने पर हथिनी फिर से प्रजनन कर सकती हैं. सरकार अब उन इलाकों की पहचान कर रही है जहां लगातार इंसान-हाथी संघर्ष हो रहा है, ताकि बचे हुए 15 डोज वहीं इस्तेमाल किए जा सकें.

थाईलैंड के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में लगभग 4,400 जंगली हाथी हैं, जिनमें से करीब 800 हाथी ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां मानव–हाथी संघर्ष सबसे ज्यादा होता है. अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में जंगली हाथियों की जन्म दर लगभग 8.2 फीसदी प्रति वर्ष है, जो राष्ट्रीय औसत 3.5 फीसदी से दोगुनी है.

 

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यूके हाईकोर्ट ने कहा, 'फलस्तीन एक्शन' समूह को आतंकी संगठन घोषित करना गैरकानूनी को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

यूके हाईकोर्ट ने कहा, 'फलस्तीन एक्शन' समूह को आतंकी संगठन घोषित करना गैरकानूनी

फलस्तीन का झंडा लेकर जाते हुए लोग
समूह के कार्यकर्ताओं ने रॉयल एयर फोर्स बेस में घुसकर दो विमानों में तोड़फोड़ की थीतस्वीर: Ben Stansall/AFP/Getty Images

ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए सरकार के उस निर्णय को गैरकानूनी बताया है, जिसमें 'फलस्तीन एक्शन' समूह को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था. कोर्ट ने कहा कि यह प्रतिबंध अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उल्लंघन करता है और यह कार्रवाई जरूरत से ज्यादा सख्त थी.

ट्रंप के “बोर्ड ऑफ पीस” न्योते से दुविधा में भारत

ब्रिटिश सरकार ने इस समूह को जुलाई 2025 में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया था, जिसमें हमास और अल-कायदा जैसे संगठन भी हैं. इस फैसले का मतलब यह था कि समूह का सदस्य बनने या उसका समर्थन करने पर 14 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, जब से यह प्रतिबंध लगा है, तब से प्रदर्शनों के दौरान इस समूह का समर्थन करने के आरोप में 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

अब फलस्तीनी किसके हाथों में देना चाहते हैं गाजा का प्रशासन

इस विवाद की मुख्य वजह जून की एक घटना थी, जब समूह के कार्यकर्ताओं ने रॉयल एयर फोर्स बेस में घुसकर दो विमानों में तोड़फोड़ की थी. वे गाजा युद्ध में इस्राएल को मिल रहे ब्रिटिश सैन्य समर्थन का विरोध कर रहे थे. इसके अलावा, समूह ने इस्राएल से जुड़ी रक्षा कंपनियों को भी निशाना बनाया था, जिससे कथित तौर पर लाखों पाउंड का नुकसान हुआ. जहां समूह के वकीलों ने प्रतिबंध को विरोध के अधिकार पर हमला बताया, वहीं सरकार ने इसे कानून तोड़ने वालों के खिलाफ एक जरूरी कदम कहा था.

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एप्पल इसी महीने भारत में खोलेगे अपना छठा स्टोर को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

एप्पल इसी महीने भारत में खोलेगे अपना छठा स्टोर

Indien | Apple eröffnet Store in Neu-Delhi
यह एप्पल का भारत में छठा स्टोर होगातस्वीर: Rouf Fida/DW

अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनी एप्पल 26 फरवरी को भारत में अपना छठा स्टोर खोलने जा रही है. यह स्टोर मुंबई के बोरीवली इलाके में खुलेगा और यह मुंबई में कंपनी का दूसरा स्टोर होगा. भारत में एप्पल का कारोबार और उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. 

आईफोन निर्माता ने बताया कि नए स्टोर का डिजाइन भारत के राष्ट्रीय पक्षी 'मोर' से प्रेरित है. यही डिजाइन बेंगलुरु, पुणे और नोएडा के स्टोर में भी देखा गया था.  कंपनी के अनुसार, यह स्टोर स्टार्टअप और बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए भी फायदेमंद होगा, जहां ग्राहक एप्पल के नए प्रोडक्ट देख सकेंगे, खरीद सकेंगे और कंपनी के विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे.

ट्रंप की धमकी: अमेरिका में नहीं बने स्मार्टफोन पर लगेगा 25 फीसदी टैरिफ

हाल ही में एप्पल के सीईओ टिम कुक ने अर्निंग्स कॉल के दौरान कहा कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच कंपनी ने भारत में रिकॉर्ड कमाई की. उन्होंने बताया कि भारत जैसे उभरते बाजारों में कंपनी की कमाई में मजबूत बढ़ोतरी हुई है.

2025 में भारत में एप्पल का साल काफी मजबूत रहा. रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में आईफोन की बिक्री पिछले साल की तुलना में 24 प्रतिशत बढ़ी. वहीं आईपैड की बिक्री में 2 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई.

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म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन: मैर्त्स ने साधा रूस और चीन पर निशाना को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन: मैर्त्स ने साधा रूस और चीन पर निशाना

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाषण देते हुए
मैर्त्स ने कहा कि हम अब एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं, जो फिर से खुले तौर पर ताकत और सत्ता की राजनीति से परिभाषित होता हैतस्वीर: Sven Hoppe/dpa/picture alliance

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अपने यूरोपीय सहयोगियों को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पुरानी विश्व व्यवस्था अब अस्तित्व में नहीं है और उसकी जगह महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता ने ले ली है. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि "नियमों और अधिकारों" पर आधारित वह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था अब खत्म हो चुकी है. 

मैर्त्स ने इसे यूरोप के लिए एक 'वेक-अप कॉल' बताया और कहा कि हम अब एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं, जो फिर से खुले तौर पर ताकत और सत्ता की राजनीति से परिभाषित होता है, जहां राष्ट्रीय हितों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

जर्मनी में कार्निवाल परेड में होगा ट्रंप का पर्दाफाश

मैर्त्स ने इस नई वास्तविकता का सबसे बड़ा उदाहरण यूक्रेन-रूस युद्ध को बताया. इसके साथ ही उन्होंने चीन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था व्यवस्थित रूप से दूसरे देशों की निर्भरता का फायदा उठाती है. उन्होंने बीजिंग की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चीन अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नई व्याख्या कर रहा है और नियमों को अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ रहा है.

यादगार के रूप में बिक रहे बर्लिन वॉल के नकली टुकड़े?

अंत में, फ्रीडरिष मैर्त्स ने वैश्विक शक्ति संतुलन में अमेरिका की स्थिति पर भी स्पष्ट राय रखी. उन्होंने चेतावनी दी कि वैश्विक नेतृत्व पर अमेरिका का दावा अब चुनौती के घेरे में है और शायद यह खो भी चुका है. उनके अनुसार, दुनिया अब अनिश्चितता के दौर में है जहां पुरानी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है.

सैन्य ड्रोन का नया ठिकाना म्यूनिख

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भारत में तेजी से बढ़ रहा डिजिटल लेनदेन, डिजिटल पेमेंट इंडेक्स पहली बार 500 के पार को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

भारत में तेजी से बढ़ रहा डिजिटल लेनदेन, डिजिटल पेमेंट इंडेक्स पहली बार 500 के पार

Indien I digitale Banken
भारत में डिजिटल लेनदेन में तेजी से इजाफा हो रहा हैतस्वीर: Payel Samanta/DW

भारत में डिजिटल लेनदेन में तेजी से इजाफा हो रहा है, इससे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिजिटल पेमेंट इंडेक्स (डीपीआई) बढ़कर पहली बार 500 के पार 516.76 (सितंबर 2025 तक) पर पहुंच गया है, जो कि मार्च 2025 में 493.22 था. केंद्रीय बैंक ने कहा कि आरबीआई-डीपीआई में वृद्धि का मुख्य कारण देश भर में भुगतान प्रदर्शन और भुगतान सहायक कारकों जैसे मापदंडों में मजबूत वृद्धि थी.

आरबीआई 1 जनवरी, 2021 से डिजिटल पेमेंट इंडेक्स प्रकाशित कर रहा है, जिसमें मार्च 2018 को आधार वर्ष माना गया है जिससे देश भर में भुगतान के डिजिटलीकरण की सीमा का आकलन किया जा सके.

बड़ा वैश्विक संकट झेल सकेंगे डिजिटल पेमेंट?

देश में डिजिटल भुगतान के उपयोग को बढ़ावा देने में यूपीआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को लेनदेन की मात्रा के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी खुदरा त्वरित भुगतान प्रणाली के रूप में मान्यता दी है. यह जानकारी आईएमएफ की जून 2025 की रिपोर्ट 'ग्रोइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स (द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी)' में दी गई थी.

डिजिटल इकॉनमी में क्या है बैंक चेक का भविष्य?

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सीआईए का चीनी अधिकारियों को लुभाने वाला वीडियो, बीजिंग ने दी कड़ी प्रतिक्रिया को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

सीआईए का चीनी अधिकारियों को लुभाने वाला वीडियो, बीजिंग ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

Südkorea Busan 2025 | Handschlag zwischen Donald Trump und Xi Jinping bei Handelsgesprächen
वीडियो विशेष रूप से चीनी सैन्य अधिकारियों और संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को संबोधित करता है और उन्हें अमेरिकी एजेंसी से संपर्क करने का आह्वान करता हैतस्वीर: Andrew Caballero-Reynolds/AFP/Getty Images

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए द्वारा जारी एक नए चीनी‑भाषा के भर्ती वीडियो पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है. बीजिंग ने शुक्रवार को कहा कि वह सभी आवश्यक कदम उठाएगा ताकि विदेशी जासूसी और घुसपैठ की गतिविधियों को रोका जा सके. यह वीडियो विशेष रूप से चीनी सैन्य अधिकारियों और संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को संबोधित करता है और उन्हें अमेरिकी एजेंसी से संपर्क करने का आह्वान करता है.

अमेरिका पीछे, चीन आगे? कैसे बदल रही है वैश्विक व्यवस्था

वीडियो में एक काल्पनिक चीनी अधिकारी को दिखाया गया है, जो यह निष्कर्ष निकालने के बाद सीआईए से संपर्क करने का फैसला करता है कि नेता केवल अपने हितों की रक्षा करते हैं और उनकी शक्तियां असंख्य झूठों पर आधारित हैं.

वीडियो के साथ जारी टेक्स्ट में चीन के शीर्ष नेताओं, सेना, खुफिया, कूटनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और उन्नत तकनीक से जुड़ी जानकारी साझा करने का आग्रह किया गया है, और बताया गया है कि सीआईए से टोर (Tor) के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपर्क किया जा सकता है.

क्या ट्रंप के नए टैरिफ से चीन की जेब पर असर पड़ेगा?

चीन के विदेश मंत्रालय ने इसे "विरोधी ताकतों की साजिश" करार देते हुए इसकी निंदा की. मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि बीजिंग राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता से कदम उठाएगा.

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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक लुढ़का को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक लुढ़का

Indien Mumbai 2026 | Börsenhändler reagiert auf den Haushalt 2026-27
शुक्रवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुएतस्वीर: Ashish Vaishnav/SOPA Images/IMAGO

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान पर बंद हुआ. दिन के अंत में सेंसेक्स 1,048.16 अंक या 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626.76 और निफ्टी 336.10 अंक या 1.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,471.10 पर था.  

बाजार में गिरावट का नेतृत्व मेटल शेयरों ने किया. इसके कारण सूचकांकों में निफ्टी मेटल (3.31 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (2.24 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे. इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी (2.23 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (2.04 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.90 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.88 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (1.68 प्रतिशत) और निफ्टी कंजप्शन (1.63 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुआ. 

निफ्टी आईटी सेक्टर में भी गिरावट देखने को मिली. इसकी बड़ी वजह एआई को लेकर विश्व स्तर पर बढ़ती चिंता है. 

भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग का उछाल: छोटे शहरों से बढ़ी मांग

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लोकसभा में विपक्ष ने किया हंगामा, सदन की कार्यवाही 9 मार्च तक के लिए स्थगित को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

लोकसभा में विपक्ष ने किया हंगामा, सदन की कार्यवाही 9 मार्च तक के लिए स्थगित

विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में किया हंगामा
विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में किया हंगामा तस्वीर: Jitender Gupta/ANI

लोकसभा में शुक्रवार, 13 फरवरी को लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसके पहले कई मंत्रियों ने अपने मंत्रालय से संबंधित दस्तावेज पेश किए. शुक्रवार को सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई. विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारे लगाए और जेफ्री एप्सटीन के साथ कथित संबंधों को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन के वेल तक पहुंच गए.

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कोडीन सिरप से हुई 'कई मौतों' पर केंद्र से सवाल किया और मांग की कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों में पीड़ितों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और दोषियों को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच भी कराई जाए.

दोपहर बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और कई मंत्रियों ने अपने मंत्रालय से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए. इसके बाद संध्या राय ने सदन को 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया.

लोकसभा की कार्यवाही से पहले विपक्षी सदस्यों ने एप्सटीन फाइलों को लेकर संसद परिसर में सदन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया. कथित तौर पर हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एप्सटीन के बीच बातचीत को लेकर कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरने के लिए मुद्दा उठाया. हालांकि, कांग्रेस के कथित दावों को केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

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145 साल में पहली बार दार्जिलिंग टॉय ट्रेन को मिली महिला टीटीई को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

145 साल में पहली बार दार्जिलिंग टॉय ट्रेन को मिली महिला टीटीई

दार्जिलिंग टॉय ट्रेन
सरिता योल्मो यह पद संभालने वाली पहली महिला हैंतस्वीर: Satyajit Shaw/DW

यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे ने अपने 145 साल के इतिहास में एक नई मिसाल कायम की है. रेलवे को अपनी पहली महिला ट्रैवलिंग टिकट परीक्षक (टीटीई) मिल गई है.

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की अनुभवी कर्मचारी सरिता योल्मो ने 5 फरवरी को अपनी नई भूमिका में न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग तक टॉय ट्रेन में टिकट जांच का काम संभाला. डीएचआर अधिकारी प्रतीक्षा छेत्री ने पुष्टि की कि योल्मो टॉय ट्रेन सेवा में पहली महिला टीटीई के रूप में सेवा दे रही हैं.

योल्मो ने कहा, "मैं दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे टॉय ट्रेन के इतिहास में पहली महिला टीटीई बनकर गर्व महसूस कर रही हूं." उन्होंने बताया कि जब उन्हें इस हेरिटेज रेलवे सेवा में काम करने का अवसर मिला, तो वह रोमांचित भी थीं और थोड़ी घबराई हुई भी थीं.

वह वर्तमान में एनजेपी-दार्जिलिंग रूट पर एकमात्र महिला टीटीई हैं. यह एक तरफ का सफर लगभग आठ घंटे का होता है और कभी-कभी रास्ते में देरी के कारण इसमें और भी अधिक समय लग जाता है.

भारत की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर की दास्तां

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जॉर्जिया और इंडोनेशियाई बंदरगाहों पर यूरोपीय संघ ने दिया प्रतिबंध का प्रस्ताव को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

जॉर्जिया और इंडोनेशियाई बंदरगाहों पर यूरोपीय संघ ने दिया प्रतिबंध का प्रस्ताव

एक कार्यक्रम में बोलती हुईं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन
यह पहला मौका होगा जब ईयू किसी तीसरे देश के बंदरगाहों पर प्रतिबंध लगाएगातस्वीर: Nicolas Economou/NurPhoto/picture alliance

यूरोपीय संघ (ईयू) ने रूस के खिलाफ अपने प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. सोमवार, 9 फरवरी को सामने आए एक दस्तावेज के मुताबिक, ईयू पहली बार जॉर्जिया और इंडोनेशिया के उन बंदरगाहों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है जो रूसी तेल को संभालने का काम करते हैं. यह पहला मौका होगा जब ईयू किसी तीसरे देश के बंदरगाहों पर प्रतिबंध लगाएगा.

कौन से बंदरगाह हैं निशाने पर? 

रॉयटर्स द्वारा देखे गए प्रस्ताव के अनुसार, जॉर्जिया के कुलेवी और इंडोनेशिया के करीमुन बंदरगाहों को प्रतिबंध सूची में जोड़ा जाएगा. इसका मतलब यह होगा कि यूरोपीय संघ की कोई भी कंपनी या व्यक्ति इन बंदरगाहों के साथ किसी भी तरह का लेन-देन नहीं कर पाएगा.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के करीब, विपक्ष ने कहा 'सरेंडर' किया

ये उपाय यूक्रेन में रूस के युद्ध को लेकर ईयू के 20वें प्रतिबंध पैकेज का हिस्सा हैं. इस पैकेज को ईयू की राजनयिक सेवा (EEAS) और यूरोपीय आयोग द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है और सोमवार को इसे ईयू देशों के सामने पेश किया गया. कानून बनने के लिए इस पर सभी सदस्यों की सहमति जरूरी है.

आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन ने कहा कि इस पैकेज में क्षेत्र-व्यापी प्रतिबंध शामिल हैं. इसके अलावा, जी7 देशों के 'प्राइस कैप' से हटकर अब रूसी कच्चे तेल पर "पूर्ण समुद्री-सेवा प्रतिबंध" की ओर बढ़ने की तैयारी है.

ईयू को तेल बेचकर रूस ने कमाए करोड़ों

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टी-20 वर्ल्ड कप: जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराया को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

टी-20 वर्ल्ड कप: जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराया

टी20 वर्ल्ड कप का एक मैच
यह ग्रुप बी में जिम्बाब्वे की लगातार दूसरी जीत हैतस्वीर: Izhar Khan/NurPhoto/IMAGO

जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में पहला बड़ा उलटफेर किया है. पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने ओपनर ब्रायन बेनिट की 64 रनों की पारी की बदौलत दो विकेट खोकर 169 रन बनाए. तदीवानाशे मारुमनी (35) और रयान बर्ल (35) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. अंत में कप्तान सिकंदर रजा की तूफानी पारी (13 गेंदों में 25 रन) टीम के लिए खास साबित हुई.

शुक्रवार को हुए ग्रुप बी के इस मुकाबले में जिम्बाब्वे की तरफ से ब्लेसिंग मुजारबानी ने 17 रन देकर 4 विकेट झटके और ब्रैड इवांस ने 23 रन देकर 3 विकेट लिए. उनकी शानदार गेंदबाजी के आगे ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 19.3 ओवर में सिर्फ 146 रन पर ऑल आउट हो गई.

भारत की महिला दृष्टिबाधित टीम के क्रिकेट खेलने का अलग अंदाज

ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैट रेनशॉ ने 44 गेंदों में 65 रनों की जुझारू पारी खेली और ग्लेन मैक्सवेल ने 32 गेंदों में 31 रन बनाए. लेकिन जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने पावरप्ले के भीतर ही 4 विकेट गिराकर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी. यह ग्रुप बी में जिम्बाब्वे की लगातार दूसरी जीत है. 

दोनों देशों के बीच टी-20 वर्ल्ड कप में इससे पहले केवल एक बार भिड़ंत हुई थी, जब 2007 में भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराया था.

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1 करोड़ से ज्यादा आबादी पर रोक लगाने के लिए स्विट्जरलैंड करेगा जनमत संग्रह को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

1 करोड़ से ज्यादा आबादी पर रोक लगाने के लिए स्विट्जरलैंड करेगा जनमत संग्रह

एक पोस्टर
स्विट्जरलैंड की मौजूदा आबादी अभी लगभग 91 लाख हैतस्वीर: Anthony Anex/Keystone/picture alliance

स्विट्जरलैंड इस बात पर एक जनमत संग्रह आयोजित करेगा कि देश की जनसंख्या को 1 करोड़ तक सीमित किया जाए या नहीं. सरकार ने बुधवार को बताया कि इस प्रस्ताव पर 14 जून को मतदान होगा.

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यह पहल स्विस पीपुल्स पार्टी द्वारा शुरू की गई है, जिसका नाम "10 मिलियन स्विट्जरलैंड को ना" है. प्रस्ताव को वोटिंग के लिए जरूरी हस्ताक्षर मिल गए हैं. स्विट्जरलैंड की मौजूदा आबादी अभी लगभग 91 लाख है. माना जाता है कि इसमें लगभग 30 फीसदी लोग विदेशी हैं, जो ज्यादातर यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों से हैं.

प्रस्ताव में क्या है?

  • 95 लाख की सीमा: यदि 2050 से पहले जनसंख्या (स्विस नागरिक + विदेशी निवासी) 95 लाख तक पहुंच जाती है, तो सरकार को जनसंख्या वृद्धि को सीमित करने के लिए कदम उठाने होंगे. इसमें शरण लेने के अधिकार, परिवार के पुनर्मिलन और रेजिडेंसी परमिट जारी करने के नियमों में बदलाव शामिल होंगे.
  • 1 करोड़ की सीमा: यदि जनसंख्या 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाती है, तो अधिकारियों को जनसंख्या सीमा का पालन करने के लिए "सभी उपलब्ध उपाय" करने होंगे. इसमें सबसे बड़ा कदम ईयू के साथ स्विट्जरलैंड के 'फ्री मूवमेंट एग्रीमेंट' को खत्म करना भी शामिल हो सकता है.
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पीएम मोदी ने नए कार्यालय का किया उद्घाटन, "सेवा तीर्थ" से चलेगा पीएमओ को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

पीएम मोदी ने नए कार्यालय का किया उद्घाटन, "सेवा तीर्थ" से चलेगा पीएमओ

Indien Neu-Delhi 2026 | Premierminister Modi enthüllt Namen des Seva Teerth-Gebäudekomplexes
मोदी ने नए प्रशासनिक केंद्र "सेवा तीर्थ" का उद्घाटन कियातस्वीर: DPR PMO/ANI Photo

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के नए प्रशासनिक केंद्र "सेवा तीर्थ" का उद्घाटन किया, चार‑स्टार ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट (GRIHA) मानकों पर बने इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एक ही स्थान पर लाया जा रहा है. लंबे समय से विभिन्न इमारतों में बिखरे पड़े इन अहम कार्यालयों को एकीकृत कर सरकार इसे एक आधुनिक, सुरक्षित और नागरिक‑केंद्रित प्रशासनिक ढांचे की दिशा में बड़ा कदम मान रही है.

Indien Neu-Delhi 2026 | Premierminister Modi enthüllt Namen des Seva Teerth-Gebäudekomplexes
"सेवा तीर्थ" में पीएम मोदी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हुएतस्वीर: DPR PMO/ANI Photo

सेवा तीर्थ के साथ ही कर्तव्य भवन‑1 और 2 का भी उद्घाटन होगा, जहां वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, संस्कृति, कॉर्पोरेट कार्य, सूचना एवं प्रसारण, रसायन एवं उर्वरक, जनजातीय मामलों सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों को ट्रांसफर किया जाएगा. डिजिटल इंटीग्रेशन, केंद्रीकृत रिसेप्शन, पब्लिक इंटरफेस जोन, नवीकरणीय ऊर्जा समाधान, जल संरक्षण और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था जैसे फीचर इन भवनों को भविष्य‑उन्मुख और पर्यावरण‑अनुकूल बनाते हैं.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के "औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति" के संकल्प का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि जिस दिन 13 फरवरी 1931 को ब्रिटिश शासन ने नई दिल्ली को औपचारिक रूप से राजधानी घोषित किया था, उसी तारीख को प्रधानमंत्री का कार्यालय साउथ ब्लॉक से निकलकर सेवा तीर्थ में ट्रांसफर होना एक ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है.

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तमिलनाडु चुनाव से पहले स्टालिन ने 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में डाले में ₹5000 को स्किप करें
१३ फ़रवरी २०२६

तमिलनाडु चुनाव से पहले स्टालिन ने 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में डाले में ₹5000

Indien Politiker M K Stalin
स्टालिन ने यह भी घोषणा की कि अगर उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो वर्तमान 1,000 रुपये मासिक सहायता को बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाएगातस्वीर: Niharika Kulkarni/NurPhoto/IMAGO

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को राज्य की 1.31 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 5,000 रुपये ट्रांसफर किए.  

इसमें कलाइग्नार महिला पात्रता योजना के तहत फरवरी, मार्च और अप्रैल महीनों की अग्रिम राशि के रूप में 3,000 रुपये और "समर स्पेशल पैकेज" के रूप में अतिरिक्त 2,000 रुपये शामिल हैं. स्टालिन ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनावों का हवाला देकर तीन महीनों की सहायता राशि रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सरकार ने पहले ही भुगतान कर दिया ताकि महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

मुख्यमंत्री स्टालिन ने यह भी घोषणा की कि अगर उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो वर्तमान 1,000 रुपये मासिक सहायता को बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाएगा. उन्होंने इसे "द्रविड़ मॉडल 2.0" का वादा बताते हुए कहा कि तमिलनाडु की महिलाओं का विश्वास एक बार फिर उन्हें जीत दिलाएगा. 

दूसरी ओर, विपक्षी एआईएडीएमके ने भी हाल ही में अपने चुनावी वादों की नई सूची जारी की है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1,200 से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने तथा छात्रों के बैंक शिक्षा लोन माफ करने जैसी घोषणाएं शामिल हैं.

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