गुमशुदा पायलट की तलाश के लिए ईरान और अमेरिका की होड़
४ अप्रैल २०२६
एक नाटकीय घटनाक्रम में, ईरान की सेना अपने ही भूभाग में लापता हुए एक अमेरिकी पायलट की तलाश में जुटी है. अमेरिका भी अपने गुमशुदा पायलट को खोजकर सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है, इससे पहले कि वह ईरानी सेना के हाथ लगे.
बीते दिन, यानी 3 अप्रैल को युद्ध के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में ईरान ने अमेरिका के दो सैन्य विमान गिराए गए. इनमें से एक A-10 कॉम्बैट प्लेन होर्मुज जलडमरुमध्य के पास गिराया गया. वहीं दूसरा F-15E जेट ईरान में गिरा. इस लड़ाकू विमान में दो पायलट थे. अमेरिका मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएस स्पेशल फोर्सेज ने एक क्रू मेंबर को बचा लिया और दूसरा पायलट अब भी लापता है. उसकी तलाश के लिए अमेरिकी सेना एक सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है.
एक ओर जहां अमेरिका अपने पायलट को सुरक्षित वापस लाने में जुटा है, वहीं ईरानी सेना भी उसे खोज रही है. ईरान की रेवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में जहां अमेरिकी विमान गिरा, उस इलाके को खंगाला जा रहा है. खबरों के मुताबिक, ईरानी सेना ने इस गुमशुदा पायलट को खोजने पर इनाम की भी घोषणा की है. ईरान में एक स्थानीय सरकारी सैनल पर एक रिपोर्टर ने एलान किया कि जो कोई भी पायलट को जिंदा पकड़ेगा, उसे "एक कीमती इनाम मिलेगा."
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर कलीबाफ ने ट्रंप प्रशासन की 'हंसी उड़ाते' हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "ईरान को एक के बाद एक लगातार 37 बार हराने के बाद, ये जो शानदार बिना रणनीति (नो-स्ट्रैटजी) का युद्ध उन्होंने शुरू किया था, वो अब डाउनग्रेड होकर सत्ता परिवर्तन से 'कोई हमारे पायलटों को खोज सकता है क्या? प्लीज?' पर पहुंच गया है. वाह, क्या अद्भुत प्रगति है. एकदम जीनियस."
ट्रंप ने कहा था, ईरान को "पूरी तरह तबाह" कर दिया
यह संभावना कि एक जिंदा अमेरिकी सैन्य पायलट ईरान में है, सुरक्षित बचकर भागने की कोशिश कर रहा है, और ईरानी सेना उसे खोज रही है, इसने फिलहाल अमेरिका पर दबाव बढ़ा दिया है. समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि F-15 के मामले में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने टिप्पणी नहीं दी है. मगर, वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लैविट ने इतना कहा, "राष्ट्रपति को जानकारी दे दी गई है."
एनबीसी से बात करते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि जेट को गंवाना ईरान के साथ वार्ता पर असर नहीं डालेगा, "नहीं, बिल्कुल नहीं. नहीं, यह युद्ध है." हालांकि, जब एक इंटरव्यू में उनसे सवाल पूछा गया कि अगर ईरान ने पायलट को खोज लिया तो अमेरिका क्या करेगा, ट्रंप ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा नहीं होगा."
ट्रंप और उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, दोनों दावा करते रहे हैं कि अमेरिकी फोर्सेज ने आसमान पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया है. बल्कि, बस दो ही दिन पहले ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि पलटवार करने की ईरान क्षमता "पूरी तरह तबाह" कर दी गई है. मगर, मौजूदा घटना दिखाती है कि तमाम दावों के बावजूद ईरान के हवाई क्षेत्र में अब भी अमेरिकी और इस्राएली विमानों के लिए खतरा बना हुआ है.
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद मार्च महीने में कुवैत के ऊपर भी अमेरिका के तीन F-15 गिराए गए थे. लेकिन यूएस सेंट्रल कमांड ने इस घटना को "फ्रेंडली फायर इंसिडेंट" बताया था. खबरों के अनुसार, 20 साल से भी अधिक समय में यह पहला मौका है जब दुश्मन के वार ने अमेरिकी सैन्य विमान को गिराया हो. इससे पहले 2003 में अमेरिकी लड़ाकू विमान को इराक में मार गिराया गया था.