1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

पिछले वित्त वर्ष में 7.7 फीसदी की दर से बढ़ी भारत की जीडीपी

आयुष यादव एपी, एएफपी, डीपीए | आदर्श शर्मा एएनआई, रॉयटर्स
प्रकाशित ५ जून २०२६आखिरी अपडेट ५ जून २०२६

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.

https://p.dw.com/p/5Eszl
पांच सौ रुपये के नोटों की तस्वीर
आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 6.6 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया हैतस्वीर: Soumyabrata Roy/NurPhoto/IMAGO
आपके लिए अहम जानकारी को स्किप करें
जर्मनी: आधे से ज्यादा कंपनियों में इस्तेमाल हो रहा है एआई को स्किप करें
५ जून २०२६

जर्मनी: आधे से ज्यादा कंपनियों में इस्तेमाल हो रहा है एआई

प्रदर्शनी के दौरान एक रोबोट
पिछले साल के सर्वे में केवल 40.9 प्रतिशत कंपनियों ने ही एआई का इस्तेमाल करने की बात कही थी तस्वीर: Julian Stratenschulte/dpa/picture alliance

जर्मनी की कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है. आर्थिक अनुसंधान संस्थान 'इफो' द्वारा कराए गए एक नए सर्वे के अनुसार, देश की आधे से अधिक कंपनियों ने अपने दैनिक बिजनेस ऑपरेशंस में एआई तकनीक को पूरी तरह अपना लिया है. सर्वे के नतीजे बताते हैं कि वर्तमान में 54.5 प्रतिशत कंपनियां अपने कामकाज में एआई का उपयोग कर रही हैं.

यह भी पढ़ें: मस्क और ओपन एआई की लड़ाई में असल हार किसकी?

पिछले साल के सर्वे में केवल 40.9 प्रतिशत कंपनियों ने ही एआई का इस्तेमाल करने की बात कही थी, यानी महज एक साल के भीतर इसमें लगभग 13 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अगर विभिन्न क्षेत्रों के लिहाज से देखें, तो जर्मनी के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एआई की स्वीकार्यता सबसे ज्यादा 58.7 प्रतिशत रही है, जबकि इसके बाद सर्विस सेक्टर में 56.2 प्रतिशत कंपनियों ने इसे अपने काम का हिस्सा बनाया है.

इफो संस्थान के मुताबिक, जर्मन कंपनियां मुख्य रूप से अपने मौजूदा कामकाज की प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और सुगम बनाने के लिए एआई की मदद ले रही हैं. यह आधुनिक तकनीक बेहद कम समय में भारी मात्रा में डेटा और जानकारियों को प्रोसेस करने की क्षमता रखती है, जिससे व्यवसायों को निर्णय लेने में आसानी हो रही है.

https://p.dw.com/p/5EvGF
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण जुलाई में हो सकता है पूरा: पीयूष गोयल को स्किप करें
५ जून २०२६

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण जुलाई में हो सकता है पूरा: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल की तस्वीर
पीयूष गोयल ने कहा कि व्यापार समझौता लागू होने से भारत को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर पहुंच मिलेगीतस्वीर: Deepak Gupta/Hindustan Times/IMAGO

भारत और अमेरिका जुलाई के मध्य तक अपने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से यह बात कही. उन्होंने बताया कि समझौते के शुरुआती चरण को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के अधिकारी चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगले महीने के मध्य तक हम एक बेहतरीन पहला चरण लागू करने की स्थिति में होंगे.”

व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल भारत भी आया था. 2 से 4 जून तक दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चाएं हुईं. पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि शुरुआती व्यापार समझौते के बाकी हिस्सों को ठोस रूप देने के लिए आने वाले हफ्तों में उच्च-स्तरीय बातचीत भी होगी. उनका कहना है कि इस चरण से भारत को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर पहुंच मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महीने के अंत तक एक और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आ सकता है. 
 

https://p.dw.com/p/5EvGG
फीफा वर्ल्ड कप नहीं जीत पाएगी जर्मनी की टीम: सर्वे को स्किप करें
५ जून २०२६

फीफा वर्ल्ड कप नहीं जीत पाएगी जर्मनी की टीम: सर्वे

जश्न मनाते फुटबॉल प्रशंसक
केवल 15 फीसदी जर्मन मानते हैं कि जर्मनी विश्व कप जीत सकता हैतस्वीर: JOERG CARSTENSEN/AFP/Getty Images

आगामी फुटबॉल वर्ल्ड कप को लेकर खुद जर्मन नागरिकों और फुटबॉल प्रशंसकों के बीच अपनी राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन को लेकर भारी संशय है. सार्वजनिक प्रसारक जेडडीएफ द्वारा कराए गए एक नए सर्वे के अनुसार, अधिकांश जर्मनों को यह भरोसा नहीं है कि उनकी टीम विश्व कप खिताब जीतने में कामयाब होगी. सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि केवल 15 प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं जो यह मानते हैं कि जर्मन टीम इस बार वर्ल्ड चैंपियन बन सकती है.

सर्वे में शामिल फुटबॉल प्रेमियों का आकलन है कि टीम इस बार भी बहुत आगे नहीं जा पाएगी. सबसे बड़ा हिस्सा, यानी करीब 33 प्रतिशत लोगों का मानना है कि जर्मनी का सफर क्वार्टर फाइनल में ही थम जाएगा, जहां उसका सामना मजबूत फ्रांस से होने की संभावना है. इसके अलावा, 15 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि टीम राउंड ऑफ 16 में ही हारकर बाहर हो जाएगी, जबकि इतने ही (15 प्रतिशत) लोगों का मानना है कि टीम कम से कम सेमीफाइनल तक का सफर जरूर तय करेगी. वहीं, महज 2 प्रतिशत लोगों को लगता है कि टीम फाइनल में पहुंचकर उपविजेता बनेगी.

यह भी पढ़ें: मारी-लुईजे एटा बनीं बुंडेसलीगा की पहली महिला मुख्य कोच

इस मायूसी के पीछे जर्मन टीम का पिछला खराब इतिहास और बड़े टूर्नामेंट का डर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. सर्वे के अनुसार, 3 प्रतिशत जर्मनों को अंदेशा है कि नेशनल टीम का प्रदर्शन इस बार भी उतना ही शर्मनाक रहेगा जितना पिछले दो विश्व कप में रहा था, जब टीम नॉकआउट चरण में पहुंचे बिना ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी.

https://p.dw.com/p/5EvFS
पिछले वित्त वर्ष में 7.7 फीसदी की दर से बढ़ी भारत की जीडीपी को स्किप करें
५ जून २०२६

पिछले वित्त वर्ष में 7.7 फीसदी की दर से बढ़ी भारत की जीडीपी

भारतीय मुद्रा के पांच सौ रुपये के नोटों की तस्वीर
पिछली तिमाही में मजबूत सरकारी खर्च और सेवा क्षेत्र ने विकास दर को बढ़ावा दियातस्वीर: Soumyabrata Roy/NurPhoto/IMAGO

भारत की अर्थव्यवस्था साल 2026 के पहले तीन महीनों में उम्मीद से अधिक तेजी से आगे बढ़ी. वित्त वर्ष 2025-26 की इस आखिरी तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना आधार पर 7.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. शुक्रवार को जारी हुए आधिकारिक डेटा के मुताबिक, मजबूत सरकारी खर्च और सेवा क्षेत्र ने विकास दर को बढ़ावा दिया. 

सरकारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में देश की जीडीपी 7.7 फीसदी की दर से आगे बढ़ी. इससे पिछले वित्त में यह विकास दर 7.1 फीसदी थी. यानी भारत की अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालांकि, ईरान युद्ध के प्रभावों को देखते हुए मौजूदा वित्त वर्ष की विकास दर के प्रति अनिश्चितता बनी हुई है. 

भारत के विकास को खा जा रहा प्रदूषण

आरबीआई ने शुक्रवार को ही वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास दर का अपना अनुमान घटाकर 6.6 फीसदी कर लिया है. इससे पहले केंद्रीय बैंक ने जीडीपी के 6.9 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जारी किया था. वहीं, अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि भारत इस साल अपने बजट में निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पार कर सकता है. 

भारत अपनी तेल और गैस की जरूरत के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है. इसके चलते किसी भी वैश्विक ऊर्जा झटके का भारत पर बड़ा असर होता है. मौजूदा समय में ईरान युद्ध के चलते कच्चा तेल महंगा होने की वजह से देश का आयात खर्च बढ़ रहा है. इससे देश का चालू खाता घाटा 14 साल के उच्च स्तर पर पहुंच सकता है और महंगाई भी बढ़ सकती है. 

https://p.dw.com/p/5EvB2
1961 की तुलना में आज 6 गुना ज्यादा चिकन खा रहा है इंसान: यूएन रिपोर्ट को स्किप करें
५ जून २०२६

1961 की तुलना में आज 6 गुना ज्यादा चिकन खा रहा है इंसान: यूएन रिपोर्ट

फार्म में मौजूद चिकन
पिछले 60 वर्षों में वैश्विक स्तर पर मांस की कुल आपूर्ति में चार गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई हैतस्वीर: Diego Vara/REUTERS

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में खान-पान की आदतें तेजी से बदल रही हैं. आज का औसत इंसान अपने दादा-दादी की पीढ़ी की तुलना में लगभग छह गुना अधिक चिकन (पोल्ट्री) और दोगुना अधिक पोर्क (सूअर का मांस) खा रहा है. 

यह भी पढ़ें: यूएन सुरक्षा परिषद की सीट नहीं मिलने से जर्मनी को झटका लगा

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 60 वर्षों में वैश्विक स्तर पर मांस की कुल आपूर्ति में चार गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साल 1961 में जहां प्रति व्यक्ति पोल्ट्री की सालाना आपूर्ति 3 किलो से भी कम थी, वहीं साल 2022 तक यह बढ़कर 17 किलो प्रति व्यक्ति तक पहुंच गई है.

मीट की इस लगातार बढ़ती मांग और सप्लाई का वैश्विक पर्यावरण पर बेहद खतरनाक असर पड़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था में कृषि और पशुपालन क्षेत्र प्रदूषण फैलाने के मामले में दूसरे नंबर पर आता है. 

यह भी पढ़ें: क्यों अफगानिस्तान में मौसम इतना जानलेवा होता जा रहा है?

आशंका जताई गई है कि अगले एक दशक में इस सेक्टर से होने वाले धरती को गर्म करने वाले उत्सर्जन में 7.6 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. सबसे चिंताजनक बात यह है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इस कुल बढ़े हुए उत्सर्जन में अकेले 80 फीसदी हिस्सेदारी मांस और डेयरी के लिए किए जाने वाले पशुपालन क्षेत्र की होगी.

https://p.dw.com/p/5EuY3
यूपी का सुरहाताल बना भारत का 100वां रामसर स्थल को स्किप करें
५ जून २०२६

यूपी का सुरहाताल बना भारत का 100वां रामसर स्थल

सुरहाताल में टिटहरी की तस्वीर
कई प्रवासी और स्थानीय पक्षियों को सुरहाताल में देखा जा सकता हैतस्वीर: @narendramodi/X/ANI

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहाताल) को देश का 100वां रामसर स्थल घोषित किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में अपनी खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "यह वेटलैंड पक्षी विविधता के मामले में असाधारण रूप से समृद्ध है, जो कई प्रवासी और स्थानीय पक्षियों को आकर्षित करता है."

रामसर साइट का दर्जा पाने वाले वेटलैंड अंतरराष्ट्रीय महत्व रखते हैं और उनके संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त होता है. दुनिया भर में रामसर साइट की संख्या 2,500 से ज्यादा है, जो करीब 25 लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा के क्षेत्र में फैले हैं. भारत में सबसे ज्यादा तमिलनाडु में 20 रामसर साइट हैं. इसके अलावा, यूपी में 13, बिहार और पंजाब में छह-छह और जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश में पांच-पांच रामसर साइट हैं. 

दुनिया भर के वेटलैंड और उनके संरक्षण के लिए 2 फरवरी 1971 को ईरान के शहर रामसर में एक संधि के तहत रामसर साइट के निर्धारण और उनके बचाव के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. भारत में फरवरी 1982 में यह समझौता लागू किया गया था. किसी भी वेटलैंड को रामसर साइट की लिस्ट में शामिल होने के लिए कई मानकों पर खरा उतरना होता है. 

https://p.dw.com/p/5Eug4
पश्चिमी बाल्कन देशों की ईयू सदस्यता प्रक्रिया होगी तेज: यूरोपीय परिषद को स्किप करें
५ जून २०२६

पश्चिमी बाल्कन देशों की ईयू सदस्यता प्रक्रिया होगी तेज: यूरोपीय परिषद

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों, मोंटेनेग्रो के राष्ट्रपति जाकोव मिलाटोविच और मोंटेनेग्रो के प्रधानमंत्री मिलोज्को स्पैजिक
अल्बानिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, कोसोवो, उत्तर मैसेडोनिया, सर्बिया और मोंटेनेग्रो जैसे छह देश लंबे समय से यूरोपीय संघ में शामिल होने का प्रयास कर रहे हैंतस्वीर: Ludovic Marin/AFP

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने गुरुवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) को पश्चिमी बाल्कन क्षेत्र के छह उम्मीदवार देशों को शामिल करने की अपनी प्रक्रिया में तेजी लानी होगी. सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्सांद्र वुचिच के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोस्टा ने साफ किया कि यूरोपीय संघ का यह विस्तार वर्तमान समय में ब्लॉक का सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा भू-राजनीतिक निवेश है, जिस पर गंभीरता से काम करना जरूरी है.

अल्बानिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, कोसोवो, उत्तर मैसेडोनिया, सर्बिया और मोंटेनेग्रो जैसे छह देश लंबे समय से यूरोपीय संघ में शामिल होने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, ब्लॉक में शामिल होने के लिए तय किए गए बेहद कड़े और सख्त नियमों व लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के कारण अब तक इनमें से किसी को भी पूर्ण सदस्यता नहीं मिल सकी है. 

कोस्टा ने बताया कि यूरोपीय नेता और इन पश्चिमी बाल्कन देशों के शीर्ष नेतृत्व एक विशेष बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसका मुख्य एजेंडा इस कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा ताकि बिना किसी रुकावट के प्रक्रिया को तेज और बेहतर बनाया जा सके.

हंगरी में यूरोपीय संघ को तोड़ने या जोड़ने वालों का मुकाबला

https://p.dw.com/p/5EuXr
बांग्लादेश ने कहा, भारत द्वारा लोगों को उनके देश में धकेलने के कई प्रयास नाकाम किए को स्किप करें
५ जून २०२६

बांग्लादेश ने कहा, भारत द्वारा लोगों को उनके देश में धकेलने के कई प्रयास नाकाम किए

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के जवानों की तस्वीर
बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को सीमा के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगीतस्वीर: Munir Uz Zaman/AFP

बांग्लादेश ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में भारत द्वारा लोगों को उनके देश में जबरन भेजने के कई प्रयासों को नाकाम किया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने कहा कि उन्होंने सीमा के कई हिस्सों पर भारतीय अधिकारियों द्वारा किए गए घुसपैठ के 10 प्रयासों का पता लगाया है. भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और विदेश मंत्रालय ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. 

बांग्लादेश की सीमा से सटे भारतीय राज्यों- त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम में अभी बीजेपी की सरकार है. बीजेपी ने अवैध प्रवासन से प्राथमिकता के आधार पर निपटने की बात कही है और पिछले साल से यह "अवैध घुसपैठिए" करार दिए गए बंगाली भाषी मुसलमानों को बांग्लादेश में धकेलने की कोशिश कर रही है. मानवाधिकार समूह, अधिकारी और विश्लेषक इस प्रक्रिया को "पुश-इन" नाम देते हैं. 

यह भी पढ़ें- भारत और बांग्लादेश की सीमा पर भारत क्यों लगा रहा है बाड़?

रॉयटर्स के मुताबिक, पुश-इन के जरिए सत्यापन और वतन वापसी की प्रक्रिया पूरे किए बिना ही लोगों को अनौपचारिक रूप से बांग्लादेश भेज दिया जाता है. बांग्लादेश इसका कड़ा विरोध करता है. बीजीबी ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को सीमा के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले महीने रिपोर्टरों को बताया था कि उन्होंने बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से रह रहे 2,860 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता का सत्यापन करने के लिए कहा है. बांग्लादेश का कहना है कि किसी भी बांग्लादेशी नागरिक को औपचारिक कानूनी और कूटनीतिक रास्तों के जरिए भेजा जाना चाहिए. 

https://p.dw.com/p/5EuSC
नीदरलैंड्स: पत्नियों को नशीला पदार्थ देकर रेप करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार को स्किप करें
५ जून २०२६

नीदरलैंड्स: पत्नियों को नशीला पदार्थ देकर रेप करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस का साइन
इन पुरुषों पर अपनी पत्नियों के साथ रेप करने का आरोप हैतस्वीर: Lex van Lieshout/ANP/picture alliance

नीदरलैंड्स पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाले मामले में चार पुरुषों को गिरफ्तार किया है, जिन पर अपनी ही पत्नियों और लिव-इन पार्टनर्स को धोखे से नशीला पदार्थ देकर उनका यौन उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप है. डच पुलिस द्वारा गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार, यह वारदात नीदरलैंड्स के शहर रॉटरडैम से सामने आई है. आरोपी न सिर्फ अपनी ही करीबी महिलाओं को बेहोश कर उनके साथ रेप करते थे, बल्कि इस पूरे कृत्य का वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट पर अन्य लोगों के साथ शेयर भी करते थे.

यह भी पढ़ें:महिलाओं के साथ अपराध की राजधानी भी है दिल्ली

इस अपराध का भंडाफोड़ करने के लिए पुलिस ने पिछले हफ्ते आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में कंप्यूटर, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जब्त किए हैं, जिनमें इन अपराधों के वीडियो स्टोर होने की पूरी आशंका है. इसके साथ ही तलाशी में उनके घरों से बेहोश करने वाली दवाएं और कई अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं. फिलहाल जांच टीम इन सभी डिजिटल सबूतों को खंगालने में जुटी है ताकि पीड़ित महिलाओं की सही संख्या और उनकी पहचान का पता लगाया जा सके.

यह मामला फ्रांस के कुख्यात 'गिजेल पेलिको' केस से मेल खाता है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था. गिजेल के पति ने सालों तक अपनी पत्नी को नशीली दवाएं देकर बेहोश किया और दर्जनों बाहरी पुरुषों को बुलाकर उनका रेप करवाया था, जिसके लिए मुख्य आरोपी को साल 2024 में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी.

जेल में बंद महिलाओं के साथ किया गया रेप और वर्जिनिटी टेस्ट

https://p.dw.com/p/5Eu5a
पुतिन ने कहा, अमेरिका के साथ भारत का सहयोग रूस-भारत संबंधों को प्रभावित नहीं करता को स्किप करें
५ जून २०२६

पुतिन ने कहा, अमेरिका के साथ भारत का सहयोग रूस-भारत संबंधों को प्रभावित नहीं करता

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और भारत के संबंध चीन को प्रभावित नहीं करते और चीन के साथ हमारे संबंध भारत को परेशान नहीं करतेतस्वीर: Alexander Kazakov/AFP

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के साथ भारत का सहयोग, रूस के साथ भारत के संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाता है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में रिपोर्टरों से कहा कि अमेरिका मॉस्को के साथ संबंधों को लेकर भारत पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव डालने की कोशिश करना बेकार है. 

पुतिन ने इस दौरान भारत-चीन के मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा, “चीन और भारत के साथ हमारे अपने संबंध हैं…रूस और भारत के संबंध चीन को प्रभावित नहीं करते और चीन के साथ हमारे संबंध भारत को परेशान नहीं करते.” इसके लिए उन्होंने ब्रिक्स समूह का उदाहरण दिया जिसकी शुरुआत रूस, चीन और भारत ने मिलकर की थी और बाद में अन्य देश इसमें शामिल हुए.

रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक, पुतिन ने कहा कि रूस ने भारत को सुखोई एसयू-57 लड़ाकू विमान साथ में विकसित करने और बनाने का भी प्रस्ताव दिया था. स्पुतनिक के मुताबिक, पुतिन ने बताया कि तब भारत ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई थी लेकिन रूस अभी भी भारत को यह लड़ाकू विमान देने के लिए तैयार है. पुतिन ने कहा कि उन्हें इसमें कोई समस्या नहीं है.

https://p.dw.com/p/5Eu2G
ऑस्ट्रेलिया में 1 लाख से ज्यादा अवैध कॉकरोच जब्त को स्किप करें
५ जून २०२६

ऑस्ट्रेलिया में 1 लाख से ज्यादा अवैध कॉकरोच जब्त

पकड़े गए ढेर सारे कॉकरोच
इन अवैध कॉकरोचों को पालतू जानवरों को खिलाने के लिए पाला जा रहा थातस्वीर: Australian Department of Climate Change, Energy, Environment and Water/AFP

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य में वन्यजीव अधिकारियों ने एक कमर्शियल ब्रीडर के ठिकाने पर छापा मारकर 1 लाख से ज्यादा अवैध कॉकरोच जब्त किए हैं. सिडनी से करीब 200 किलोमीटर दूर हुई यह कार्रवाई देश में अवैध विदेशी कीड़ों की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है. ब्लैक मार्केट में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 1.42 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.22 लाख यूरो) आंकी गई है.

यह भी पढ़ें: कौन हैं ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर, जिनके एक्स अकाउंट को भारत में बैन कर दिया गया?

पकड़े गए कॉकरोचों में शामिल मेडागास्कर हिसिंग प्रजाति दुनिया के सबसे बड़े कॉकरोचों में से एक है, जिसकी लंबाई 3 इंच तक हो सकती है. जांच में सामने आया है कि इन प्रतिबंधित विदेशी कीड़ों की ब्रीडिंग पालतू छिपकलियों और अन्य रेंगने वाले जीवों के भोजन के रूप में बेचने के लिए की जा रही थी. ऑस्ट्रेलियाई पर्यावरण कानून के तहत इन दोनों ही प्रजातियों को देश में लाने, पालने या बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध है.

ऑस्ट्रेलिया अपने अनोखे वन्यजीवों और कृषि क्षेत्र को बाहरी आक्रामक प्रजातियों व बीमारियों से बचाने के लिए दुनिया के सबसे सख्त जैव-सुरक्षा नियमों का पालन करता है. पर्यावरण विभाग के प्रवक्ता ने साफ किया कि राष्ट्रीय पर्यावरण कानून के किसी भी उल्लंघन को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और अवैध पौधों या कीड़ों की तस्करी करने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है.

यह भी पढ़ें: चीन में फलता फूलता कॉकरोच उद्योग

https://p.dw.com/p/5EtyK
ईरान युद्ध के बीच यूरोप में विमान ईंधन का संकट नहीं: ईयू परिवहन प्रमुख को स्किप करें
५ जून २०२६

ईरान युद्ध के बीच यूरोप में विमान ईंधन का संकट नहीं: ईयू परिवहन प्रमुख

एक पेट्रोल पंप
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से तेल संकट पैदा हो गया हैतस्वीर: Jam Sta Rosa/AFP

ईरान युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद यूरोपीय संघ (ईयू) ने आश्वस्त किया है कि आने वाले महीनों में यूरोप में विमान ईंधन की कोई कमी नहीं होगी. यूरोपीय संघ के परिवहन कमिश्नर अपोस्टोलोस त्सित्सिकोस्टास ने एक इंटरव्यू में साफ किया कि ईंधन की आसमान छूती कीमतों के कारण एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव जरूर बढ़ा है, जिसके चलते वे घाटे वाले हवाई मार्गों पर अपनी उड़ानें बंद कर रही हैं, लेकिन महाद्वीप में ईंधन की उपलब्धता को लेकर कोई संकट नहीं है.

दरअसल, खाड़ी देशों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पिछले तीन महीनों से बंद पड़ा है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में रोजाना करीब 1.4 करोड़ बैरल की भारी कटौती हुई है. यह कमी वैश्विक तेल मांग का लगभग 14 फीसदी हिस्सा है. इस बड़े व्यवधान के बावजूद यूरोपीय संघ खुद को सुरक्षित बनाए रखने में कामयाब रहा है, क्योंकि यूरोप अपनी जरूरत का केवल 20 प्रतिशत जेट फ्यूल ही मिडिल ईस्ट से मंगाता था, जिसकी भरपाई अब अन्य विकल्पों से की जा रही है.

मिडिल ईस्ट से कटी सप्लाई के इस अंतर को पाटने के लिए यूरोपीय देशों ने अमेरिका और नाइजीरिया से होने वाले तेल आयात को बढ़ा दिया है, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. परिवहन कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल आपूर्ति को लेकर कोई संकेत नहीं हैं जो चिंता पैदा करें, हालांकि उन्होंने आगाह किया कि ईंधन के ऊंचे दामों और रूट कटौती का सबसे ज्यादा नकारात्मक असर बड़े हब के बजाय छोटे और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के कामकाज पर पड़ सकता है.

ईरान युद्ध के कारण पर्यावरण में घुलता जहर

https://p.dw.com/p/5Etx8
बर्लिन में 20 साल के इंतजार के बाद खुला 'श्री गणेश हिंदू मंदिर' को स्किप करें
५ जून २०२६

बर्लिन में 20 साल के इंतजार के बाद खुला 'श्री गणेश हिंदू मंदिर'

बर्लिन में स्थित हिंदू मंदिर की मीनार
यह मंदिर हिंदू देवता श्री गणेश को समर्पित हैतस्वीर: Joerg Krauthoefer/Funke Foto Services/IMAGO

जर्मनी की राजधानी बर्लिन के नोएकोल्न इलाके में स्थित 'श्री गणेश हिंदू मंदिर' को 20 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आम जनता के लिए खोल दिया गया है. इस भव्य मंदिर के कपाट इस शुक्रवार और आने वाले वीकेंड पर विशेष रूप से खोले गए हैं. मंदिर प्रबंधन और एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यहां गैर-हिंदुओं का भी पूरे दिल से स्वागत है.

यह भी पढ़ें: डिजिटल युग में बदलता भक्ति और आस्था का रूप

इस अवसर पर मंदिर में कई दिनों तक चलने वाला पारंपरिक हिंदू अभिषेक समारोह "महा कुंभाभिषेकम" आयोजित किया जा रहा है, जो आगामी 7 जून तक चलेगा. यह मंदिर हिंदू देवता श्री गणेश को समर्पित है. उद्घाटन के इस खास मौके पर शुक्रवार और शनिवार की शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.

इस भव्य मंदिर के निर्माण में करीब 11 लाख यूरो की लागत आई है, जिसे मुख्य रूप से श्रद्धालुओं के दान और स्वयंसेवकों के योगदान से जुटाया गया है. मंदिर का निर्माण कराने वाली मुख्य समिति में तमिल और दक्षिण एशियाई मूल के सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने सालों की मेहनत से इस प्रोजेक्ट को साकार किया है. 

मंदिर के निर्माताओं का मानना है कि यह स्थान न केवल हिंदू समुदाय के लिए आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि अन्य धर्मों के लोगों को भी हिंदू संस्कृति और दर्शन को समझने का एक नया नजरिया देगा.

https://p.dw.com/p/5EtqD
वेनेजुएला में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं भारतीय कंपनियां: हरदीप पुरी को स्किप करें
५ जून २०२६

वेनेजुएला में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं भारतीय कंपनियां: हरदीप पुरी

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरदीप सिंह पुरी
हरदीप पुरी ने वेनेजुएला के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने की बात कहीतस्वीर: Naveen Sharma/SOPA Images/ZUMAPRESS/picture alliance

भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मुलाकात में कहा कि भारतीय कंपनियां वेनेजुएला में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती हैं. उन्होंने सरकारी तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की और वेनेजुएला के ऊर्जा ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए भारत के मजबूत समर्थन को दोहराया. 

आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, भारत की ऊर्जा विविधीकरण रणनीति में वेनेजुएला की अहम भूमिका को पहचानते हुए, हरदीप पुरी ने वेनेजुएला के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने की बात कही. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बीते मई महीने में भारत वेनेजुएला के तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बनकर उभरा है. इस दौरान भारत ने हर दिन 427,000 बैरल तेल खरीदा.

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, रोड्रिगेज ने भारत के ऊर्जा प्रतिनिधिमंडल को न्योता दिया है कि वे वेनेजुएला आकर वहां के ऊर्जा क्षेत्र में अवसरों की पहचान करें. उन्होंने वेनेजुएला के तेल और गैस क्षेत्र में काम करने के लिए भारतीय कंपनियों का स्वागत किया. वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है. वहां का क्रूड ऑयल भारी होता है लेकिन भारतीय रिफायनरियां उस तेल की प्रोसेसिंग करने में सक्षम हैं.

वेनेजुएला के तेल भंडार के साथ सबसे बड़ी समस्या

https://p.dw.com/p/5EtCk
भारतीय रिजर्व बैंक ने 5.25 फीसदी पर बरकरार रखी रेपो रेट को स्किप करें
५ जून २०२६

भारतीय रिजर्व बैंक ने 5.25 फीसदी पर बरकरार रखी रेपो रेट

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ऊंची ऊर्जा कीमतों और वैश्विक आपूर्ति में बाधाओं का आर्थिक गतिविधि पर "प्रतिकूल प्रभाव" पड़ रहा है, लेकिन घरेलू मांग "मजबूत" बनी हुई हैतस्वीर: Francis Mascarenhas/REUTERS

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार, 5 जून को ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने की घोषणा की. आरबीआई ने बताया कि छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला किया. रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देती है. अप्रैल में हुई पिछली बैठक में भी रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया था.

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने स्वीकार किया है कि ऊंची ऊर्जा कीमतों और वैश्विक आपूर्ति में बाधाओं का आर्थिक गतिविधि पर "प्रतिकूल प्रभाव" पड़ रहा है, लेकिन घरेलू मांग "मजबूत" बनी हुई है. गवर्नर ने आगे कहा कि महंगाई से जुड़े जोखिम बढ़े हैं लेकिन मौद्रिक नीति समिति का मानना है कि अधिक स्पष्टता आने तक इंतजार करना बेहतर होगा. 

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, इंडोनेशिया से लेकर श्रीलंका तक, उभरती अर्थव्यवस्थाओं की केंद्रीय बैंकों ने हाल के हफ्तों में ब्याज दरों में वृद्धि की है ताकि उनकी मुद्राओं को मजबूती दी जा सके और महंगाई के दबाव को कम किया जा सके. विश्लेषकों का कहना है कि भारत वैश्विक ऊर्जा झटके से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है. 

https://p.dw.com/p/5EtCj
और पोस्ट दिखाएं
आयुष यादव
आयुष यादव एडिटर, डीडब्ल्यू हिन्दीhttps://x.com/aayush9906?s=21
आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.