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1 अप्रैल से शुरू होगी भारत की डिजिटल जनगणना

आमिर अंसारी रॉयटर्स, एएनआई, आईएएनएस | आयुष यादव डीपीए, एपी, एएफपी
प्रकाशित ३१ मार्च २०२६आखिरी अपडेट ३१ मार्च २०२६

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जनगणना के दौरान सवाल पूछती एक महिला
यह जनगणना साल 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसमें देरी हुई. इससे पहले आखिरी बार जनगणना 2010-11 में की गई थी.तस्वीर: Nathan G./dpa/picture alliance
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ट्रंप ने सहयोगियों से कहा, "आपकी मदद के लिए अमेरिका आगे नहीं आएगा" को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

ट्रंप ने सहयोगियों से कहा, "आपकी मदद के लिए अमेरिका आगे नहीं आएगा"

USA Miami Beach 2026 | Donald Trump spricht beim Future Investment Initiative Summit
सहयोगियों का साथ नहीं मिलने से नाराज हैं ट्रंपतस्वीर: Mark Schiefelbein/AP Photo/picture alliance

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक प्रस्ताव रखा है. मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर किए पोस्ट में उन्होंने जेट ईंधन की कमी से जूझ रहे देशों से कहा कि अगर होर्मुज से तेल नहीं मिल पा रहा तो अमेरिका का रुख कर सकते हैं. दो अलग-अलग पोस्ट्स में उन्होंने फ्रांस और ब्रिटेन को जबरदस्त फटकार भी लगाई है.  

ट्रंप ने तेल को लेकर कहा, "ब्रिटेन जैसे देश, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए जेट फ्यूल नहीं हासिल कर पा रहे हैं, उनको मैं दो नसीहत दूंगा." उन्होंने आगे लिखा, "पहली, चाहूंगा कि उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त तेल है."

ईरानी तेल की खरीद पर ट्रंप प्रशासन ने दी 30 दिनों की ढील

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दूसरी नसीहत हौसला और हिम्मत दिखाने की कही. उन्होंने लिखा कि मेरी दूसरी सलाह है कि देर से ही सही लेकिन थोड़ी हिम्मत दिखाएं, होर्मुज जाएं और अपना हक ले लें.

ट्रंप ने आगे कहा कि आपको खुद के लिए लड़ना सीखना होगा. उन्होंने कहा कि  हमेशा अमेरिका उनका साथ देने के लिए मौजूद नहीं रहेगा, ठीक वैसे ही जैसे आप उसके साथ खड़े नहीं हैं. ट्रंप ने अंत में लिखा, "ईरान कमजोर हो चुका है, वो तबाह कर दिया गया है. सबसे मुश्किल काम हमने कर दिया है. अब आपको जाकर अपना तेल हासिल करने का हौसला दिखाना चाहिए."

वेनेजुएला के तेल भंडार के साथ सबसे बड़ी समस्या

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भारत में गोल्ड लोन की धूम, रिटेल लोन सेगमेंट में बना किंग को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

भारत में गोल्ड लोन की धूम, रिटेल लोन सेगमेंट में बना किंग

Bildergalerie Gold in Indien Schmuck
तस्वीर: RAVEENDRAN/AFP/Getty Images

भारत के रिटेल क्रेडिट बाजार में गोल्ड लोन सबसे बड़ा सेगमेंट बनकर उभरा है. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, कुल लोन मात्रा में इसकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत और वैल्यू (मूल्य) के हिसाब से करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है. इसके पीछे मुख्य कारण सोने की बढ़ती कीमतें और लोगों का सुरक्षित लोन की ओर बढ़ता रुझान है. 

ट्रांसयूनियन सीआईबीएल की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में गोल्ड लोन की औसत राशि में काफी बढ़ोतरी हुई है. दिसंबर 2025 तिमाही में औसत गोल्ड लोन करीब 1.9 लाख रुपये तक पहुंच गया, जो इस सेगमेंट में तेजी को दिखाता है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कंज्यूमर मार्केट इंडिकेटर (सीएमआई), जो क्रेडिट मार्केट की स्थिति को दर्शाता है, दिसंबर 2025 तिमाही में बढ़कर 102 हो गया. यह एक साल पहले 97 और सितंबर तिमाही में 100 था. यानी लगातार तीसरी तिमाही में इसमें सुधार देखा गया है. 

सोने की ऊंची कीमतों ने लोगों को अपने पास मौजूद गोल्ड का उपयोग करके लोन लेने के लिए प्रेरित किया है, जिससे गोल्ड लोन की मांग और वितरण दोनों में तेज वृद्धि हुई है.

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भारत में हर महीने औसतन 31 जीबी डेटा इस्तेमाल करते हैं लोग को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

भारत में हर महीने औसतन 31 जीबी डेटा इस्तेमाल करते हैं लोग

Symbolbild Mann blickt auf sein Handy
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक डेटा खपत 31 जीबी के पार पहुंच गई है,तस्वीर: Liubomyr Vorona/stock.adobe.com

भारत में मोबाइल डेटा खपत तेजी से बढ़ रही है और 5जी सेवाओं के विस्तार ने इस वृद्धि को नई दिशा दी है. नोकिया की 2026 मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार, देश में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक डेटा खपत 31 जीबी के पार पहुंच गई है, जबकि कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक 27 एक्साबाइट प्रतिमाह को पार कर गया है. रिपोर्ट बताती है कि 2025 में भारत का 5जी ट्रैफिक 12.9 एक्साबाइट प्रतिमाह रहा और अब कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक का 47 प्रतिशत 5जी से आता है.

रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी सब्सक्राइबर बेस बन चुका है और 2031 तक इसके एक अरब उपयोगकर्ताओं को पार करने की संभावना है. मेट्रो शहरों में 5जी का योगदान 58 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि कैटेगरी ए, बी, सी और सी सर्किलों में भी तेजी से अपनाया जा रहा है. देश में सक्रिय 4जी डिवाइसेज की संख्या 89.2 करोड़ है, जिनमें से 38.3 करोड़ पहले ही 5जी-सक्षम हैं. इसके अलावा, साल भर में बिकने वाले 90 प्रतिशत से अधिक स्मार्टफोन अब 5जी सपोर्ट के साथ आते हैं.

नोकिया ने यह भी संकेत दिया है कि एआई-सक्षम ऐप और इमर्सिव तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से नेटवर्क ट्रैफिक का स्वरूप बदल रहा है, जिसमें अधिक अपलिंक क्षमता और कम विलंबता की जरूरत होगी.

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जापान ने विवादित द्वीपों के पास चीनी जहाज को सर्वे रोकने का आदेश दिया को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

जापान ने विवादित द्वीपों के पास चीनी जहाज को सर्वे रोकने का आदेश दिया

Senkaku/Diaoyu - Inselgruppe
जापान का कहना है कि चीनी पोत जियांग यांग हॉन्ग 22 बिना अनुमति उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश कर वैज्ञानिक शोध कर रहा थातस्वीर: Kyodo News/imago

जापान के तटरक्षक बल ने मंगलवार को एक चीनी सर्वेक्षण जहाज को विवादित सेनकाकू द्वीपसमूह के पास शोध गतिविधियां रोकने का आदेश दिया. जापान का कहना है कि चीनी पोत जियांग यांग हॉन्ग 22 बिना अनुमति उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश कर वैज्ञानिक शोध कर रहा था. यह जहाज सोमवार दोपहर से जापानी विशेष आर्थिक क्षेत्र में में देखा गया, जहां से इसे पाइप और वायर जैसी वस्तुएं समुद्र में छोड़ते हुए रिकॉर्ड किया गया.

सेनकाकू द्वीपसमूह, जिन्हें चीन दियाओयू कहता है, टोक्यो के प्रशासन में हैं, लेकिन बीजिंग उन पर अपना दावा जताता है. इन द्वीपों को लेकर दशकों से दोनों देशों के बीच तनाव मौजूद है, और हाल के महीनों में यह तनाव तब बढ़ा जब नवंबर में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने ताइवान से जुड़े सैन्य हस्तक्षेप की संभावनाओं पर बयान दिया, जिसे चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया के साथ खारिज किया था.

रूस और चीन की नौसेना का जापान सागर में साझा अभ्यास

बीजिंग ने ताकाइची के बयान के बाद जापानी कंपनियों पर व्यापारिक सख्ती बढ़ाई और अपने नागरिकों को जापान यात्रा से सतर्क रहने की सलाह दी. इस बीच, दोनों देशों के तटरक्षक बलों के जहाज नियमित रूप से इन विवादित जल क्षेत्रों में आमने-सामने आते रहते हैं, जहां चीनी शोध पोतों और अन्य जहाजों की आवाजाही समय‑समय पर तनाव को और बढ़ा देती है.

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मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत का डीजल निर्यात मार्च में 20% बढ़ा को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत का डीजल निर्यात मार्च में 20% बढ़ा

Indien Mumbai 2026 | Öltanker Shenlong passiert Straße von Hormus trotz Nahostkonflikt
तस्वीर: Raju Shinde/Hindustan Times/IMAGO

भारत ने मार्च में डीजल निर्यात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसमें महीने-दर-महीने 20 फीसदी की वृद्धि हुई है. शिपिंग ट्रैकर कप्लर के अनुसार, 1-28 मार्च के बीच देश ने 12.90 मिलियन बैरल डीजल का निर्यात किया, जबकि फरवरी में यह मात्रा 10.74 मिलियन बैरल थी. इसके उलट, कुल परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात इसी अवधि में 8 प्रतिशत गिर गया.

विश्लेषकों का कहना है कि मध्य पूर्व में चल रहे तनावों और ईरान युद्ध के बीच डीजल और जेट फ्यूल की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से भारत के रिफाइनरों को बेहतर रिटर्न मिला है. कप्लर के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निखिल दुबे के अनुसार, मध्य एशिया में आपूर्ति बाधित होने से मिडल डिस्टीलेट्स के बाजार में कसाव आया है, जिसके चलते डीजल और विमान ईंधन के क्रैक स्प्रेड तेजी से बढ़े हैं जबकि पेट्रोल के क्रैक स्प्रेड सामान्य स्तर पर बने हुए हैं.

रिफाइनर आमतौर पर अपने उत्पाद मिश्रण को इस आधार पर बदलते हैं कि किस ईंधन पर सबसे अधिक मार्जिन मिल रहा है. हालांकि कच्चे तेल की कीमतें होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने से बढ़ गई हैं, लेकिन इसका असर सभी परिष्कृत ईंधनों पर समान नहीं रहा.

 

सिलेंडर के बाद अब खाने पर भी संकट

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दिल्ली में ऊंटों के जरिए शराब तस्करी का रैकेट बेनकाब को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

दिल्ली में ऊंटों के जरिए शराब तस्करी का रैकेट बेनकाब

China Ordos 2025 | Touristen reiten auf gemieteten Kamelen in der Kubuqi-Wüste
पुलिस ने दो ऊंटों और भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त कियातस्वीर: Pedro Pardo/AFP

दिल्ली पुलिस ने शराब तस्करी के एक हैरतअंगेज मामले का भंडाफोड़ करते हुए दो ऊंटों और भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है. पुलिस के मुताबिक, तस्कर पड़ोसी राज्य हरियाणा के फरीदाबाद से ऊंटों के जरिए जंगल के रास्तों से शराब दिल्ली लाता था, ताकि सड़कों पर लगे चेक पोस्ट से बचा जा सके. दिल्ली में शराब पर अधिक कर लगने के कारण तस्करी का यह नेटवर्क काफी सक्रिय था.

पुलिस ने बताया कि उनकी विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और ऊंटों को संबंधित अधिकारियों के हवाले कर दिया. जांच में सामने आया कि तस्कर लंबे समय से ऊंटों का इस्तेमाल कर अवैध शराब को सीमा पार करवा रहा था. ऊंटों की मदद से तस्कर कठिन रास्तों से आसानी से गुजर जाता था, जहां पुलिस की निगरानी बेहद कम रहती है.

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ईरान ने कहा, भारत आने वाले विमान पर हमला 'युद्ध अपराध' को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

ईरान ने कहा, भारत आने वाले विमान पर हमला 'युद्ध अपराध'

एयरपोर्ट पर मौजूद एक हवाई जहाज
अमेरिका ने मशाद एयरपोर्ट पर नागरिक विमानों को निशाना बनाने के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी हैतस्वीर: Morteza Nikoubazl/NurPhoto/picture alliance

ईरान ने मशाद एयरपोर्ट पर हुए हमले को लेकर अमेरिका और इस्राएल पर "युद्ध अपराध" करने का आरोप लगाया है. ईरान के मुताबिक, इस हमले में उनका एक नागरिक विमान क्षतिग्रस्त हो गया है, जो दवाओं और चिकित्सा उपकरणों जैसी मानवीय सहायता लेकर भारत आने वाला था. भारत में ईरानी दूतावास द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मानवीय मिशन पर लगे नागरिक विमान को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और जिनेवा कन्वेंशन का खुला उल्लंघन है.

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रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विमान 1 अप्रैल को नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला था. यह विमान भारत द्वारा ईरान को दी जा रही निरंतर मानवीय सहायता के मिशन का हिस्सा था. हालांकि भारत इस युद्ध में एक तटस्थ रुख अपनाए हुए है, लेकिन अपने पुराने मानवीय संबंधों के कारण वह ईरान को दवाओं और जरूरी सामानों की आपूर्ति भेज रहा है. ईरान ने कड़े शब्दों में कहा कि कई देशों से दवाएं ला रहे इस विमान पर हमला करना विमानन कानूनों का घोर उल्लंघन है.

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फिलहाल, अमेरिका ने मशाद एयरपोर्ट पर नागरिक विमानों को निशाना बनाने के इन आरोपों पर कोई पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं दी है. दूसरी ओर, भारत सरकार की ओर से भी अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और मानवीय सहायता कार्यों में लगे संसाधनों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं.

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1 अप्रैल से शुरू होगी भारत की जनगणना को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

1 अप्रैल से शुरू होगी भारत की जनगणना

जनगणना के लिए जाता एक अधिकारी
भारत में आखिरी जनगणना साल 2011 में हुई थीतस्वीर: Manish Swarup/AP Photo/picture alliance

भारत में दुनिया की सबसे बड़ी आबादी की गिनती का विशाल अभियान 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है. लगभग 30 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी अगले एक साल तक घर घर जाकर डाटा जुटाएंगे. आपको बता दें कि यह जनगणना साल 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसमें देरी हुई. इससे पहले आखिरी बार जनगणना 2010-11 में की गई थी. किसी भी लोकतंत्र के लिए यह डाटा बेहद जरूरी होता है क्योंकि इसी के आधार पर सरकार भविष्य की नीतियां और सामाजिक योजनाएं तैयार करती है.

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इस बार की दस-वर्षीय जनगणना में भारत के इतिहास में पहली बार 'सेल्फ-एन्युमरेशन' की सुविधा दी जा रही है. अभियान के पहले 15 दिनों में नागरिक खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी जमा कर सकेंगे. अब तक भारत में जनगणना का काम केवल कागजों पर होता था, जिसे बाद में डिजिटल किया जाता था. इस नई पहल से डेटा जुटाने की प्रक्रिया में तेजी और आधुनिकता आने की उम्मीद है.

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जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि शुरुआती 15 दिनों के बाद यह अभियान दो चरणों में आगे बढ़ेगा. पहले चरण में घरों की स्थिति और वहां मौजूद सुविधाओं का डेटा लिया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में उन घरों में रहने वाले लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इस विशाल अभ्यास का उद्देश्य देश के हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचाना है.

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जर्मनी: एक हफ्ते बाद फिर तैरने लगी बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

जर्मनी: एक हफ्ते बाद फिर तैरने लगी बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल

समुद्र में मौजूद एक हंपबैक व्हेल
ये व्हेल पिछले कई हफ्तों से विस्मार की खाड़ी में फंसी हैतस्वीर: Joaquin Sarmiento/AFP/Getty Images

जर्मनी की विस्मार की खाड़ी में पिछले एक हफ्ते से दो अलग अलग जगहों पर फंसी हंपबैक व्हेल सोमवार शाम को फिर से तैरने में सफल रही. सोमवार को समुद्र का जलस्तर अचानक लगभग 30 सेंटीमीटर बढ़ गया, जिससे रेत के टीले पर फंसी इस विशालकाय व्हेल को खुद को निकालने का मौका मिल गया. पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, देर रात व्हेल गहरे पानी में चली गई और अब सतह से दिखाई नहीं दे रही है.

जर्मनी: रेस्क्यू के दो दिन बाद फिर फंसी हंपबैक व्हेल

हालांकि, व्हेल की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों की चिंता अभी कम नहीं हुई है. सोमवार पूरे दिन व्हेल के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के लक्षण देखे गए थे. इसके अलावा, बाल्टिक सागर का कम खारा पानी और पर्याप्त भोजन की कमी इस समुद्री जीव के लिए लंबे समय तक जानलेवा साबित हो सकती है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि व्हेल किस दिशा में बढ़ रही है, लेकिन पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस का अनुमान है कि वह विस्मार बंदरगाह की ओर जा रही है.

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अब सारा ध्यान इस बात पर है कि क्या यह व्हेल सुरक्षित रूप से अपने प्राकृतिक आवास, यानी अटलांटिक महासागर की ओर रास्ता खोज पाएगी. अटलांटिक महासागर यहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर है और वहां तक पहुंचने के लिए इसे जर्मन और डेनिश जलक्षेत्र से होकर एक लंबी यात्रा तय करनी होगी. स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण विशेषज्ञ लगातार इसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा मदद की जा सके.

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राहुल गांधी ने स्मार्ट सिटी मिशन को बताया "घोषणाओं का ढांचा, जमीन पर नतीजे शून्य" को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

राहुल गांधी ने स्मार्ट सिटी मिशन को बताया "घोषणाओं का ढांचा, जमीन पर नतीजे शून्य"

Indien Neu-Delhi 2026 | Rahul Gandhi spricht mit den Medien während der Haushaltssitzung
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारी खर्च के बावजूद शहरों में साफ पानी, स्वच्छ हवा और नागरिक सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पाई हैंतस्वीर: Rahul Singh/ANI

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार, 31 मार्च को केंद्र की स्मार्ट सिटी मिशन की कड़ी आलोचना की, आरोप लगाया कि भारी खर्च के बावजूद शहरों में साफ पानी, स्वच्छ हवा और नागरिक सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पाई हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के दावों के विपरीत, देश भर में दूषित पानी से मौतें और ढहते पुलों की घटनाएं सामने आ रही हैं. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब सरकार 97 फीसदी परियोजनाएं पूरी होने का दावा कर रही है, तो "जमीन पर आखिर बदला क्या है?"

राहुल गांधी ने एक बयान में कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन शुरुआत से ही "आधे-अधूरे मॉडल" पर आधारित था और इसे एक व्यापक बदलाव की योजना के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया. उनके अनुसार, सरकार यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि "स्मार्ट सिटी" की परिभाषा क्या है, सफलता का आकलन किस आधार पर हुआ और आम लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार कितना आया. उन्होंने मिशन को "भव्य घोषणाओं और शून्य जवाबदेही" वाला अभियान बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2015 को स्मार्ट सिटी मिशन की शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य 100 शहरों में आधारभूत ढांचे और सेवाओं को आधुनिक बनाना था. मिशन के लिए लगभग 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था और सरकार का दावा है कि अधिकांश परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं. लेकिन राहुल गांधी का कहना है कि अगर परियोजनाएं पूर्ण हैं, तो भी शहरों की स्थिति सरकार के दावों के विपरीत "एक अलग और चिंताजनक कहानी” बयान करती है.

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सीरियाई प्रवासियों पर मैर्त्स के बयान पर विपक्ष नाराज को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

सीरियाई प्रवासियों पर मैर्त्स के बयान पर विपक्ष नाराज

फ्रीडरिष मैर्त्स और अहमद अल शरा
मैर्त्स ने कहा था कि वो जर्मनी में रह रहे 80 फीसदी सीरियाई नागरिकों को वापस भेजना चाहते हैंतस्वीर: Lisi Niesner/REUTERS

जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स द्वारा सीरियाई प्रवासियों की वापसी को लेकर दिए गए एक बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है. सोमवार को सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की मेजबानी के दौरान मैर्त्स ने कहा कि वे जर्मनी में रह रहे 9 लाख से अधिक सीरियाई नागरिकों में से 80 फीसदी को अगले तीन सालों के भीतर वापस सीरिया भेजना चाहते हैं.

तानाशाही के अंत के बाद सीरिया में कैसे हो रहा पहला चुनाव

मैर्त्स ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता उन लोगों को वापस भेजने की होगी जिन्होंने जर्मनी में कानून तोड़ा है. गृहयुद्ध से जूझ रहे सीरिया की स्थिति पर मैर्त्स ने कहा कि युद्ध समाप्त होने के एक साल से अधिक समय बाद अब सीरिया में स्थितियां मौलिक रूप से बेहतर हुई हैं. हालांकि पिछले साल वहां सांप्रदायिक हिंसा की कुछ घटनाएं हुई थीं, लेकिन अब वापसी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.

जर्मनी से सीरिया लौट रहे हैं शरणार्थी लेकिन संख्या कम

विपक्षी दलों ने चांसलर मैर्त्स के इस बयान की तीखी आलोचना की है. ग्रीन पार्टी की नेता फ्रांजिस्का ब्रांटनर ने मैर्त्स पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने यह संख्या बस "हवा में चुन ली" है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2015 में शरणार्थी के रूप में आए कई सीरियाई नागरिक अब जर्मनी की जड़ों में गहराई से रच-बस गए हैं. मैर्त्स को न केवल विपक्ष, बल्कि अपनी ही गठबंधन सरकार के भीतर से भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

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इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत ने ₹71 अरब के 29 प्रस्ताव मंजूर किए को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत ने ₹71 अरब के 29 प्रस्ताव मंजूर किए

Computertechnologie 2021 | Nahaufnahme eines Computerchips auf einer Leiterplatte
भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम के तहत 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी तस्वीर: Patrick Daxenbichler/Zoonar/picture alliance


भारत सरकार ने 30 मार्च को इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम के तहत 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनमें कुल 71.04 अरब रुपये का निवेश शामिल है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन प्रोत्साहन योजनाओं का मकसद घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करना, स्थानीय उत्पादन क्षमता बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है.

सरकार ने बताया कि जिन प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है, वे मोबाइल निर्माण, दूरसंचार, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव और हार्डवेयर उत्पादों से जुड़े हैं. डिक्सन टेक्नोलॉजीज की एक इकाई को डिस्प्ले मॉड्यूल के निर्माण की अनुमति मिली है, जबकि लोहुम क्लीनटेक को दुर्लभ पृथ्वी (रेयर अर्थ) परमानेंट मैग्नेट के उत्पादन की मंजूरी दी गई है, जो देश में इस श्रेणी का पहला प्रोजेक्ट होगा. मंत्रालय ने कहा कि यह उत्पादन रेयर अर्थ ऑक्साइड से किया जाएगा.

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वित्त वर्ष 2025 में 125 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है, और सरकार का लक्ष्य इसे 2031 तक 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का है. हाल ही में ऐसी रिपोर्टें भी आयी हैं कि मोबाइल फोन उत्पादन से जुड़े प्रमुख प्रोत्साहन कार्यक्रम की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार नए प्रोत्साहनों पर विचार कर रही है, जिससे एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

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जियोस्टार ने बांग्लादेश में आईपीएल प्रसारण समझौता तत्काल प्रभाव से रद्द किया को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

जियोस्टार ने बांग्लादेश में आईपीएल प्रसारण समझौता तत्काल प्रभाव से रद्द किया

Indian Premier League 2025 | Chennai Super Kings vs. Kolkata Knight Riders |
जियोस्टार ने बांग्लादेश में इंडियन प्रीमियर लीग के प्रसारण समझौते को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया हैतस्वीर: ANI Photo

भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी जियोस्टार ने बांग्लादेश में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के प्रसारण समझौते को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है. कंपनी ने अपने स्थानीय साझेदार टीस्पोर्ट्स पर तय समयसीमा में भुगतान न करने का आरोप लगाया है. जियोस्टार का यह कदम ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश सरकार आईपीएल प्रसारण पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा कर रही है, लेकिन प्रसारण समझौते की समाप्ति से भले ही प्रतिबंध हट जाए, देश में इस सीजन के लिए कोई प्रसारक उपलब्ध नहीं होगा.

बांग्लादेश में जनवरी में आईपीएल का प्रसारण तब रोक दिया गया था जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देश पर बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिज़ुर रहमान को टीम से बाहर कर दिया था. उस समय दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव भी बढ़ रहा था, खासकर ढाका में अगस्त 2024 के सत्ता परिवर्तन और एक हिंदू व्यक्ति की हत्या की घटना के बाद. हालांकि हाल के हफ्तों में संकेत मिले हैं कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने के लिए तैयार है.

जियोस्टार ने न सिर्फ आईपीएल बल्कि महिलाओं की प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के प्रसारण समझौते को भी समान भुगतान विवाद का हवाला देते हुए समाप्त कर दिया है. आईपीएल, जिसकी कीमत लगभग 18.5 अरब डॉलर आंकी जाती है, बांग्लादेश के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बेहद लोकप्रिय है और इसका नया सीजन 28 मार्च से शुरू हो चुका है.

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बिहार के मंदिर में मची भगदड़, 8 लोगों की मौत, दर्जनों घायल को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

बिहार के मंदिर में मची भगदड़, 8 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

Indien Bihar 2026 | Massenpanik am Mata-Sheetla-Tempel in Nalanda fordert acht Tote
बिहार के नालंदा जिले में एक मंदिर में भगदड़ मच गईतस्वीर: IANS

बिहार के नालंदा जिले में 31 मार्च की सुबह एक मंदिर में भगदड़ मच गई. खबरों के मुताबिक, इस घटना में आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं. यह हादसा नालंदा जिले के बिहार शरीफ से लगभग पांच किलोमीटर दूर मघड़ा गांव में स्थित प्रसिद्ध माता शीतला मंदिर में हुआ.

चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण माता शीतला के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कतार में आगे निकलने की होड़ और अत्यधिक भीड़ के कारण अचानक अव्यवस्था फैल गई और देखते-ही-देखते भगदड़ मच गई. 

बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की बात कही. उप मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत पहुंचा रही है. घायलों के समुचित इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है. स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम न होने और पुलिस बल की कमी का आरोप लगाया है. प्रशासन ने मामले की जांच करने और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लेने की बात कही है.

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लेबनान में इस्राएल के चार सैनिक मारे गए को स्किप करें
३१ मार्च २०२६

लेबनान में इस्राएल के चार सैनिक मारे गए

बेन्यामिन नेतन्याहू
नवंबर 2024 में इस्राएल और हिज्बुल्लाह के बीच एक साल तक चली लड़ाई के बाद युद्ध विराम हुआ थातस्वीर: Ronen Zvulun/AFP/Getty Images

दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ जारी भीषण जंग के बीच मंगलवार, 31 मार्च को इस्राएली रक्षा बल (आईडीएफ) ने पुष्टि की है कि दक्षिणी लेबनान में जमीनी अभियान के दौरान उसके चार सैनिक मारे गए हैं.

आईडीएफ के बयान के मुताबिक, 30 मार्च की शाम पश्चिमी सेक्टर में ऑपरेशन के दौरान हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के साथ उनकी आमने-सामने की मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में दो अन्य सैनिक घायल भी हुए हैं.

लेबनान के रक्षा मंत्री मिशेल मेनासा ने जानकारी दी है कि इस्राएली सैनिक सीमा से करीब आठ किलोमीटर अंदर तक घुस चुके हैं. इस्राएल का कहना है कि यह कार्रवाई हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए की जा रही है, ताकि उत्तरी इस्राएल के निवासियों को सुरक्षित वापस लाया जा सके.

नवंबर 2024 में इस्राएल और हिज्बुल्लाह के बीच एक साल तक चली लड़ाई के बाद युद्ध विराम हुआ था. लेकिन करीब एक महीने पहले ईरान और अमेरिका-इस्राएल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद हिज्बुल्लाह ने फिर से हमले शुरू कर दिए, जिससे यह समझौता टूट गया. तब से अब तक, लेबनान में इस्राएली हमलों में 1,200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

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