जर्मनी में गर्म करके क्यों पीते हैं वाइन!
जर्मनी में दिसंबर के साथ नत्थी है, क्रिसमस मार्केट. और, इन मार्केटों के साथ जुड़ा है एक खास तरह का पेय 'ग्लूवाइन.' ये एक गर्म, मीठे स्वाद की मसालेदार वाइन होती है. ग्लूवाइन या 'मल्ड वाइन' यूरोपीय परंपरा का हिस्सा है.

सांस्कृतिक विरासत हैं क्रिसमस बाजार
यूरोप के कई देशों में क्रिसमस बाजार लगते हैं, लेकिन ये परंपरा जर्मनी में शुरू हुई. नाम से लग सकता है मानो बस एक सूखा सा बाजार लगता होगा, जहां चीजें खरीदी-बेची जाती होंगी. मगर, ये अपनी तबीयत में मेला है जिसमें कई किस्म के दुकानों की सजधज रहती है. पारंपरिक पकवान, हस्तकला के सामान, झूला, रोशनी, क्रिसमस की सजावट, और ग्लूवाइन.
गर्म वाइन
ग्लूवाइन, जर्मन क्रिसमस मार्केटों का स्थायी हिस्सा है. हालांकि, ठंडे मौसम का यह खास पेय बस जर्मनी तक सीमित नहीं है. ग्लूवाइन, दरअसल 'मल्ड वाइन' का एक प्रकार है. जर्मनी के बाहर गर्म वाइन का ही प्रचलित नाम है, मल्ड वाइन. केम्ब्रिज डिक्शनरी के मुताबिक, 'मल्ड' का मतलब ही है मीठा और मसाले डालकर वाइन या बीयर को गर्म करना.
क्या है मल्ड वाइन का इतिहास
वाइन को मसालों का जायका देकर पीने का चलन पुराना है. इसका ही एक प्राचीन ग्रीक नाम था, हिप्पोक्रास. मसालों के स्वाद के साथ घुले हिप्पोक्रास को रेड या वाइट वाइन से बनाते थे. लफब्रो यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाइबिल की 'सॉन्ग ऑफ सोलोमन' नामक कविता में भी इसका जिक्र है. इस पंक्ति का हिन्दी अनुवाद यूं है: मैं तुम्हें अपने अनार से बना स्पाइस्ड वाइन पीने को दूंगा.
कैसे बनता है ग्लूवाइन
रेड वाइन से बना ग्लूवाइन सबसे आम है. वाइन में चीनी, शहद या मीठा सीरप डालकर मसाले के साथ गर्म करते हैं. कोई एक मसाला तय नहीं है. दालचीनी, लौंग, दगद फूल, जायफल, जावित्री, अदरक, काली मिर्च जैसे कई तरह के मसाले इस्तेमाल किए जाते हैं. संतरा और नींबू जैसे सिट्रस फल, या उनका छिलका भी डाला जाता है. जगह, परंपरा और प्रयोगधर्मिता के हिसाब से इसकी कई रेसिपी और प्रकार हो सकते हैं.
रोमनों से भी है संबंध
मसालों की मौजूदगी इसे अलग खुशबू देती है. सारा रीज, लफब्रो यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी भाषा की लेक्चरर हैं. मल्ड वाइन के इतिहास और साहित्य-लिखित स्रोतों में इसके जिक्र का उल्लेख करते हुए 'दी कन्वर्सेशन' पर उन्होंने एक लेख लिखा. इसके मुताबिक, मल्ड वाइन को ब्रिटेन पहुंचाने का श्रेय रोमनों को जाता है. कुछ प्राचीन रोमन पाक कला की किताबों में भी इसका उल्लेख मिलता है.
क्या इसमें अल्कोहल होता है?
हां, आमतौर पर इसके पारंपरिक संस्करणों में अल्कोहल होता है. हालांकि, बिना अल्कोहल वाले भी कुछ विकल्प हैं जो फलों के रस में स्पाइस का फ्लेवर देकर बनाए जाते हैं.